Commodity call: 4 सालों की ऊंचाई पर पहुंचा एल्युमिनियम का भाव, कहां तक जा सकते है भाव – commodity call aluminum prices reach a 4 year high where can prices go



Commodity call: इंटरनेशनल मार्केट में एल्युमिनियम के दाम 4 सालों की ऊंचाई पर हैं। GCC के बड़े उत्पादकों ने रिफाइनिंग रोकी है। अमेरिका-ईरान युद्ध के सप्लाई में दिक्कतें आई। सप्लाई में दिक्कतें, बदलते हालात का असर देखने को मिला।

एल्युमिनियम और ग्लोबल सप्लाई

GCC से 8–10% एल्युमिनियम सप्लाई होती है। UAE, बहरीन पर ईरान के हमले का खतरा है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों पर हमले हुए। LME एल्युमिनियम इन्वेंट्री लगातार घट रही। ING ने कहा कि 2026 में 6 लाख टन सप्लाई गिरने की आशंका है।

घटा एल्युमिनियम का उत्पादन

कतर एनर्जी ने एल्युमिनियम का उत्पादन रोका है। कुछ दूसरे केमिकल्स का भी उत्पादन रोका है। एल्युमिनियम बहरीन ने भी शिपमेंट रोका है। चीन के बाद एल्युमिनियम बहरीन सबसे बड़ा स्मेल्टर है। एल्युमिनियम के ग्लोबल उत्पादन पर नजर डालें तो चीन में उत्पादन घटकर 45 मिलियन टन संभव है क्योंकि इंडोनेशिया को नया स्मेल्टिंग प्लांट बनाने में दिक्कत आई। ज्यादा एनर्जी लागत के कारण प्लांट बनाने में दिक्कत आई।

कहां तक जा सकते है दाम

एल्युमिनियम की चाल पर नजर डालें तो 1 हफ्ते में इसमें 5 फीसदी का उछाल आया है जबकि 1 महीने में यह 10 फीसदी चढ़ा। वहीं जनवरी 2026 से अब तक इसमें 13 फीसदी की तेजी आई है।

गोल्डमैन सैक्स ने कहा कि उत्पादन एक महीना गिरा तो दाम बढ़ेंगे। दाम $3,600 डॉलर प्रति टन तक पहुंच सकते हैं। वहीं एल्युमिनियम पर सिटी ग्रुप ने 3 महीने के लिए 3600 प्रति डॉलर का लक्ष्य दिया है जबकि बुल केस में एल्युमिनियम का भाव 4,000 प्रति डॉलर तक पहुंच सकता है।



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