Flywings IPO Listing: 90% प्रीमियम पर एंट्री, फिर लोअर सर्किट पर आया ₹191 का शेयर, IndiGo और SpiceJet को सर्विसेज देती है कंपनी – flywings simulator training ipo listing shares debut over 2 percent premium flywings simulator training share price slips to lower circuit indigo spicejet vistara air india



Flywings Simulator Training IPO Listing: देशी-विदेशी एयरलाइंस को ट्रेनिंग प्रोग्राम ऑफर करने वाली फ्लाईविंग्स सिमुलेटर के शेयरों की आज NSE SME पर एंट्री हुई है। इसके आईपीओ को निवेशकों का मिला-जुला रिस्पांस मिला था और खुदरा निवेशकों का हिस्सा पूरा भर भी नहीं पाया था। आईपीओ के तहत ₹191 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज NSE SME पर इसकी ₹195.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 2.09% का लिस्टिंग गेन (Flywings Simulator Training Listing Gain) मिला। हालांकि आईपीओ निवेशकों की खुशी थोड़ी ही देर में फीकी हो गई जब शेयर टूट गए। टूटकर यह ₹193.15 (Flywings Simulator Training Share Price) के लोअर सर्किट पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 80.51% मुनाफे में हैं।

Flywings Simulator Training IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

फ्लाईविंग्स सिमुलेटर ट्रेनिंग का ₹57.05 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 5-9 दिसंबर तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का मिला-जुला रिस्पांस मिला था और खुदरा निवेशकों का हिस्सा पूरा भर भी नहीं पाया था। ओवरऑल यह 1.67 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 1.56 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 3.47 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 0.97 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹47.99 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹10 की फेस वैल्यू वाले 4.74 लाख शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिके हैं। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹35.34 करोड़ पायलट ट्रेनिंग इक्विपमेंट्स के कैपिटल एक्सपेंडिचर और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

Flywings Simulator Training के बारे में

वर्ष 2011 में बनी फ्लाईविंग्स सिमुलेटर ट्रेनिंग सेंटर गुरुग्राम में एविएशन ट्रेनिंग के बिजनेस में है। यह एविएशन प्रोसीजर्स, इन-फ्लाइट सर्विसेज, फर्स्ट एड, सेफ्टी, एमरजेंसी एवैकुएशन, पर्सनैलिटी डेवलपमेंट जैसी कॉमर्शियल एयरक्राफ्ट ट्रेनिंग का काम करती है। इसकी क्लाइंट विस्तारा (Vistara), इंडिगो (Indigo), स्पाइसजेट (SpiceJet), एयर इंडिया (Air India) जैसी घरेलू कंपनियों के साथ हिमालय एयरलाइंस (Himalaya Airlines) और वाओ एयर (WOW Air) जैसी इंटरनेशनल एयरलाइंस भी हैं। यह ए-320 सीईईटी, बोईंग 787 डोर ट्रेनर्स, फायर ट्रेनर्स और वाटर सर्वाइवल ड्रिल्स जैसे एडवांस्ड ट्रेनिंग डिवाइसेज के इस्तेमाल से सेफ्टी और इमरजेंसी प्रोसीजर्स के ट्रेनिंग प्रोग्राम ऑफर करती है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह वित्त वर्ष 2025 में इसे ₹10.92 करोड़ का शुद्ध मुनाफा हुआ था और ₹23.64 करोड़ की टोटल इनकम हासिल हुई थी। चालू वित्त वर्ष 2026 की बात करें तो पहली तिमाही अप्रैल-जून 2025 में कंपनी को ₹1.38 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹4.24 करोड़ की टोटल इनकम हासिल हो चुकी है। जून 2025 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹14.78 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹32.74 करोड़ पड़े थे।

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।



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