IndiGo Shares: सात दिनों में 17% की गिरावट से उबरा शेयर, इन दो वजहों से लौटे निवेशक – indigo share price tries to recover after seven-day losing streak what should investors do check target price amid dgca receives response



IndiGo Share Price: भारतीय एविएशन मार्केट में 65% मार्केट शेयर वाली कंपनी इंडिगो की पैरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन ने जब बड़े पैमाने पर फ्लाइट कैंसल किया तो शेयरों को करारा झटका लगा। लगातार सात कारोबारी दिनों में शेयरों में करीब 17% की गिरावट के साथ निवेशकों के ₹40 हजार करोड़ से अधिक डुबाने के बाद आज शेयरों ने रिकवरी की कोशिश की। हालांकि इस तेजी का कुछ निवेशकों ने फायदा उठाया जिससे इसकी बढ़त खत्म हो गई। फिलहाल बीएसई पर यह 0.36% की गिरावट के साथ ₹4909.05 के भाव पर है। इंट्रा-डे में यह 1.44% उछलकर ₹4982.95 तक पहुंच गया था। इसके शेयरों में यह रिकवरी ऐसे समय में आई जब ब्रोकरेज फर्मों का बुलिश रुझान बना हुआ है और विमानन कंपनी ने मौजूदा स्थिति को लेकर डीजीसीए को अपना पक्ष भेजा है।

क्या कहना है ब्रोकरेज फर्मों का?

वैश्विक ब्रोकरेज फर्म बोफा सिक्योरिटीज ने ₹6600 के टारगेट प्राइस पर इंडिगो को खरीदारी की रेटिंग दी है। हालांकि ब्रोकरेज फर्म ने फ्लाइट कैंसिलेशन के चलते दिसंबर 2025 तिमाही में नेट इनकम के अनुमान में 9% की कटौती कर दी है। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि फिक्स्ड खर्चों और फ्लाइट कैंसिलेशन से जुड़े खर्चों के दबाव में यूनिट कॉस्ट बढ़ रहा है। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि वर्ष 2026 से रोस्टर के सख्त नियमों से पायलट की हायरिंग करनी पड़ेगी और इससे कंपनी का खर्च करीब 10% बढ़ सकता है। ब्रोकरेज फर्म ने वित्त वर्ष 2026-28 के कमाई के अनुमान को 7% घटा दिया है जिससे टारगेट प्राइस में भी हल्की कटौती हुई है।

एक और ब्रोकरेज फर्म गोल्डमैन सैक्स ने घरेलू मार्केट में मजबूत स्थिति और हल्के कॉस्ट-स्ट्रक्चर के चलते ₹5700 के टारगेट प्राइस पर खरीदारी की रेटिंग को बरकरार रखी है। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि वित्त वर्ष 2027 में पायलटों पर बढ़े हुए खर्च और नियमों में बदलाव का असर इंडिगो पर दिख सकता है। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि फ्लाइट कैंसिलेशन से जुड़ी दिक्कतों के बाद कंपनी क्या करती है, इस पर बारीकी से नजर रखी जाएगी। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि बढ़ते बेड़े और भारत में तेजी से बढ़ते पर्यटन की संभावना के चलते इंडिगो अब भी मजबूत बनी हुई है। हालांकि मौजूदा स्थितियों के बाद ब्रोकरेज फर्म ने इसका टारगेट प्राइस ₹6000 से घटाकर ₹5,700 कर दिया है। ब्रोकरेज फर्म का अनुमान है कि इंडिगो के खिलाफ नियामकीय कार्रवाई को लेकर जब तक स्थिति स्पष्ट नहीं होती है, शेयरों में उठा-पटक बनी रहेगी।

इंडिगो ने भेजा कारण बताओ नोटिस पर जवाब

एविएशन रेगुलेटर डीजीसीए ने भारी पैमाने पर फ्लाइट कैंसिलेशन के बाद शो कॉज नोटिस जारी किया था, जिस पर इंडिगो ने जवाब भेजा है। एयरलाइन कंपनी का कहना है कि सटीक कारणों को अभी तय करना संभव नहीं है और उसने पूरी रूट कॉज एनालिसिस पूरी करने के लिए और समय मांगा है। विमानन कंपनी ने कुछ शुरुआती वजहों का उल्लेख किया है जैसे कि मामूली तकनीकी दिक्कतें, विंटर शेड्यूल में बदलाव, मौसम की खराब परिस्थितियां, सिस्टम कंजेशन और FDTL Phase II के तहत क्रू रोस्टरिंग से जुड़ी चुनौतियां। वहीं कंपनी का यह भी कहना है कि पायलट से जुड़े रेस्ट नॉर्म्स के चलते ऑपरेशनल दिक्कतों को लेकर यह पहले से ही डीजीसीए से चर्चा कर रही है और उसमें बदलाव या विस्तार की मांग कर रही थी। इंडिगो का कहना है कि दिसंबर की शुरुआत में ही सभी दिक्कतों ने मिलकर ऑन-टाइम परफॉरमेंस पर असर डालना शुरू कर दिया था और आखिरकार इसका क्रू की उपलब्धता पर भी असर पड़ा। 5 दिसंबर को विमान कंपनी ने नेटवर्क रीबूट का कठोर फैसला लिया और बड़े पैमाने पर फ्लाइट कैंसल की।

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