
कैपिटल मार्केट रेगुलेटर SEBI ने 12 एंटिटीज को 5 साल के लिए सिक्योरिटीज मार्केट से बैन कर दिया है। फ्रंट-रनिंग में शामिल होने के लिए उन पर कुल 90 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। सेबी ने इन एंटिटीज को 45 दिनों के अंदर इनवेस्टर प्रोटेक्शन एंड एजुकेशन फंड में 1.07 करोड़ रुपये का गैर-कानूनी मुनाफा, जॉइंट में और अलग-अलग, जमा करने का भी निर्देश दिया है। इस जुर्माने को 12 प्रतिशत सालाना ब्याज के साथ जमा करना होगा।
फ्रंट-रनिंग ट्रेडिंग की एक अवैध प्रैक्टिस है। इसमें ब्रोकर या एंटिटी को किसी बड़े सौदे या ऑर्डर की अंदरूनी जानकारी पहले से मिल जाती है। उस जानकारी के आधार पर ब्रोकर या एंटिटी अपने क्लाइंट से पहले ही शेयर खरीद या बेच लेते हैं। बाद में डील हो जाने पर और इसके पब्लिक हो जाने पर वे शेयर की कीमत में बदलाव से फायदा कमाते हैं।
102 पेज के अंतिम आदेश में, SEBI ने पाया कि बड़े क्लाइंट मंगल केशव फाइनेंशियल सर्विसेज के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर परेश एन भगत ने अपने डीलर्स- आशीष एस पारेख और राजेश जोशी के माध्यम से ऑर्डर दिए थे। इन डीलर्स के पास नॉन-पब्लिक इनफॉरमेशन (NPI) थी। पारेख और जोशी ने गोपनीय जानकारी नागेंद्र एस दुबे और चिराग अतुल पिथाडिया के साथ शेयर की। इन दो लोगों ने इसका इस्तेमाल बड़े क्लाइंट के आने वाले ऑर्डर से पहले कनेक्टेड एंटिटीज/फ्रंट रनर्स के ट्रेडिंग खातों में ऑर्डर प्लेस करने के लिए किया।
फ्रंट रनर्स में कौन-कौन
फ्रंट-रनर्स में दीपा आशीष पारेख, कश्मीरा जोशी, निखिल हीराचंद जैन, निखिल हीराचंद जैन HUF, अल्पेश हीराचंद जैन HUF, नागेंद्र एस दुबे HUF, और कानूनी वारिसों- जागृति अतुल पिथाडिया और साहिल अतुल पिथाडिया के माध्यम से स्वर्गीय सुषमा नागेंद्र दुबे शामिल हैं। सेबी ने आगे कहा कि बड़े क्लाइंट के आने वाले ऑर्डर्स के बारे में NPI का इस्तेमाल करके फ्रंट-रनिंग ट्रेड करना धोखाधड़ी, हेरफेर और अनुचित ट्रेड प्रैक्टिसेज में आता है।
फ्रंट-रनिंग ट्रांजेक्शन और आरोप साबित होने के चलते सेबी ने 12 एंटिटीज को 26 दिसंबर, 2022 के अंतरिम आदेश की तारीख से लेकर 5 साल के लिए सिक्योरिटीज में डील करने से रोक दिया है। कश्मीरा और राजेश जोशी पर भी 5 साल के लिए बैन लगाया गया है। सेबी ने आशीष, नागेंद्र और चिराग को 4 साल के लिए किसी भी सेबी-रजिस्टर्ड इंटरमीडियरी या कंपनी से जुड़ने से रोक दिया है। राजेश को भी इसी तरह 4 साल के लिए रोका गया है।