
FII Buynig Stocks: विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) लगातार चुनिंदा भारतीय कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ा रहे हैं। इससे साफ है कि इन कंपनियों की ग्रोथ, कमाई और बिजनेस स्टेबिलिटी को लेकर विदेशी निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है।
जनवरी 2026 में कई स्टॉक्स में FII ने हिस्सेदारी बढ़ाई। आम तौर पर बढ़ती FII हिस्सेदारी को पॉजिटिव मार्केट सेंटिमेंट और बेहतर अर्निंग विजिबिलिटी से जोड़कर देखा जाता है।
Authum Investment & Infrastructure Ltd
Authum Investment निवेश और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के कारोबार में है और रियल एस्टेट, इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स और फाइनेंशियल सर्विसेज जैसे सेक्टर्स में स्ट्रैटेजिक इनवेस्टमेंट करती है। साथ ही यह एसेट मैनेजमेंट और वैल्यू क्रिएशन के अवसरों पर भी फोकस रखती है।
दिसंबर 2025 में FIIs की हिस्सेदारी 14.45 प्रतिशत थी, जो जनवरी 2026 में बढ़कर 14.48 प्रतिशत हो गई। यानी 0.03 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
eClerx एक ग्लोबल बिजनेस प्रोसेस मैनेजमेंट और नॉलेज सर्विसेज कंपनी है। यह एनालिटिक्स, कस्टमर सपोर्ट, डिजिटल और फाइनेंशियल सर्विसेज देती है। कंपनी का फोकस रिटेल, बैंकिंग और टेलीकॉम जैसे सेक्टर्स में क्लाइंट्स की ऑपरेशनल एफिशिएंसी बढ़ाने और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन पर है।
इसमें दिसंबर 2025 में FIIs की हिस्सेदारी 11.39 प्रतिशत थी, जो जनवरी 2026 में बढ़कर 11.44 प्रतिशत हो गई। यानी 0.05 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।
Optiemus Infracom Ltd में भी विदेशी निवेशकों ने धीरे-धीरे अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है। यह कंपनी टेलीकॉम और मोबाइल सॉल्यूशंस के डिस्ट्रीब्यूशन, मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई के कारोबार में है। मोबाइल हैंडसेट्स, एंटरप्राइज सॉल्यूशंस और आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में यह B2B और B2C दोनों सेगमेंट को सर्व करती है।
दिसंबर 2025 में FIIs की हिस्सेदारी 2.61 प्रतिशत थी, जो जनवरी 2026 में बढ़कर 2.72 प्रतिशत हो गई। यानी इसमें 0.11 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
Fineotex Chemical Ltd में FII हिस्सेदारी में अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिली। यह कंपनी स्पेशियलिटी केमिकल्स बनाती और सप्लाई करती है, जिसका बड़ा फोकस टेक्सटाइल, गारमेंट और इंडस्ट्रियल सेक्टर पर है। Fineotex वाटर-बेस्ड कोटिंग्स, फिनिशेज और फंक्शनल केमिकल्स जैसे इनोवेटिव प्रोडक्ट्स पेश करती है, जो टेक्सटाइल और अन्य मटीरियल्स की परफॉर्मेंस बेहतर बनाते हैं।
दिसंबर 2025 में FIIs की हिस्सेदारी 2.53 प्रतिशत थी, जिसे जनवरी 2026 में बढ़ाकर 2.95 प्रतिशत कर दिया गया। यानी 0.42 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।
W S Industries (India) Ltd
सबसे बड़ी और चौंकाने वाली बढ़ोतरी W S Industries (India) Ltd में देखने को मिली। 1961 में स्थापित और चेन्नई स्थित यह कंपनी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट और EPC सेगमेंट में काम करती है। पहले यह इलेक्ट्रो-पोर्सिलेन और इंसुलेटर्स के लिए जानी जाती थी।
लेकिन 2022 में नए मैनेजमेंट के आने के बाद कंपनी ने बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर फोकस बढ़ाया। इसमें इलेक्ट्रिकल सबस्टेशन, ट्रांसमिशन लाइंस और अस्पताल व कमर्शियल बिल्डिंग जैसे सिविल प्रोजेक्ट्स शामिल हैं।
दिसंबर 2025 में FIIs की हिस्सेदारी सिर्फ 0.76 प्रतिशत थी, जो जनवरी 2026 में उछलकर 13.77 प्रतिशत हो गई। यानी एक ही महीने में 13.01 प्रतिशत की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई।
क्या निवेशकों को दांव लगाना चाहिए?
FII हिस्सेदारी बढ़ने का मतलब यह है कि विदेशी निवेशकों को किसी कंपनी के बिजनेस, कमाई और भविष्य की ग्रोथ पर भरोसा बढ़ा है, इसलिए वे उसमें ज्यादा पैसा लगा रहे हैं। आमतौर पर इसे पॉजिटिव सिग्नल माना जाता है, क्योंकि इससे शेयर में स्थिरता, बेहतर लिक्विडिटी और लॉन्ग टर्म में वैल्यू क्रिएशन की उम्मीद बनती है।
हालांकि निवेशकों को सिर्फ FII खरीद के आधार पर फैसला नहीं करना चाहिए। एक्सपर्ट के मुताबिक, सही रणनीति यह है कि कंपनी के फंडामेंटल्स, कमाई की ग्रोथ, कर्ज की स्थिति और सेक्टर के ट्रेंड को भी साथ में देखें और तभी निवेश या होल्ड का फैसला लें।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।