Dividend Stocks: इन 24 शेयरों में डिविडेंड पाने का आज आखिरी मौका, मझगांव डॉक से लेकर हिंदुस्तान कॉपर तक शामिल – dividend stocks from mazagon dock to hindustan copper last chance to get dividend in these 24 stocks



Dividend Stocks: डिविडेंड का इंतजार कर रहे निवेशकों के लिए गुरुवार 12 फरवरी का दिन बेहद अहम रहने वाला है। मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स, हिंदुस्तान कॉपर और महानगर गैस समेत करीब 24 कंपनियों के शेयरों को खरीदने का यह आखिरी मौका है, क्योंकि इसके बाद ये शेयर एक्स-डिविडेंड/रिकॉर्ड डेट पर पहुंच जाएंगे। रिकॉर्ड डेट वही तारीख होती है, जिसके आधार पर तय किया जाता है कि किन शेयरधारकों को डिविडेंड मिलेगा। एक्स-डिविडेंड डेट आमतौर पर रिकॉर्ड डेट के आसपास ही होती है और उसी दिन से शेयर की कीमत डिविडेंड भुगतान को ध्यान में रखते हुए एडजस्ट हो जाती है।

डिविडेंड पाने के लिए क्या है जरूरी?

भारत में T+1 सेटलमेंट साइकिल लागू है। इसका मतलब है कि अगर कोई निवेशक रिकॉर्ड डेट (यहां 13 फरवरी) को शेयर खरीदता है, तो वह डिविडेंड पाने के लिए योग्य नहीं होगा। डिविडेंड का लाभ पाने के लिए निवेशकों के पास 12 फरवरी तक शेयर होना जरूरी है।

मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स ने 7.5 रुपये प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड घोषित किया है। इसके लिए रिकॉर्ड डेट 13 फरवरी तय की गई है और भुगतान 7 मार्च तक किया जाएगा। हिंदुस्तान कॉपर (Hindustan Copper) 1 रुपये प्रति शेयर अंतरिम डिविडेंड देगी। Esab India ने सबसे अधिक 25 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड घोषित किया है। MRF लिमिटेड ने 3 रुपये प्रति शेयर के अंतरिम डिविडेंड को मंजूरी दी है। NMDC लिमिटेड ने 2.5 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड घोषित किया है। महानगर गैस लिमिटेड ने 12 रुपये प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड घोषित किया है।

इनके अलावा BEML, BLS इंटरनेशनल सर्विसेज, गल्फ ऑयल लुब्रिकेंट्स इंडिया, KPR मिल, मिंडा कॉरपोरेशन, सोनाटा सॉफ्टवेयर और VRL लॉजिस्टिक्स जैसी कंपनियां ने भी डिविडेंड का ऐलान किया। इन कंपनियों की पूरी लिस्ट को आप नीचे टेबल में देख सकते हैं-

डिविडेंड क्या होता है और टैक्स कैसे लगता है?

डिविडेंड कंपनी के मुनाफे का वह हिस्सा है, जिसे वह अपने शेयरधारकों में बांटती है। कंपनियां इसे अंतरिम, फाइनल या स्पेशल डिविडेंड के रूप में दे सकती हैं। डिविडेंड की राशि पर टैक्स शेयरधारक के हाथ में लगता है। अब कंपनियां डिविडेंड डिस्ट्रीब्यूशन टैक्स (DDT) नहीं देतीं।

अगर किसी रेजिडेंट व्यक्ति को एक वित्त वर्ष में 5,000 रुपये से अधिक डिविडेंड मिलता है, तो उस पर 10% TDS काटा जाता है। ऐसे में जिन निवेशकों की नजर डिविडेंड इनकम पर है, उनके लिए इन शेयरों में निवेश का यह आखिरी मौका हो सकता है।

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