
Gold and Silver ETFs : 4 फरवरी की ट्रेडिंग में सोने और चांदी के एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) में तेज बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। कीमती धातुओं की कीमतों में भी तेज़ी आई है। इससे इनके ETFs भी भागे हैं। हालांकि, इससे पहले ETFs और इन कीमती धातुओं कीमतों में तेज गिरावट आई थी। गातार जारी रिकवरी के बावजूद सोना-चांदी के साथ ही उनके ETFs अभी भी इस साल जनवरी के आखिर में हासिल किए गए अपने लाइफटाइम हाई पर वापस नहीं पहुंच पाए हैं। हालांकि सोने-चांदी में रिकवरी जारी है। सिल्वर ETF आज 9% तक भागा है।
सोने और चांदी में तेज़ी
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज ऑफ इंडिया (MCX) पर अप्रैल एक्सपायरी वाले सोने के वायदा का भाव सुबह के ट्रेडिंग ऑवर में 4.5 प्रतिशत से ज़्यादा बढ़कर 1,60,755 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया था। वहीं, जून और अगस्त एक्सपायरी वाले कॉन्ट्रैक्ट्स में भी लगभग 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई थी। इसी तरह मार्च एक्सपायरी वाले चांदी का वायदा भाव 6 प्रतिशत बढ़कर 2,84,094 रुपये प्रति किलोग्राम पर दिख रहा था। वहीं, मई और जुलाई एक्सपायरी वाले कॉन्ट्रैक्ट्स में 6 प्रतिशत और 5 प्रतिशत की तेज़ी आई थी।
गोल्ड-सिल्वर ETFs पर एक नजर
टाटा सिल्वर ETF में करीब 9 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखने को मिली है। जबकि, कोटक सिल्वर ETF में करीब 8 परसेंट की बढ़ोतरी हुई है। सुबह 10.30 बजे तक, निप्पॉन इंडिया सिल्वर ETF, ICICI प्रूडेंशियल सिल्वर ETF, SBI सिल्वर ETF, आदित्य बिड़ला सन लाइफ ETF और UTI सिल्वर ETF में से हर एक में 7 प्रतिशत से ज़्यादा की बढ़ोतरी देखने को मिल रही थी।
ग्रोव सिल्वर ETF, HDFC सिल्वर ETF, ज़ेरोधा सिल्वर ETF और अन्य में से हर एक में करीब 7 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। जबकि एडलवाइस सिल्वर ETF में करीब 9 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
द वेल्थ कंपनी गोल्ड ETF में करीब 7 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। जबकि क्वांटम गोल्ड ETF और एडलवाइस गोल्ड ETF में से हर एक में 5 फीसदी से ज़्यादा की बढ़ोतरी हुई है। चॉइस गोल्ड ETF, मोतीलाल ओसवाल गोल्ड ETF, DSP गोल्ड ETF, एक्सिस MF गोल्ड ETF, टाटा गोल्ड ETF, यूनियन गोल्ड ETF, ज़ेरोधा गोल्ड ETF, LIC MF गोल्ड ETF, SBI गोल्ड ETF, इन्वेस्टको इंडिया गोल्ड ETF, निप्पॉन इंडिया ETF गोल्डबीज़ और अन्य में से हर एक में 4 फीसदी से ज़्यादा की बढ़ोतरी हुई है।
अपडेट जारी……………
डिस्क्लेमर:मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।