
IndiGo Share Price: एविएशन रेगुलेटर डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने विमानन करंपनी इंडिगो की पैरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन पर ₹22 करोड़ का जुर्माना लगाया है। इसके बावजूद आज इंडिगो के शेयर 4% से अधिक उछल पड़े। इसके शेयरों में यह तेजी इस कारण आई क्योंकि वैश्विक ब्रोकरेज फर्म जेफरीज के एनालिस्ट्स ने पिछले महीने भारी पैमाने पर फ्लाइट कैंसिलेशन की तुलना में जुर्माने को काफी कम बताया। इस कारण इंडिगो के शेयरों को झटका नहीं लगा और फिलहाल बीएसई पर यह 3.97% की बढ़त के साथ ₹4926.65 पर है। इंट्रा-डे में यह 4.12% के उछाल के साथ ₹4933.95 तक पहुंच गया था। बता दें कि डीजीसीए ने इंडिगो को अपने सिस्टम में लॉन्ग टर्म सुधारों को सुनिश्चित करने के लिए ₹50 करोड़ की बैंक गारंटी भी जमा करने का निर्देश दिया है।
कितनी फ्लाइट कैंसल या डिले हुई थी IndiGo की?
डीजीसीए के मुताबिक पिछले महीने 3-5 दिसंबर के बीच इ़ंडिगो की 2,507 उड़ानें रद्द हुई थीं और 1,852 उड़ानों में देरी हुई। इससे देश भर के एयरपोर्ट्स पर 3 लाख से अधिक यात्री प्रभावित हुए। यह पायलटों के लिए नए फ्लाइट ड्यूटी नॉर्म्स को लागू करने में पर्याप्त तैयारी नहीं होने के चलते हुआ था, जिसके लिए कंपनी को पिछले महीने 10 फरवरी तक की राहत दी गई थी। इस मामले में मैनेजमेंट के स्ट्रक्चर और ऑपरेशनल कंट्रोल की खामियों को भी जिम्मेदार ठहराया गया। इसके टलते पिछले महीने इंडिगो के शेयर 14.2% टूट गए थे जो अक्टूबर 2024 के बाद सबसे बड़ी गिरावट थी।
अब इस मामले में डीजीसीए ने इंडिगो पर ₹22 करोड़ का जुर्माना लगाया है और साथ ही अपने सिस्टम में लॉन्ग टर्म सुधारों को सुनिश्चित करने के लिए ₹50 करोड़ की बैंक गारंटी भी जमा करने का निर्देश दिया है। इंडिगो पर जो जुर्माना लगाया, वह किसी एयरलाइन पर लगाए गए सबसे अधिक जुर्माने में से एक है और डीजीसीए के बाकी फैसले भी काफी बड़े हैं।
क्या कहना है DGCA का?
डीजीसीए ने 5 दिसंबर 2025 से 10 फरवरी 2026 तक नियमों के नॉन-कंप्लॉयंस को लेकर इंडिगो पर ₹20.40 करोड़ का जुर्माना लगाया है यानी कि हर दिन के हिसाब से ₹30 लाख का जुर्माना। कंपनी पर जो जुर्माना लगा है, वह वित्त वर्ष 2025 के सालाना मुनाफे के 0.31% के बराबर है। डीजीसीए का कहना है कि इंडिविजुअल एंफोर्समेंट एक्शंस के अलावा एयरक्राइफ्ट रूल्स, 1937 के रूल 133ए के तहत जारी निर्देशों के नॉन-कंप्लॉयंस को लेकर इंडिगो एयरलाइंस पर एकमुश्त जुर्माना लगाया गया है। डीजीसीए ने सीनियर एग्जीक्यूटिव्स को चेतावनी जारी की और ऑपरेशंस कंट्रोल प्रमुख को हटाने का निर्देश दिया है। डीजीसीए की जांच में पाया गया है कि पिछले साल पायलट के आराम और ड्यूटी के सख्य नियम लागू होने के बाद एयरलाइन में कई खामियां थीं।
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