Gold-Silver Price: इंटरनेशनल मार्केट में चांदी क्रैश, 10% तक गिरा दाम; सोना भी हुआ सस्ता – gold silver price today silver crashes 10 percent in international market as strong us dollar and rising bond yields weigh on bullion



Gold-Silver Price: मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ रहा है, लेकिन इसके बावजूद चांदी की कीमतों में तेज गिरावट देखी जा रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी करीब 80 डॉलर के आसपास ट्रेड कर रही है। मंगलवार को इसमें लगभग 10 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। भारत में आज बाजार बंद हैं और MCX बुधवार को स्पॉट रेट जारी करेगा। माना जा रहा है कि भारत में भी बुधवार को सोना और चांदी कमजोर स्तर पर खुल सकते हैं।

तेल की कीमतों में उछाल, सोना भी दबाव में

मंगलवार को तेल की कीमतों में करीब 9 प्रतिशत की तेजी आई और ब्रेंट क्रूड करीब 85 डॉलर के आसपास पहुंच गया। इसके उलट सोने की कीमतों पर दबाव बना रहा। सोना 5,111 डॉलर प्रति औंस से नीचे फिसल गया, जो करीब 4 प्रतिशत की गिरावट है। हालांकि, बाद में सोने और चांदी दोनों कुछ रिकवरी दिखी। शाम 6.35 तक चांदी 7% और सोना करीब 1.55% गिरावट के साथ ट्रेड कर रहा था।

आमतौर पर भू राजनीतिक तनाव के समय सोना और चांदी जैसी सेफ हेवन संपत्तियों में तेजी आती है। लेकिन इस बार मजबूत अमेरिकी डॉलर और बढ़ती ट्रेजरी यील्ड ने इस मांग को कमजोर कर दिया। चांदी ने पिछले सत्र की गिरावट को और बढ़ाया क्योंकि डॉलर की मजबूती और ऊंची बॉन्ड यील्ड ने निवेशकों का रुख बदल दिया।

डॉलर इंडेक्स की मजबूती का असर

हाल के दिनों में अमेरिकी डॉलर इंडेक्स मजबूत हुआ है, जिससे सोना और चांदी की मांग घटती दिख रही है। यह इंडेक्स छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की ताकत को मापता है और पिछले पांच दिनों में 1.4 प्रतिशत चढ़ा है। 96 तक गिरने के बाद अब यह 100 के स्तर के करीब पहुंच गया है, जो मई 2025 के बाद पहली बार देखा जा रहा है।

जब डॉलर मजबूत होता है तो आम तौर पर सोने की कीमतें दबाव में आती हैं। वजह साफ है। निवेशक मजबूत डॉलर के समय डॉलर से जुड़ी एसेट को ज्यादा पसंद करते हैं, जबकि सोना और चांदी ब्याज नहीं देते।

ऊर्जा कीमतें और फेड की नीति

डॉलर की मजबूती की एक बड़ी वजह मिडिल ईस्ट संघर्ष के कारण बढ़ती ऊर्जा कीमतें हैं। ईंधन महंगा होने से महंगाई की चिंता बढ़ती है। इससे बॉन्ड यील्ड ऊपर जाती है क्योंकि बाजार यह सोचने लगता है कि फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में कटौती करने में देरी कर सकता है।

फेड की दर नीति भी सोने की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाती है। अगर फेड आक्रामक दर कटौती करता है तो सोने को सहारा मिलता है। लेकिन अगर ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची बनी रहती हैं तो सोने पर दबाव बढ़ता है। फिलहाल अगली रेट कट की उम्मीद जुलाई से खिसककर सितंबर पर पहुंच गई है। 2026 में अभी भी दो बार 25 बेसिस पॉइंट की कटौती की संभावना जताई जा रही है।

मिडिल ईस्ट तनाव और होर्मुज की चिंता

इस बीच अमेरिका की ओर से ईरान पर सैन्य कार्रवाई बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक मिसाइल उत्पादन इकाइयों, ड्रोन और नौसैनिक ठिकानों को निशाना बनाया जा सकता है। एक ईरानी अधिकारी ने चेतावनी दी है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों को भी निशाना बनाया जा सकता है। पहले से ही बढ़े हुए सुरक्षा जोखिम के कारण टैंकर यातायात प्रभावित है।

अब तस्वीर यह है कि भू राजनीतिक तनाव बढ़ रहा है, तेल महंगा हो रहा है, लेकिन मजबूत डॉलर और ऊंची बॉन्ड यील्ड ने फिलहाल सोना और चांदी की चमक फीकी कर दी है।

Disclaimer:हां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।



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