
फोर्टिस हेल्थकेयर का प्रदर्शन दिसंबर तिमाही में अच्छा रहा। कंपनी की रेवेन्यू ग्रोथ इस दौरान 17.5 फीसदी रही। मार्जिन एक साल पहले की समान अवधि में 19.5 फीसदी से बढ़कर 22.3 फीसदी हो गया। हालांकि, कंपनी का प्रॉफिट 21.9 गिरा। इसकी वजह 55.2 करोड़ रुपये का एक्सेप्शनल एक्सपेंस है। नए लेबर कोड की वजह से कंपनी को खर्च करना पड़ेगा। इसके बावजूद सिटी ने फोर्टिस हेल्थकेयर के शेयरों को खरीदने की सलाह दी है। ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि कंपनी के शेयरों में 22 फीसदी उछाल आ सकता है।
सिटी ने कहा है कि दिसंबर तिमाही में कंपनी के हॉस्पिटल बिजनेस का प्रदर्शन अच्छा रहा। इसके रेवेन्यू में 19 फीसदी और EBITDA में 29 फीसदी ग्रोथ देखने को मिली। हॉस्पिटल ऑक्युपेंसी 67 फीसदी रही। एवरेज रेट प्रति ऑक्युपायड बेड 2.56 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में यह 2.45 करोड़ था। रेवेन्यू में प्रिवेंटिव पोर्टफोलियो का कंट्रिब्यूशन बढ़कर 12 फीसदी हो गया। एक साल पहले की समान अवधि में यह 10 फीसदी था।
कंपनी ने बताया है कि उसके डायग्नॉस्टिक बिजनेस का प्रदर्शन अच्छा रहा। इस बिजनेस की रेवेन्यू ग्रोथ 8.3 फीसदी और EBITDA ग्रोत 18 फीसदी रही। कंपनी के एमडी और सीईओ आशुतोष रघुवंशी ने कहा है कि प्रमुख स्पेशियलिटीज सेगमेंट की ग्रोथ अच्छी रही है। रेनल साइंसेज की ग्रोथ 27 फीसदी और ऑर्थेपेडिक्स की 20 फीसदी रही है।
फोर्टिस हेल्थकेयर को कवर कर रहे 17 एनालिस्ट्स में से 13 ने इस स्टॉक को खरीदने की सलाह दी है। 4 एनालिस्ट्स ने इसे होल्ड करने की सलाह दी है। 16 फरवरी को कंपनी के शेयरों में हल्की कमजोरी दिखी। 3 बजे यह स्टॉक 0.11 फीसदी गिरकर 915 रुपये पर चल रहा था। बीते एक साल में यह शेयर 49 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है। सिटी ने इस शेयर के लिए 1120 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। 16 फरवरी को मैक्स हेल्थकेयर के शेयर 2.15 फीसदी चढ़कर 1,076 रुपये पर चल रहा था। बीते एक साल में यह शेयर 6 फीसदी चढ़ा है।