
Stock Market on Budget Day: शेयर बाजार के निवेशकों के लिए बजट का दिन किसी ‘रोलर कोस्टर राइड’ से कम नहीं होता। साल 2011 से 2025 के बीच भारतीय शेयर बाजार में बजट के दिन कभी ऐतिहासिक तेजी देखने को मिली। तो कभी बाजार भारी गिरावट के साथ बंद हुआ। पुराने आंकड़ों के मुताबिक, बजट के दिन औसत उतार-चढ़ाव लगभग 2.65% रहता है। अब निवेशकों की नजरें आज 1 फरवरी 2026 के कारोबार पर टिकी है। यह इतिहास में दूसरी बार है, जब रविवार के दिन भी शेयर बाजार में नियमित ट्रेडिंग होगी।
आइए जानते हैं पिछले 15 सालों में बजट के दिन शेयर बाजार का कैसा रहा है माहौल-
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बजट वर्ष |
निफ्टी खुला |
निफ्टी बंद हुआ |
बदलाव (%) |
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2025 |
23,528.60 |
23,482.15 |
-0.20% |
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2024 |
21,780.65 |
21,697.45 |
-0.38% |
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2023 |
17,811.60 |
17,616.30 |
-1.10% |
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2022 |
17,529.45 |
17,576.85 |
0.27% |
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2021 |
13,758.60 |
14,281.20 |
3.80% |
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2020 |
11,939.00 |
11,661.85 |
-2.32% |
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2019 (मुख्य बजट) |
10,964.75 |
10,811.15 |
-1.28% |
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2018 |
11,044.55 |
11,016.90 |
-0.25% |
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2017 |
8,570.35 |
8,716.40 |
1.70% |
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2016 |
7,050.45 |
6,987.05 |
-0.90% |
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2015 |
8,913.05 |
8,901.85 |
-0.13% |
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2014 (मुख्य बजट) |
7,589.50 |
7,567.75 |
-0.29% |
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2013 |
5,834.35 |
5,693.05 |
-2.42% |
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2012 |
5,380.35 |
5,317.90 |
-1.16% |
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2011 |
5,330.15 |
5,333.25 |
0.06% |
वित्त वर्ष 2025–26 के लिए पेश किए गए बजट पर शेयर बाजार की प्रतिक्रिया काफी सुस्त रही। दोनों प्रमुख सूचकांकों में ज्यादा हलचल नहीं दिखी। सेंसेक्स मामूली बढ़त के साथ 5.39 अंक ऊपर जाकर 77,505.96 पर बंद हुआ, यानी सिर्फ 0.01% की तेजी। वहीं निफ्टी 50 में हल्की गिरावट रही और यह 26.25 अंक (0.11%) नीचे आकर 23,482.15 पर बंद हुआ।
यूनियन बजट 2024
यूनियन बजट 2024 के बाद शेयर बाजार में गिरावट देखने को मिली। इसकी बड़ी वजह सरकार द्वारा कैपिटल गेन टैक्स और डेरिवेटिव ट्रेडिंग पर टैक्स बढ़ाने का प्रस्ताव था। सेंसेक्स 106.81 अंक (0.15%) गिरकर 71,645.30 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 भी 28.25 अंक (0.13%) गिरकर 21,697 पर बंद हुआ। इस बजट में शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्स को 15% से बढ़ाकर 20% कर दिया गया। वहीं लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स 10% से बढ़ाकर 12.5% किया गया।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ऐसा बजट पेश किया, जिसमें मजबूत सरकारी वित्त और मजबूत वित्तीय क्षेत्र पर ध्यान दिया गया। इस बजट पर शेयर बाजार की मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली। दिन के कारोबार के दौरान सेंसेक्स 1,100 अंकों से ज्यादा चढ़ा था, लेकिन अंत में यह 158.18 अंक की बढ़त के साथ 59,708.08 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 50 में गिरावट रही और यह 45.85 अंक नीचे आकर 17,616.30 पर बंद हुआ।
यूनियन बजट 2022
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2022 का बजट पेश किया, जिसका उद्देश्य कोरोना महामारी के बाद आर्थिक विकास को तेज करना था। इसमें 5G, डिजिटल करेंसी और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास से जुड़ी कई अहम घोषणाएं की गईं। इस बजट पर शेयर बाजार ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। सेंसेक्स 849.40 अंक बढ़कर 58,862.57 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 भी 237 अंक की तेजी के साथ 17,576.85 पर बंद हुआ।
यूनियन बजट 2021
यह बजट शेयर बाजार के लिए ऐतिहासिक साबित हुआ। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की घोषणाओं पर निवेशकों ने बहुत सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और बजट वाले दिन बाजार पिछले 20 सालों में सबसे ज्यादा बढ़ा। सेंसेक्स 5% की जबरदस्त तेजी के साथ 2,314.84 अंक उछलकर 48,600.61 पर पहुंच गया। वहीं निफ्टी 50 भी 646.60 अंक (करीब 4.7%) बढ़कर 14,281.20 पर बंद हुआ।
