
Excise duty on cigarettes : सिगरेट पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने पर सरकार ने अपनी दलील रखी है। टोबैको इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया (TII) ने सरकार के फैसले पर हैरानी जताते हुए इस पर आपत्ति जताई है। सरकार की क्या है दलील है इस पर ज्यादा डिटेल्स के साथ सीएनबीसी-आवाज के इकोनॉमिक पॉलिसी एडिटर लक्ष्मण रॉय ने बताया कि सरकार की दलील है कि अन्य प्रोडक्ट के मुकाबले सिगरेट पर भारी टैक्स की नीति है। पिछले 7 साल में सिगरेट पर बेसिक एक्साइज ड्यूटी नहीं बढ़ी है।
सरकार ने आगे कहा कि GST से पहले 100 स्टिक पर 1,585-4,170 रुपए तक एक्साइज ड्यूटी थी। GST के बाद 1000 स्टिक पर 5-10 रुपए की अतिरिक्त एक्साइज ड्यूटी लगाई गई। इसपर GST और Compensation सेस लगने लगा।
सरकार की दलील है कि अन्य देशों के मुकाबले भारत में सिगरेट पर ड्यूटी काफी कम है। UK और ऑस्ट्रेलिया में सिगरेट पर 80-85 फीसदी टैक्स लगता है।
ITC का शेयर लगातार दूसरे दिन टूटा
सिगरेट पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ने से ITC लगातार दूसरे दिन टूटा है। यह शेयर दो दिनों में करीब 15 परसेंट फिसल चुका है। कई रेटिंग डाउनग्रेड के कारण आज ITC के शेयर 5% गिरकर 52-हफ्ते के नए निचले स्तर पर दिख रहे हैं। उम्मीद से ज्यादा टैक्स की आशंका से ब्रोकरेज ने ITC को डाउनग्रेड किया है। नुवामा और मोतीलाल ने इसकी रेटिंग और टारगेट घटा दी है।
होटल से लेकर सिगरेट तक का कारोबार करने वाली कंपनी के शेयर शुक्रवार को शुरुआती ट्रेडिंग ऑवर में 345.25 रुपये प्रति शेयर के नए 52-हफ्ते के निचले स्तर पर पहुंच गए। जिससे कल ही बना पिछला रिकॉर्ड लो टूट गया है।
बता दें कि एक फरवरी से सिगरेट पर 40% GST और एडिशनल एक्साइज ड्यूटी के साथ NCCD (NATIONAL CALAMITY CONTINGENT DUTY) भी लगेगी। यह ड्यूटी सिगरेट कैटेगरी के हिसाब से लगती है।