Budget 2026: 1 फरवरी को ट्रेडिंग के लिए खुला रहेगा मेट्रोपॉलिटन स्टॉक एक्सचेंज, BSE और NSE को चुनौती देने की तैयारी – budget 2026 metropolitan stock exchange to open for trading on february 1 pose challenge to bse and nse



Budget 2026: बजट 2026 के दिन मेट्रोपॉलिटन स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया (MSEI) भी खुला रहेगा। मेट्रोपॉलिटन स्टॉक एक्सचेंज ने एक बयान में बताया कि वह यूनियन बजट 2026 के कारण रविवार 1 फरवरी को लाइव ट्रेडिंग के लिए खुला रहेगा। एक्सचेंज ने 19 जनवरी को जारी एक सर्कुलर में बताया कि बजट के दिन बाजार के सामान्य समय के अनुसार ही ट्रेडिंग कराई जाएगी।

MSEI के मुताबिक, उस दिन प्री-ओपन सेशन सुबह 9:00 बजे से 9:08 बजे तक रहेगा, जबकि नियमित ट्रेडिंग सुबह 9:15 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक होगी। यह समय उसके बड़े राइवल एक्सचेंजों के समान ही है।

इससे पहले, BSE और NSE भी यह स्पष्ट कर चुके हैं कि वे 1 फरवरी को बजट के मद्देनजर ट्रेडिंग के लिए खुले रहेंगे। इस तरह, बजट वाले दिन देश के तीनों प्रमुख एक्सचेंजों पर कारोबार होगा।

MSEI पर 27 जनवरी से शुरू होगी ट्रेडिंग

MSEI को BSE और NSE का संभावित प्रतिद्वंद्वी माना जा रहा है। CNBC-Awaaz की एक रिपोर्ट के अनुसार, MSEI पर 27 जनवरी से लाइव ट्रेडिंग शुरू होने जा रही है। शुरुआत में एक्सचेंज पर 130 शेयरों में कारोबार की सुविधा उपलब्ध होगी।

MSEI पर क्लियरिंग और सेटलमेंट की जिम्मेदारी उसकी सहायक इकाई ‘मेट्रोपोलिटन क्लीयरिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (MCCIL)’ के पास होगी। हालांकि, नए स्टॉक एक्सचेंज के सामने सबसे बड़ी चुनौती लिक्विडिटी को लेकर मानी जा रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए MSEI ने एक लिक्विडिटी इन्हैसमेंट स्कीम तैयार की है, जिसके तहत करीब 130 शेयरों के लिए मार्केट मेकर्स नियुक्त किए जाएंगे ताकि कारोबार में पर्याप्त तरलता बनी रहे।

पूंजी जुटाने के मोर्चे पर भी MSEI ने हाल के सालों में कदम तेज किए हैं। एक्सचेंज ने दिसंबर 2024 और अगस्त 2025 में दो चरणों में कुल ₹1,240 करोड़ जुटाए। ग्रो (Groww) और जीरोधा (Zerodha) जैसे बड़े ब्रोकिंग प्लेटफॉर्मों ने भी इस एक्सचेंज में निवेश किया है। इसके बावजूद, बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि NSE-BSE के दबदबे को तोड़ना MSEI के लिए आसान नहीं होगा।

आंकड़ों के मुताबिक, कैश सेगमेंट में NSE की हिस्सेदारी करीब 90–92%, जबकि BSE की 8–10% के आसपास है। स्टॉक फ्यूचर्स और ऑप्शंस (F&O) में NSE की हिस्सेदारी लगभग 95% है और BSE की करीब 5%। इंडेक्स F&O सेगमेंट में भी NSE करीब 80% हिस्सेदारी के साथ आगे है, जबकि BSE के पास लगभग 20% बाजार है।

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