Gold ETF: निवेशकों ने दिसंबर 2025 में गोल्ड ईटीएफ में किया 11000 करोड़ से ज्यादा निवेश, क्या आपने किया? – gold etf investors invest rupees 11000 crore in gold etf in december have you invested



गोल्ड ईटीएफ में निवेश दिसंबर में 2025 की रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया। इसकी वजह गोल्ड में इनवेस्टर्स की बढ़ती दिलचस्पी है। निवेशक स्टैबिलिटी और लंबी अवधि के लिए गोल्ड में निवेश कर रहे हैं। दिसंबर 2025 में गोल्ड में निवेश बढ़कर 11,646 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। यह नवंबर में 3,742 करोड़ रुपये के निवेश की तुलना में काफी ज्यादा है। अगस्त और सितंबर में भी गोल्ड ईटीएफ में निवेश में उछाल देखने को मिला था।

इस साल अप्रैल और मई में गोल्ड ईटीएफ में निवेश सुस्त था। जून के बाद बाद से निवेश बढ़ना शुरू हुआ। अक्तूबर में गोल्ड ईटीएफ में निवेश 7,743.19 करोड़ रुपये रहा। सितंबर में 8,363 करोड़ रुपये था। नवंबर में निवेश में थोड़ा कंसॉलिडेशन देखने को मिला। दिसंबर 2025 में गोल्ड ईटीएफ का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) 1,27,890 करोड़ रुपये था। दिसंबर 2025 में दो गोल्ड ईटीएफ लॉन्च हुए। बंधन एएमसी और द वेल्थ कंपनी ने गोल्ड ईटीएफ से करीब 20 करोड़ रुपये जुटाए।

एक्सपर्ट्स का कहना है कि गोल्ड ईटीएफ में इनवेस्टर्स की दिलचस्पी बढ़ने की कई वजहें हैं। इनमें वैश्विक अनिश्चितता, मॉनेटरी पॉलिसी में नरमी और ईटीएफ में इंस्टीट्यूशननल पार्टिसिपेशन शामिल हैं। मिरै एसेट इनवेस्टमेंट मैनेजर्स (इंडिया) की हेड और डिस्ट्रिब्यूशन एंड स्ट्रेटेजिक अलायंस सुरंजना बोरठाकुर ने कहा, “गोल्ड के लिए पिछला एक साल शानदार रहा है। गोल्ड ईटीएफ में शुद्ध निवेश एक साल पहले के मुकाबले 4 गुना हो गया है।”

उन्होंने कहा कि गोल्ड को सिर्फ हेजिंग के रूप में नहीं देखा जा रहा है बल्कि यह लंबी अवधि के लिहाज से इनवेस्टर्स के पोर्टफोलियो का हिस्सा बन रहा है। कई इनवेस्टर्स को अब एसेट ऐलोकेशन में गोल्ड जरूरी लगने लगा है। मॉर्निंगस्टार इनवेस्टमेंट रिसर्च इंडिया के प्रिंसिपल रिसर्च हिमांशु श्रीवास्तव ने कहा कि भारत में निवेशक अब गोल्ड ईटीएफ को फिजिकल गोल्ड के विकल्प के रूप में देख रहे हैं। खासकर इक्विटी और बॉन्ड मार्केट्स में उतार-चढ़ाव की वजह से इसमें दिलचस्पी बढ़ी है।

उन्होंने कहा कि पिछले कई महीनों में गोल्ड की कीमतों में जबर्दस्त उछाल से भी गोल्ड से जुड़े प्रोडक्ट्स में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी है। इससे गोल्ड ईटीएफ में नया निवेश देखने को मिल रहा है। इस निवेश से इस कैटेगरी में स्ट्रक्चरल ग्रोथ भी देखने को मिली है। फोलियो की संख्या और एसेट अंडर मैनेजमेंट बढ़ा है। कई इनवेस्टर्स इनफ्लेशन, मौजूदा उतारचढ़ाव और ग्लोबल मैक्रो रिस्क को देखते हुए अपने पोर्टफोलियो का डायवर्सिफिकेशन कर रहे हैं। इसके लिए वे गोल्ड ईटीएफ में निवेश कर रहे हैं।



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