IndiGo को ₹1,180 करोड़ का लग सकता है झटका, फ्लाइट कैंसिलेशन मामले में DGCA का बड़ा एक्शन – dgca order against indigo putting the airline total financial exposure at over rs 1180 crore



देश के एविएशन रेगुलेटर, डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने दिसंबर महीने के दौरान इंडिगो की उड़ानों में बड़े पैमाने पर आई रुकावटों को लेकर शुक्रवार 16 जनवरी को एयरलाइन के खिलाफ अपना फाइनेंशियल एनफोर्समेंट ऑर्डर जारी किया। इस आदेश के बाद IndiGo पर कुल मिलाकर ₹1,180 करोड़ से ज्यादा का वित्तीय असर पड़ने का अनुमान है। इसमें जुर्माना, यात्रियों को मुआवजा, टिकट रिफंड और अनुपालन से जुड़े सुरक्षा उपाय शामिल हैं।

DGCA ने लगाया ₹22.20 करोड़ का जुर्माना

DGCA ने फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) नियमों के लगातार उल्लंघन और सिस्टमेटिक खामियों के लिए इंडिगो पर ₹22.20 करोड़ का आर्थिक जुर्माना लगाया है। इसमें ₹1.80 करोड़ का एकमुश्त सिस्टमेटिक फाइन और 68 दिनों तक जारी गैर-अनुपालन के लिए ₹20.40 करोड़ की अतिरिक्त पेनल्टी शामिल है।

₹50 करोड़ की बैंक गारंटी भी अनिवार्य

जुर्माने के अलावा, DGCA ने इंडिगो को इंडिगो सिस्टेमैटिक रिफॉर्म एश्योरेंस स्कीम (ISRAS) के तहत ₹50 करोड़ की बैंक गारंटी जमा करने का निर्देश दिया है। यह गारंटी तब तक ब्लॉक रहेगी, जब तक रगेुलेटर यह सत्यापित नहीं कर लेता कि एयरलाइन ने निगरानी, मैनपावर प्लानिंग, रोस्टरिंग सिस्टम और डिजिटल ऑपरेशनल रेज़िलिएंस से जुड़े सुधारों को पूरी तरह लागू कर दिया है। यह राशि चरणबद्ध तरीके से ही रिलीज होगी।

यात्रियों को मुआवजा सबसे बड़ा खर्च

इंडिगो पर सबसे बड़ा वित्तीय बोझ यात्रियों से जुड़े खर्चों का है। एयरलाइन ने कहा है कि वह दिसंबर अव्यवस्थाओं के दौरान गंभीर रूप से प्रभावित यात्रियों को ₹500 करोड़ से अधिक का मुआवजा देगी। इनमें वे यात्री शामिल हैं जिनकी उड़ानें प्रस्थान से 24 घंटे के भीतर रद्द हुईं और जो हवाई अड्डों पर फंसे रह गए थे।

इसके अलावा, कंपनी ने 3 से 5 दिसंबर 2025 के बीच जिन यात्रियों की उड़ानें रद्द हुईं या तीन घंटे से ज्यादा देरी हुई, उन्हें ₹10,000 का “Gesture of Care” वाउचर देने की भी घोषणा की है, जो 12 महीनों तक वैध रहेगा।

₹610 करोड़ के टिकट रिफंड

इंडिगो ने यह भी बताया कि 7 दिसंबर तक वह ₹610 करोड़ के टिकट रिफंड यात्रियों को उनके मूल पेमेंट माध्यम से लौटा चुकी है। कंपनी ने संकेत दिया है कि यह आंकड़ा आगे और बढ़ सकता है, क्योंकि 7 दिसंबर के बाद प्रोसेस हुए रिफंड अभी इसमें शामिल नहीं हैं।

हालांकि रिफंड सीधे तौर पर मुनाफे पर असर नहीं डालते, लेकिन यह कैश फ्लो पर भारी दबाव जरूर बनाते हैं।

कुल वित्तीय असर ₹1,180 करोड़ के पार

कुल मिलाकर, इंडिगो का सीधा प्रॉफिट-एंड-लॉस असर ₹522 करोड़ से अधिक का बनता है। इसमें कंपनसेशन और पेनल्टी शामिल हैं, जबकि रिफंड और बैंक गारंटी को शामिल करने से कुल फाइनेंशियल नुकसान ₹1,180 करोड़ से ज़्यादा हो जाता है। अंतिम आंकड़ा और अधिक होने की संभावना है क्योंकि एडिशनल रिफंड को भी शामिल किया गया है।

DGCA ने सुधारों पर दिया जोर

DGCA ने अपने आदेश में माना कि दिसंबर की अव्यवस्थाओं के बाद IndiGo की ऑपरेशनल रिकवरी काफी तेज रही और कम समय में उड़ानें सामान्य स्तर पर लौट आईं। नियामक ने फिलहाल किसी अतिरिक्त दंडात्मक कार्रवाई से इनकार किया है और कहा है कि आगे की निगरानी सुधारों के अनुपालन से जुड़ी रहेगी, न कि नए जुर्मानों से।

DGCA के मुताबिक, दिसंबर की समस्याओं की जड़ ओवर-ऑप्टिमाइजेशन, अपर्याप्त रोस्टर बफर और प्लानिंग व मैनेजमेंट ओवरसाइट की कमी थी। नियामक ने दोहराया कि ऐसी घटनाओं का दोहराव रोकने के लिए एयरलाइन को स्थायी और गहरे सिस्टमेटिक सुधार करने होंगे।

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