
Budget 2026 Expectations : देश में ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग को बूस्ट मिल सकता है। सूत्रों के मुताबिक बजट में नई ड्रोन स्कीम आने की संभावना है। इस पर ज्यादा डिटेल्स के साथ सीएनबीसी-आवाज़ संवाददाता रोहन सिंह ने सूत्रों के हवाले से जानकारी के आधार पर बताया कि बजट में नई ड्रोन स्कीम आने की संभावना है। नागरिक विमानन मंत्रालय ने इस पर एक खास प्रस्ताव रखा है। इसके तहत ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने पर कैपेक्स इंसेंटिव संभव है।
सूत्रों के मुताबिक ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग में R&D (रिसर्च एंड डेवलपमेंट) को भी प्रोत्साहन संभव है। इस स्कीम में ड्रोन कंपोनेंट्स निर्माण पर विशेष जोर हो सकता है। नई योजना पिछली PLI स्कीम की जगह लेगी। इसमें सिर्फ असेंबली नहीं, बल्कि पूरी मैन्युफैक्चरिंग पर फोकस होगा। इसके अलावा एंटी-ड्रोन तकनीक,ड्रोन ऐज ए सर्विस और इसकी लीजिंग को भी मदद मिल सकती है। इस स्कीम में स्वदेशी हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर पर फोकस होगा।
गौरतलब है कि पिछले कुछ सालों में PLI स्कीम ने ड्रोन सेक्टर को काफी सपोर्ट दिया है, लेकिन अब सरकार इसे और बड़े फलक पर ले जाना चाहती है। नई योजना के तहत ड्रोन के पुर्जे जैसे बैटरी, मोटर और सेंसर को भारत में ही बनाने के लिए भारी सब्सिडी दी जा सकती है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जब फरवरी 2026 में बजट पेश करेंगी, तो सबकी नजरें ड्रोन सेक्टर पर टिकी होंगी। सरकार का मानना है कि ड्रोन केवल मनोरंजन या फोटोग्राफी के लिए नहीं है, बल्कि यह खेती, रक्षा, डिलीवरी और आपदा प्रबंधन में गेम-चेंजर साबित हो सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए, बजट 2026 में एक डेडीकेटेड योजना का एलान होने की संभावना है जो न केवल बड़ी कंपनियों को बल्कि छोटे स्टार्टअप्स को भी जरूरी मदद पहुंचाएगी। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले कुछ सालों में भारत में लाखों लोगों को ड्रोन सेक्टर में रोजगार मिले और भारतीय ड्रोन पूरी दुनिया के बाजारों में बिकें।
भारत में ड्रोन बनाने वाली लिस्टेड कंपनियां
IdeaForge, Aarav Unmanned Systems और Skylark Drones जैसी भारतीय कंपनियां ड्रोन डिज़ाइन और मैन्युफैक्चरिंग में इंजीनियर्स और टेक्नीशियन्स हायर करती हैं। Ideaforge Technology मुख्य रूप से मानव रहित हवाई वाहन (UAV) यानी ड्रोन बनाने के बिजनेस में शामिल है। कंपनी के प्रोडक्ट का इस्तेमाल सुरक्षा और निगरानी के लिए किया जाता है। इनके अलावा Hindustan Aeronautics मुख्य रूप से विमान और एयरोस्पेस सिस्टम पर फोकस करती है लेकिन कंपनी मानव रहित हवाई वाहन (UAV) यानी ड्रोन और ड्रोन टेक्नोलॉजी में भी है।
Zen Technologies एक डिफेंस ड्रोन निर्माण करने वाली कंपनी है। इसके एंटी-ड्रोन सिस्टम ड्रोन कम्युनिकेशन को जाम करके खतरों का पता लगाते हैं, उन्हें ट्रैक करते हैं और उन्हें बेअसर करते हैं। कंपनी हथियारों और रक्षा उपकरणों के लिए सिमुलेटर भी बनाती है। Paras Defence and Space Technologies भी अपनी एक सहायक कंपनी पारस एंटी-ड्रोन सॉल्यूशंस के माध्यम से एंटी-ड्रोन सिस्टम सहित ड्रोन के क्षेत्र में प्रमुख उपस्थिति रखती है।
नवरत्न कंपनी Bharat Electronics Ltd (BEL) ने भी समय के साथ कदम बढ़ाया है और अब यह ड्रोन के नए और बढ़ते क्षेत्र में अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुकी है। ड्रोन हमलों से उत्पन्न खतरों का मुकाबला करने के लिए DRDO ने एक काउंटर-ड्रोन सिस्टम विकसित किया,जिसे बाद में BEL द्वारा उत्पादित और संचालित किया गया।
डिक्सन टेक्नोलॉजीज ड्रोन के प्रोडक्शन में शामिल है,जिसमें कंज्यूमर और कमर्शियल उपयोग के लिए ड्रोन शामिल हैं। कंपनी भारत में एक अग्रणी इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माता है,जिसके पास विविध प्रोडक्ट पोर्टफोलियो है जिसमें ड्रोन सहित विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट शामिल हैं।
Larsen & Toubro Limited (L&T) भी निगरानी और टोही सहित विभिन्न उपयोगों के लिए ड्रोन टेक्नोलॉजी के विकास और इंटीग्रेशन में सक्रिय रूप से शामिल है। इसके अलावा RattanIndia Enterprises ने भी ड्रोन उद्योग में एंट्री की योजना की घोषणा की है, खास तौर पर कंपनी हवाई सर्वेक्षण, बुनियादी ढांचे का निरीक्षण और डिलीवरी सर्विस पर फोकस करेगी।