
Hindustan Zinc Shares: हिंदुस्तान जिंक के शेयरों में आज 15 दिसंबर को लगातार पांचवें कारोबारी दिन तेजी देखने को मिली। वेदांता ग्रुप की इस कंपनी के शेयर 2 प्रतिशत से ज्यादा चढ़कर नए 52-वीक हाई पर पहुंच गए। इस बीच ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने भी इस स्टॉक पर कवरेज शुरू करते हुए इसे ‘खरीदें (Buy)’ की रेटिंग दी है।
हिंदुस्तान जिंक के शेयर सोमवार को कारोबार के दौरान 571.80 रुपये तक पहुंच गए, जो इसका नया 52-वीक हाई है। हालांकि, बाद में हल्की मुनाफावसूली के चलते शेयर कुछ नीचे आया। पिछले 5 कारोबारी दिनों में हिंदुस्तान जिंक के शेयर करीब 17 प्रतिशत तक चढ़ चुके हैं।
जेफरीज ने दिया 660 रुपये का टारगेट
ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने हिंदुस्तान जिंक के शेयरों पर कवरेज शुरू करते हुए 660 रुपये प्रति शेयर का टारगेट प्राइस दिया है। यह शेयर के पिछले बंद भाव 561.65 रुपये के मुकाबले करीब 17.5 से 18 प्रतिशत की संभावित तेजी को दिखाता है। जेफरीज का मानना है कि कंपनी सिल्वर और जिंक की बढ़ती कीमतों से बड़ा फायदा हो रहा है।
साथ ही, ब्रोकरेज को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2026 और वित्त वर्ष 2027 में कंपनी के अर्निंग प्रति शेयर (EPS) में क्रमशः 22 परसेंट और 29 परसेंट की मजबूत दर से बढ़ोतरी होगी। हालांकि FY28 में यह घटकर 7 परसेंट रह सकती है।
ब्रोकरेज ने कहा, “साल 2025 में स्पॉट मार्केट में चांदी की कीमतें दोगुनी होकर करीब 62 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच चुकी हैं। हिंदुस्तान जिंक को उम्मीद है कि 2026 में भी ग्लोबल चांदी मार्केट में सप्लाई की कमी रहेगी।”
जेफरीज का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2026 की दूसरी छमाही से लेकर वित्त वर्ष 2028 तक चांदी की कीमतें 56 से 60 डॉलर प्रति औंस के दायरे में रह सकती हैं, जो मौजूदा स्पॉट कीमतों से 3 से 10 प्रतिशत कम हैं।
हालांकि, हिंदुस्तान जिंक ने वित्त वर्ष 2026 की दूसरी छमाही के लिए अपनी चांदी उत्पादन का करीब 37 प्रतिशत हिस्सा 37 डॉलर प्रति औंस पर हेज कर रखा है। ऐसे में चांदी की ऊंची कीमतों का पूरा फायदा वित्त वर्ष 2027 से मिलने की उम्मीद है, जिससे कंपनी के EBITDA में बड़ा उछाल आ सकता है।
ब्रोकरेज का मानना है कि मजबूत कैश फ्लो और रिटर्न ऑन इक्विटी (RoE) कंपनी के पक्ष में बने रहेंगे। जेफरीज ने यह भी कहा कि EBIT में चांदी की बढ़ती हिस्सेदारी के चलते हिंदुस्तान जिंक का मौजूदा वैल्यूएशन जायज है। स्टॉक फिलहाल वित्त वर्ष 2027 के अनुमानित एंटरप्राइज वैल्यू टू EBITDA के आधार पर 9.2 गुना पर कारोबार कर रहा है, जो इसके लॉन्ग-टर्म औसत 7.3 गुना से ऊपर है।
हालांकि, जेफरीज ने कुछ जोखिमों की ओर भी इशारा किया है। इनमें चांदी या जिंक की कीमतों में गिरावट, खदानों की गुणवत्ता में कमी, 2030 के बाद खदानों के नवीनीकरण से जुड़े मुद्दे और किसी भी तरह की प्रतिकूल संबंधित पार्टी से जुड़ी घटनाएं शामिल हैं।
क्यों बढ़ रहे हिंदुस्तान जिंक के शेयर?
हिंदुस्तान जिंक के शेयरों में हालिया तेजी की सबसे बड़ी वजह चांदी की कीमतों में आया जबरदस्त उछाल है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोमवार को चांदी के फ्यूचर्स भाव 2 प्रतिशत से ज्यादा चढ़े, जबकि इससे पहले के सत्र में चांदी ने नए रिकॉर्ड स्तर छुए थे। मार्च डिलीवरी वाली चांदी के वायदा भाव शुक्रवार को पहली बार 2 लाख रुपये प्रति किलो के पार पहुंचे थे। पिछले हफ्ते अंतरराष्ट्रीय स्पॉट मार्केट में भी चांदी ने 60 डॉलर प्रति औंस का स्तर पार किया था।
हिंदुस्तान जिंक देश में चांदी का उत्पादन करने वाली सबसे बड़ी कंपनी है और कंपनी 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाली रिफाइंड सिल्वर का उत्पादन करती है। ऐसे में चांदी की ऊंची कीमतों का सीधा फायदा कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन पर पड़ने की उम्मीद है।
शेयर का हाल
शेयर के प्रदर्शन पर नजर डालें तो मार्च 2025 में बनाए गए 378.15 रुपये के 52-वीक लो से यह शेयर अब तक नौ महीनों में 51 प्रतिशत से ज्यादा चढ़ चुका है। हालांकि, इसके बावजूद हिंदुस्तान जिंक का शेयर अभी भी अपने जनवरी 2011 के ऑल-टाइम हाई 1,443 रुपये के स्तर से करीब 60 प्रतिशत से अधिक नीचे है।
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