
फ्रैक्टल एनालिटिक्स के शेयर 16 फरवरी को कमजोरी के साथ लिस्ट हुए। इससे लिस्टिंग गेंस की उम्मीद वाले निवेशकों को मायूसी हुई। यह शेयर आईपीओ के इश्यू प्राइस से करीब 3 फीसदी की गिरावट के साथ लिस्ट हुआ। बाद में गिरावट और बढ़ गई। 1:54 बजे शेयर 4.82 फीसदी गिरकर 856 रुपये पर चल रहा था।
Fractal Analytics के शेयर एनएसई पर इश्यू प्राइस से 2.67 फीसदी डिस्काउंट यानी 876 रुपये पर लिस्ट हुए। कंपनी ने इश्यू में शेयरों के लिए 857-900 रुपये का प्राइस बैंड तय किया था। 2,834 करोड़ रुपये का यह इश्यू 2.66 गुना सब्सक्राइब हुआ था। यह आईपीओ निवेश के लिए 9 से 11 फरवरी के बीच खुला था।
कंपनी के शेयरों की कमजोर लिस्टिंग में आईटी शेयरों पर दबाव का हाथ हो सकता है। कारोबार के दौरान तो एक समय (11:30 बजे) यह स्टॉक 5.25 फीसदी तक गिर गया था। बाद में यह थोड़ा संभलने में कामयाब रहा। 16 फरवरी को भी आईटी शेयरों पर दबाव देखने को मिला। बीते एक महीने में यह इंडेक्स 16 फीसदी से ज्यादा गिर चुका है।
स्वस्तिका इनवेस्टमार्ट की हेड शिवानी नयाती (वेल्थ) ने कहा कि फ्रैक्टल एनालिटिक्स की मौजूदगी हाई ग्रोथ वाले ग्लोबल एआई और एनालिटिक्स मार्केट में है। लंबी अवधि के निवेशक इस स्टॉक में निवेश बनाए रख सकते हैं। भारत में एआई से जुड़ी लिस्टेड कंपनियां नहीं के बराबर हैं।
भारतीय आईटी कंपनियों के शेयरों में 16 फरवरी को भी गिरावट देखने को मिली। यह आईटी शेयरों में गिरावट का लगातार चौथा दिन था। एक समय तो इंडेक्स 1 फीसदी से ज्यााद गिर गया था। बाद में यह कुछ हद तक संभलने में कामयाब रहा। 2:11 बजे यह 0.97 फीसदी गरकर 32,370 प्वाइंट्स पर था। पिछले चार सत्रों में यह 9.5 फीसदी गिर चुका है। अपने पीक से यह 32 फीसदी नीचे है। दिसंबर 2025 में यह 41,530 के पीक पर था।
दोपहर 2:14 बजे टीसीएस का शेयर 0.31 फीसदी नीचे था। इंफोसिस का शेयर 1.81 फीसदी कमजोर था। एचसीएल टेक का शेयर 0.27 फीसदी कमजोर था। विप्रो में 1.37 फीसदी की कमजोरी थी। नए एआई टूल्स के बढ़ते इस्तेमाल का असर एआई कंपनियों के बिजनेस पर पड़ने की आशंका है। इसका असर आईटी कंपनियों के शेयरों पर दिख रहा है।