
FPI Buy-Sell: दिसंबर तिमाही के दौरान विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने कुछ चुनिंदा कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी तेजी से बढ़ाई। BSE500 की शेयरहोल्डिंग से जुड़े AceEquity के आंकड़ों के मुताबिक, AWL Agri Business, RBL Bank, Swiggy, Canara Bank, Bank of Maharashtra, Hindustan Copper, Aether Industries, Suzlon Energy और Waaree Energies में FPI हिस्सेदारी में 100 से लेकर 700 बेसिस पॉइंट तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
किन कंपनियों से विदेशी निवेशकों ने दूरी बनाई
वहीं दूसरी ओर, Varun Beverages, Colgate-Palmolive (India), Computer Age Management Services (CAMS), Hindustan Aeronautics (HAL) और Five-Star Business Finance जैसे शेयरों में FPIs ने कम से कम 100 बेसिस पॉइंट की कटौती की। इसके अलावा NCC, Havells India और Thermax में भी विदेशी हिस्सेदारी घटी है।
BSE500 में FPI निवेश का ओवरऑल ट्रेंड
आंकड़े बताते हैं कि BSE500 की 92 कंपनियों में से केवल 38 कंपनियों में ही FPIs ने अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई या बरकरार रखी। दिसंबर महीने में FPIs ने भारतीय शेयर बाजार से ₹22,611 करोड़ की शुद्ध बिकवाली की।
अक्टूबर में वे ₹14,610 करोड़ के शुद्ध खरीदार थे, लेकिन नवंबर में रुख बदलते हुए ₹3,765 करोड़ की बिकवाली की गई। पूरी दिसंबर तिमाही में FPIs ने कुल ₹11,766 करोड़ की इक्विटी बेची।
AWL Agri Business में सबसे बड़ी बढ़त
AWL Agri Business (पहले अदाणी विल्मर) में FPI हिस्सेदारी सितंबर तिमाही के 14.11 फीसदी से बढ़कर दिसंबर में 21.15 फीसदी हो गई। यानी इसमें 704 बेसिस पॉइंट की बड़ी बढ़ोतरी हुई। इसी दौरान म्यूचुअल फंड्स ने भी इसमें अपनी हिस्सेदारी 64 बेसिस पॉइंट बढ़ाकर 9.01 फीसदी कर ली।
RBL Bank में विदेशी और घरेलू निवेश दोनों मजबूत
RBL Bank में FPI हिस्सेदारी 15.49 फीसदी से बढ़कर 21.91 फीसदी पहुंच गई, यानी तिमाही आधार पर 642 बेसिस पॉइंट की बढ़त। साथ ही, म्यूचुअल फंड्स ने भी अपनी हिस्सेदारी 384 बेसिस पॉइंट बढ़ाकर 34.44 फीसदी कर ली।
Swiggy में बढ़ती संस्थागत दिलचस्पी
Swiggy में दिसंबर तिमाही के अंत में FPI हिस्सेदारी 16.07 फीसदी रही, जो सितंबर में 12.23 फीसदी थी। यानी 384 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी। म्यूचुअल फंड्स ने भी इसमें अपनी हिस्सेदारी 11.89 फीसदी से बढ़ाकर 17.23 फीसदी कर दी।
बैंकों और मेटल शेयरों में भी बढ़त
Canara Bank, Bank of Maharashtra, Hindustan Copper और Aether Industries में FPIs ने 117 से 272 बेसिस पॉइंट तक हिस्सेदारी बढ़ाई। Suzlon Energy में FPI हिस्सेदारी 21.82 फीसदी से बढ़कर 22.84 फीसदी हो गई, जबकि Waaree Energies में यह 6.35 फीसदी से बढ़कर 6.91 फीसदी पहुंची।
जहां सबसे ज्यादा कटौती दिखी
Five-Star Business Finance में FPIs की हिस्सेदारी 55.8 फीसदी से घटकर 52.95 फीसदी रह गई, यानी 285 बेसिस पॉइंट की बड़ी गिरावट। इसके अलावा CAMS, Colgate-Palmolive (India), Varun Beverages, NCC, Havells India, HAL और Thermax में भी 100 से 225 बेसिस पॉइंट तक की कमी दर्ज की गई।
दिसंबर तिमाही के आंकड़े साफ दिखाते हैं कि विदेशी निवेशकों का रुख पूरी तरह चयनात्मक रहा। उनका बैंकिंग, एनर्जी, एग्री-बिजनेस और कुछ इंडस्ट्रियल शेयरों में भरोसा बढ़ा। वहीं, FMCG, डिफेंस और कुछ फाइनेंशियल कंपनियों से उन्होंने दूरी बनाई। इससे संकेत मिलता है कि FPIs फिलहाल सेक्टर और कंपनी-विशेष रणनीति पर ज्यादा फोकस कर रहे हैं, न कि पूरे बाजार पर एकसाथ दांव लगाने पर।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।