FII fund flow 2025 : FIIs ने 2025 में IT, FMCG, पावर स्टॉक्स बेचे, जानिए किन सेक्टर्स पर आया उनका दिल – fiis sold it fmcg and power stocks in 2025 increasing their positions in telecom oil and gas and services sectors



FII fund flow 2025 : NSDL द्वारा जारी डेटा के मुताबिक 2025 तक विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) भारतीय इक्विटी में बड़े सेलर रहे। इन्होंने सबसे ज़्यादा बिकवाली इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, फास्ट-मूविंग कंज्यूमर गुड्स और पावर सेक्टर में की। IT सेक्टर में सबसे ज़्यादा बिकवाली हुई है। इस सेक्टर में विदेशी निवेशकों ने साल के दौरान कुल बिकवाली के 45 प्रतिशत से ज़्यादा या 74,700 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। इसके बाद FMCG सेक्टर रहा, जिसमें कुल बिकवाली के लगभग 22 प्रतिशत या 36,800 करोड़ रुपये के शेयर बेचे गए। जबकि पावर सेक्टर में कुल बिकवाली के लगभग 16 प्रतिशत या 26,500 करोड़ रुपये के शेयर बेचे गए।

विदेशी निवेशकों ने 2025 में नेट 1.66 लाख करोड़ रुपये के शेयर बेचे

कुल मिलाकर, विदेशी निवेशकों ने 2025 में भारतीय बाजारों में नेट 1.66 लाख करोड़ रुपये के शेयर बेचे। इस बिकवाली की वजह वैल्यूएशन का महंगा होना, अर्निंग में कमजोरी, जियोपॉलिटिकल चिंताएं और भारतीय एक्सपोर्ट पर ऊंचे टैरिफ को लेकर बनी चिंता रही। एनालिस्ट्स का कहना है कि ग्लोबल आर्थिक अनिश्चितताओं और विकसित बाजारों में ज़्यादा आकर्षक रिटर्न मिलने की संभावना ने भारत जैसी उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं से लगातार पैसे की निकासी को बढ़ावा दिया, जिससे घरेलू शेयरों पर दबाव बढ़ा।

IT स्टॉक्स में हुई सबसे ज्यादा बिकवाली

IT स्टॉक्स में बिकवाली तेज़ हो गई क्योंकि लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टर्स को इस बात की चिंता होने लगी कि AI की तेज़ी से बढ़ती लोकप्रियता भारतीय टेक्नोलॉजी कंपनियों के रेवेन्यू ग्रोथ पर असर डाल सकती है। AI के प्रति बढ़ते रुझान का संबंध पश्चिमी देशों के मुख्य बाजारों में टेक्नोलॉजी पर होने वाले खर्च में कमी से जोड़ा जा रहा है।

FMCG शेयरों को लगा झटका

FMCG शेयरों में दूसरा सबसे बड़ा आउटफ्लो देखने को मिला है। इसकी वजह महंगाई बढ़ने से खरीदारी की शक्ति में कमी आना, ग्रामीण इलाकों में कमजोर मांग और लोकल ब्रांड्स और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से बढ़ता कॉम्पिटिशन रहा। पावर सेक्टर में भी रेगुलेटरी जोखिम,ऊंचे कर्ज के स्तर और जियोपॉलिटिकल टेंशन के कारण बिकवाली देखी गई।

हेल्थकेयर, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और कंज्यूमर सर्विसेज में भी हुई बिकवाली

इनके अलावा दूसरे सेक्टर जिनमें अच्छी खासी बिकवाली देखने को मिली उनमें हेल्थकेयर, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और कंज्यूमर सर्विसेज शामिल हैं। इनमें क्रमशः 25,000 करोड़ रुपये, 21,370 करोड़ रुपये और 16,500 करोड़ रुपये की बिकवाली हुई। फाइनेंस, रियल्टी और ऑटो सेक्टर में भी 14,900 करोड़ रुपये, 12,645 करोड़ रुपये और 11,900 करोड़ रुपये की एफआईआई बिकवाली देखने को मिली।

टेलीकॉम सेक्टर में हुई मजबूत खरीदारी

बाजार में बड़े पैमाने पर बिकवाली के ट्रेंड के बावजूद, टेलीकॉम सेक्टर एक बड़ा अपवाद बनकर उभरा। मजबूत कैश फ्लो, अर्निंग में रिकवरी और लगातार प्रॉफिटेबिलिटी की उम्मीदों के कारण इस सेक्टर में विदेशी निवेशकों की काफी दिलचस्पी दिखी। इस साल FIIs ने टेलीकॉम सेक्टर में 48,222 करोड़ रुपये से ज़्यादा के शेयर खरीदे।

FIIs की होल्डिंग में हल्की बढ़त

ऑयल और गैस, सर्विसेज़, केमिकल्स, मेटल्स और माइनिंग में भी एफआईआई नेट खरीदार रहे। इनमें लगभग 8,431 करोड़ रुपये, 7,071 करोड़ रुपये, 6,017 करोड़ रुपये और 4,661 करोड़ रुपये का निवेश आया। 2025 में इक्विटी में FIIs की होल्डिंग 4.3 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ दिसंबर 2025 तक 74.27 लाख करोड़ रुपये रही। जबकि एक साल पहले यह 71.19 लाख करोड़ रुपये रही थी।



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