
HDB Financial Shares: HDB फाइनेंशियल सर्विसेज के शेयर आज शुक्रवार 16 जनवरी के कारोबार में निवेशकों की नजरों में बने रह सकते हैं। कंपनी के दिसंबर तिमाही के नतीजों कई ब्रोकरेज हाउसों ने इसके शेयर की रेटिंग में कटौती की है और कई ने टारगेट प्राइस घटाने का भी फैसला किया है। ऐसे में एचडीएफसी बैंक की इस सब्सिडियरी कंपनी के शेयरों पर आज के कारोबार में खास नजर बनी रहेगी।
HDB फाइनेंशियल ने दिसंबर तिमाही में शुद्ध मुनाफे में सालाना आधार पर 36% की बढ़ोतरी दर्ज की। कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹472 करोड़ से बढ़कर ₹644 करोड़ हो गया। यह सुधार मुख्य रूप से क्रेडिट कॉस्ट में कमी और एसेट क्वालिटी के स्थिर रहने से संभव हुआ।
तिमाही के दौरान क्रेडिट कॉस्ट 20 बेसिस प्वाइंट घटकर 2.5% रहा, जबकि नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) में 14–15 बेसिस प्वाइंट की तिमाही आधार पर बढ़ोतरी दर्ज की गई। हालांकि, मैनेजमेंट और मार्केट एनालिस्ट्स का मानना है कि निकट और मध्यम अवधि में मार्जिन में और बड़ी बढ़ोतरी की गुंजाइश सीमित है।
लोन ग्रोथ और एसेट क्वालिटी
अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में कंपनी ने डबल डिजिट लोन ग्रोथ दर्ज की, जिसे त्योहारी सीजन की मांग और कंजम्पशन से जुड़े टैक्स कट्स से सहारा मिला। इसके बावजूद, कुल लोन ग्रोथ 12.2% रही, जो पिछली तिमाही के 13% से कम है।
कंपनी के एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) सालाना आधार पर 12% बढ़े, जबकि नेट इंटरेस्ट इनकम 22.1% की छलांग के साथ ₹2,285 करोड़ पहुंच गई। फंडिंग कॉस्ट पर दबाव कम होने से NII को सपोर्ट मिला।
एसेट क्वालिटी की बात करें तो 90 दिन से ज्यादा बकाया वाले ग्रॉस स्टेज-3 लोन कुल लोन बुक का 2.81% रहे, जो सितंबर तिमाही के स्तर पर ही स्थिर है। हालांकि, स्टेज-2 एसेट्स में हल्की बढ़ोतरी देखने को मिली, जिससे क्रेडिट कॉस्ट में क्रमिक नरमी आई।
बनी हुई हैं कुछ चिंताएं
ब्रोकरेज रिपोर्ट्स के मुताबिक, क्रेडिट कॉस्ट अभी भी कंपनी के नॉर्मलाइज्ड स्तर (करीब 2%) से ऊपर है। इसके अलावा, डिस्बर्समेंट्स में सालाना आधार पर सिर्फ 10% की बढ़ोतरी हुई, जो मैनेजमेंट के 18–20% CAGR के लोन ग्रोथ लक्ष्य से काफी कम है। एसेट फाइनेंस और एंटरप्राइज लेंडिंग सेगमेंट में सुस्ती और ऊंचे रिपेमेंट्स के चलते कुल लोन ग्रोथ दबाव में रही।
ब्रोकरेज फर्मों की राय
मोतीलाल ओसवाल ने स्टॉक पर अपनी ‘Neutral’ रेटिंग बरकरार रखते हुए टारगेट प्राइस ₹815 रखा है। ब्रोकरेज का कहना है कि मौजूदा वैल्यूएशन में मीडियम टर्म ग्रोथ की उम्मीदें पहले से शामिल हैं और वह लोन ग्रोथ में बेहतर एग्जीक्यूशन तथा रिटर्न रेशियो में स्ट्रक्चरल सुधार के संकेत देखना चाहती है।
वहीं, एमके ग्लोबल ने HDB फाइनेंशियल की रेटिंग को ‘Buy’ से घटाकर ‘Reduce’ कर दिया है और टारगेट प्राइस 12% घटाकर ₹750 कर दिया। ब्रोकरेज ने दिसंबर तिमाही के नतीजों और मैनेजमेंट के बयानों को देखते हुए FY26–28 के लिए AUM ग्रोथ अनुमान 2–4% घटाया है और क्रेडिट कॉस्ट के अनुमान को थोड़ा बढ़ाया है। इसके चलते कंपनी के EPS अनुमानों में भी 5–6% की कटौती की गई है।
एमके ग्लोबल ने चेतावनी दी कि अगर व्हीकल फाइनेंस और अनसिक्योर्ड सेगमेंट में दबाव बना रहता है तो निकट अवधि में स्टॉक में और गिरावट का जोखिम है। ब्रोकरेज का मानना है कि जब तक ग्रोथ और प्रॉफिटेबिलिटी एक साथ बेहतर नहीं होती, तब तक स्टॉक के री-रेटिंग की गुंजाइश नहीं है।
शेयर का हाल
HDB फाइनेंशियल सर्विसेज के शेयर बुधवार को 0.37% की गिरावट के साथ ₹764.75 पर बंद हुए। यह कंपनी का लिस्टिंग के बाद तीसरा तिमाही नतीजा था। जुलाई में बाजार में लिस्ट होने के बाद, पिछले दो तिमाहियों में कंपनी को बढ़ते बैड लोन (NPAs) के चलते मुनाफे में गिरावट का सामना करना पड़ा था।
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