
Indian Energy Exchange (IEX) के शेयरों में मंगलवार, 6 जनवरी को जोरदार तेजी देखने को मिली। कारोबार के दौरान शेयर करीब 13 प्रतिशत तक उछलकर ₹153.5 पर पहुंच गया। यह उछाल Electricity Appellate Tribunal (APTEL) की ओर से मार्केट कपलिंग नियमों पर की गई अहम टिप्पणियों के बाद आया।
मार्केट कपलिंग पर APTEL की सख्त टिप्पणी
CNBC-TV18 की रिपोर्ट के मुताबिक, APTEL ने सुनवाई के दौरान कहा, ‘हमें बताया गया कि यह (मार्केट कपलिंग ऑर्डर) कुछ अधिकारियों को फायदा पहुंचाने के लिए किया गया। इन नियमों को बनाने में काफी दिखावा और नाटकीयता नजर आई।’
इन टिप्पणियों के बाद बाजार में यह उम्मीद बनी कि मार्केट कपलिंग नियमों पर दोबारा विचार हो सकता है, जिसका सीधा फायदा IEX के शेयर को मिला।
IEX के वकील ने क्या दलील दी
IEX की ओर से पेश वकील ने ट्रिब्यूनल में कहा, ‘SEBI की इनसाइडर ट्रेडिंग से जुड़ी जांच को अलग रखें, तब भी मार्केट कपलिंग का ऑर्डर गलत है और इसे रद्द किया जाना चाहिए।’
APTEL ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 9 जनवरी की तारीख तय की है और संकेत दिया है कि उसी दिन केस का निपटारा भी हो सकता है।
शेयर प्राइस और ट्रेडिंग वॉल्यूम में जबरदस्त हलचल
6 जनवरी को IEX का शेयर 9 प्रतिशत की तेजी के साथ ₹146.8 पर बंद हुआ। यह निफ्टी कैपिटल मार्केट्स इंडेक्स का टॉप गेनर रहा। इस दिन 2.36 करोड़ से ज्यादा शेयरों का कारोबार हुआ, जो पिछले 30 दिनों के औसत वॉल्यूम से करीब चार गुना ज्यादा है।
मजबूत वॉल्यूम ग्रोथ से भी मिला सपोर्ट
IEX के शेयरों में तेजी की एक वजह यह भी रही कि अक्टूबर से दिसंबर तिमाही के दौरान एक्सचेंज पर कुल बिजली कारोबार 11.9 प्रतिशत बढ़कर 34.08 बिलियन यूनिट पहुंच गया।
हालांकि, इसी तिमाही में रिन्यूएबल एनर्जी सर्टिफिकेट्स (REC) का कारोबार घटकर 18.63 लाख रहा। यह सालाना आधार पर 29.8 प्रतिशत की गिरावट है।
CERC के मार्केट कपलिंग नियम क्या हैं
23 जुलाई 2025 को सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (CERC) ने मार्केट कपलिंग लागू करने के निर्देश जारी किए थे। ये नियम पावर मार्केट रेगुलेशंस, 2021 के तहत लाए गए थे।
इन निर्देशों के बाद अगले ही दिन IEX के शेयरों में करीब 30 प्रतिशत की भारी गिरावट देखने को मिली थी।
मार्केट कपलिंग कैसे काम करती है
बिजली एक्सचेंज पर दो प्रमुख सेगमेंट होते हैं, डे-अहेड मार्केट (DAM) और रियल-टाइम मार्केट (RTM)।
CERC के आदेश के मुताबिक, जनवरी 2026 से Grid-India सभी पावर एक्सचेंजों से बोली (bids) इकट्ठा करेगा और एक सिंगल यूनिफाइड प्राइस जारी करेगा। इसी प्रक्रिया को डे-अहेड मार्केट कपलिंग कहा जाता है। इस सिस्टम में सभी एक्सचेंजों पर बिजली की कीमत एक जैसी होगी।
IEX की मजबूत स्थिति क्यों खतरे में आई थी
फिलहाल बिजली कारोबार IEX, Power Exchange of India और Hindustan Power Exchange of India पर होता है। IEX की बाजार हिस्सेदारी करीब 85 प्रतिशत है और डे-अहेड व रियल-टाइम मार्केट जैसे अहम सेगमेंट में इसका दबदबा है।
मार्केट कपलिंग लागू होने के बाद खरीदार और विक्रेता किसी एक एक्सचेंज को चुनने के लिए प्रेरित नहीं होंगे, क्योंकि कीमत हर जगह एक जैसी होगी। इससे IEX का प्रतिस्पर्धात्मक फायदा कम हो सकता है।
IEX और इनसाइडर ट्रेडिंग मामला
अक्टूबर 2025 में SEBI ने IEX के शेयरों में इनसाइडर ट्रेडिंग के आरोप में आठ संस्थाओं को बाजार से प्रतिबंधित किया था। SEBI ने इनसे ₹173.14 करोड़ की कथित अवैध कमाई भी जब्त की थी।
SEBI के Whole-Time Member कमलेश वार्ष्णेय ने अपने अंतरिम आदेश में कहा था कि इन संस्थाओं को CERC के आदेश से जुड़ी अनपब्लिश्ड प्राइस-सेंसिटिव इन्फॉर्मेशन (UPSI) तक पहुंच थी। उसी आधार पर उन्होंने ट्रेडिंग की।
अब निवेशकों को क्या करना चाहिए
अब निवेशकों की नजर 9 जनवरी को होने वाली APTEL की सुनवाई पर रहेगी। अगर ट्रिब्यूनल मार्केट कपलिंग नियमों पर राहत देता है, तो IEX के शेयरों में आगे भी तेज हलचल देखने को मिल सकती है। वहीं, अगर नियम बरकरार रहते हैं, तो शेयर पर दोबारा दबाव बन सकता है।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।