
Gems and jewelry stocks : अमेरिका में भारत के हीरे और जेवर की डिमांड पहले से है। अब टैरिफ कम होने से इस सेक्टर में फिर से चमक लौटेगी। अमेरिका में जेम्स एंड ज्वेलरी का एक्सपोर्ट आगे कितना बढ़ेगा, इसकी बात करें तो पूरी दुनिया में सालाना सब से अधिक जेम्स एंड ज्वैलरी के खरीदार के रूप में आज भी अमेरिका का ही नाम है। अमेरिका में सालाना 30 अरब डॉलर के हीरे जेवर की डिमांड का 30 फीसदी हिस्सा भारत से जाता था, लेकिन अमेरिका के 50 फीसदी टैरिफ के चलते हमारी निकास 50 फीसदी तक गिर गई थी। अब 18% टैरिफ से भारत से एक्सपोर्ट काफ़ी बढ़ेगा।
गोल्डसूक एंटरप्राइज के डायरेक्टर भौमिक धोलकिया ने कहा कि हम अब कनाडा के बाद अमेरिका में एक्सपोर्ट करेंगे। वहीं, GJTCI के पूर्व सलाहकार भरत सोनी का कहना है कि भारत अब अमेरिका को 25 फीसदी अतिरिक्त जेम्स ज्वेलरी निर्यात कर सकता है।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि ट्रंप के टैरिफ लगाने के बाद भारत से डायमंड 60% और ज्वैलरी निर्यात 30% गिर गया था। अब पुराने एक्सपोर्ट को जल्द ही हांसिल कर के निर्यात में हम 25% इज़ाफ़ा भी कर सकते है। मंदी के कारण बंद पड़े हीरो के कारखाने फिर से शुरू हो सकते है। हीरा और जेवर फिर से अपनी खोई हुई चमक पा सकते है।
इस बीच सीएनबीसी-आवाज़ के साथ बात करते हुए वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि कूटनीतिक स्तर पर ट्रेड डील से बड़ा संदेश गया है। ट्रेड डील के बाद दोनों देशों के संबंध मजबूत हुए हैं। डील दोनों देशों के लोग और बिजनेस को जोड़ेगी। US के निवेश के साथ दुनिया का निवेश भी बढ़ेगा। यह भारतीय कंपनियों के लिए एक स्वर्णिम दौर होगा। अब जेम्स, ज्वेलरी पर जीरो ड्यूटी लगेगी। गोल्ड ज्वेलरी पर ड्यूटी घटकर अब 18% होगी।
जेम्स और ज्वेलरी स्टॉक्स में जोरदार तेजी
भारत और अमेरिका बीच ट्रेड डील होने के खबर के चलते 9 फरवरी को ट्रेडिंग में जेम्स और ज्वेलरी स्टॉक्स के शेयरों में तेज़ी आई। इससे यह कन्फर्म हो गया कि भारतीय जेम्स और हीरों के एक्सपोर्ट पर अमेरिकी रेसिप्रोकल टैरिफ को घटाकर ज़ीरो कर दिया जाएगा। आज गोल्डियम इंटरनेशनल के शेयर 17 प्रतिशत से ज़्यादा बढ़कर 428.75 रुपये प्रति शेयर पर तक जाते दिखे। वहीं, कल्याण ज्वेलर्स इंडिया के शेयर 16 प्रतिशत से ज़्यादा बढ़कर 442.95 रुपये प्रति शेयर पर पहुंच गए।
राजेश एक्सपोर्ट्स 5 प्रतिशत बढ़कर अपर सर्किट पर पहुंच गया,जबकि त्रिभुवनदास भीमजी ज़वेरी के शेयरों में 7 प्रतिशत से ज़्यादा की तेज़ी आई। टाइटन कंपनी के शेयर 3 प्रतिशत बढ़कर अपने रिकॉर्ड ऊंचे स्तर के करीब पहुंच गए,जबकि सेन्को गोल्ड के शेयरों में 8 प्रतिशत से ज़्यादा की बढ़त हुई। थंगामयिल ज्वेलरी के शेयरों में 9 प्रतिशत से ज़्यादा की तेज़ी आई।
एंजल वन का कहना है कि इस डील से टेक्सटाइल, जेम्स एंड ज्वेलरी और गारमेंट्स जैसे ज़्यादा लेबर की जरूरत वाले सेक्टर्स को सबसे ज़्यादा फ़ायदा होने की संभावना है।
RBL बैंक की चीफ़ इकोनॉमिस्ट अनीता रंगन का कहना है कि टेक्सटाइल,जेम्स एंड ज्वेलरी,चमड़े का सामान,हस्तशिल्प,खिलौने,ऑटो कंपोनेंट्स सेक्टर एक्सपोर्ट के लिहाज़ से अहम हैं। इनमें लोगों को बड़ी मात्रा में रोजगार भी मिलता है क्योंकि इनमें ज़्यादा लेबर की ज़रूरत होती है। इनमें से हर सेक्टर के लिए अमेरिका और EU के साथ हुई डील डबल पॉज़िटिव हैं, क्योंकि इससे नए जोश के साथ एक्सपोर्ट बढ़ाने के नए रास्ते खुलेंगे।
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