यूनियन बजट 2020
यह वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का दूसरा बजट था। इसमें नए आयकर स्लैब और टैक्स दरों में कटौती की घोषणा की गई थी। लेकिन इसके बावजूद शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली। 1 फरवरी को सेंसेक्स 2.43% टूटकर 40,000 से नीचे बंद हुआ। वहीं एनएसई निफ्टी 50 भी 3.26% या 392 अंक गिरकर 11,643 पर बंद हुआ।
यूनियन बजट 2019
साल 2019 में दो बार बजट पेश किया गया। पहला, अंतरिम बजट वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने पेश किया। इसमें इनकम टैक्स के स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया, लेकिन कम आय वाले लोगों और किसानों को कुछ टैक्स राहत दी गई। इस बजट पर शेयर बाजार ने अच्छा रुख दिखाया। सेंसेक्स 212 अंक बढ़कर 36,469.43 पर पहुंच गया और निफ्टी 50 भी 62.7 अंक बढ़कर 10,893.65 पर बंद हुआ।
इसके बाद 5 जुलाई को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पूरा बजट पेश किया। इसमें अंतरिम बजट की ज्यादातर घोषणाएं बरकरार रखी गईं। बजट वाले दिन बाजार की शुरुआत तेज गिरावट के साथ हुई और सेंसेक्स करीब 980 अंक नीचे खुला, लेकिन बाद में कुछ सुधार आया। आखिर में सेंसेक्स 0.99% गिरकर 394.67 अंक की कमजोरी के साथ बंद हुआ। वहीं निफ्टी 50 भी 153.60 अंक गिर गया।
यूनियन बजट 2018
यह वित्त मंत्री अरुण जेटली का आखिरी बजट था। शेयर बाजार ने इस बजट पर सतर्क रिस्पॉन्स दी। सेंसेक्स 0.16% गिरकर 58.36 अंक नीचे आया और 35,906 पर बंद हुआ। यह पिछले 10 सालों में बजट के दिन आठवीं बार गिरावट थी। निफ्टी 50 भी 0.1% गिरकर 10.8 अंक नीचे आया और 11,016 पर बंद हुआ। बाजार की भावना कमजोर हुई क्योंकि लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स को फिर से लागू किया गया। साथ ही ज्यादा कमाई करने वालों पर डिविडेंड डिस्ट्रीब्यूशन टैक्स बढ़ाया गया, ऑप्शंस पर सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स बढ़ाया गया और 10 लाख रुपये से ज्यादा के डिविडेंड पर टैक्स लगाने का प्रस्ताव रखा गया। सरकार ने राजकोषीय घाटा GDP का 3.3% तय किया।
यूनियन बजट 2017 (1 फरवरी 2017)
साल 2017 में बजट पेश करने की तारीख बदलकर 1 फरवरी कर दी गई। साथ ही अलग से पेश होने वाला रेल बजट भी यूनियन बजट में शामिल कर दिया गया। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने मध्यम वर्ग के करदाताओं को राहत देने की घोषणा की और राजकोषीय घाटे का लक्ष्य 3% रखा। इस बजट का शेयर बाजार पर बहुत अच्छा असर पड़ा। सेंसेक्स 485.68 अंक (1.76%) की तेजी के साथ 28,141.64 पर बंद हुआ। यह 2010 के बाद बजट वाले दिन की सबसे बड़ी बढ़त थी। वहीं निफ्टी 50 भी 155.10 अंक बढ़कर 8,716.40 पर बंद हुआ।
यूनियन बजट 2016 (29 फरवरी 2016)
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने यह बजट पेश किया, जिसमें ग्रामीण विकास पर ज्यादा ध्यान दिया गया और किसानों की आय पांच साल में दोगुनी करने की योजना बताई गई। हालांकि, इस बजट पर शेयर बाजार की प्रतिक्रिया अच्छी नहीं रही। सेंसेक्स 0.66% गिरकर 152 अंक नीचे आया और 23,000 के थोड़ा ऊपर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 0.61% गिरकर 42.70 अंक नीचे आकर 6,987 पर बंद हुआ।
यूनियन बजट 2015 (28 फरवरी 2015)
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने यह बजट पेश किया। इस बजट में निवेश बढ़ाने पर ध्यान दिया गया और साथ ही सरकारी खर्च को नियंत्रण में रखने (राजकोषीय अनुशासन) की बात की गई। साल 2015-16 के लिए राजकोषीय घाटे का लक्ष्य 3.9% रखा गया। इस बजट का शेयर बाजार पर अच्छा असर पड़ा। सेंसेक्स 141.38 अंक बढ़कर 29,361.50 पर बंद हुआ, जो 0.48% की बढ़त थी। वहीं निफ्टी 57 अंक चढ़कर 8,901.80 पर बंद हुआ, यानी 0.40% की तेजी।
यूनियन बजट 2014 (10 जुलाई 2014)
साल 2014 चुनावी वर्ष था, इसलिए उस साल दो बार बजट पेश किया गया। पहले 17 फरवरी 2014 को वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने अंतरिम बजट पेश किया। इस बजट पर बाजार की प्रतिक्रिया सकारात्मक रही। सेंसेक्स 97.20 अंक बढ़कर 20,464.06 पर पहुंचा और निफ्टी 50 भी 24.95 अंक बढ़कर 6,073.30 पर बंद हुआ।
इसके बाद, नई सरकार बनने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 10 जुलाई 2014 को पूरा बजट पेश किया। इस बार बाजार में कोई खास हलचल नहीं दिखी। सेंसेक्स 0.28% गिरा और निफ्टी 50 में 17.25 अंकों की गिरावट दर्ज की गई।
यूनियन बजट 2013 (28 फरवरी 2013)
वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने यह बजट पेश किया। इसमें अमीर लोगों और बड़ी कंपनियों पर टैक्स बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया। सालाना 1 करोड़ रुपये से ज्यादा कमाने वालों की आय पर 10% अतिरिक्त टैक्स (सरचार्ज) लगाया गया। इस बजट का शेयर बाजार पर नकारात्मक असर पड़ा। सेंसेक्स 1.52% गिरकर 291 अंक नीचे आया और 19,000 से नीचे बंद हुआ। वहीं निफ्टी 1.79% गिरकर 103.85 अंक नीचे आकर 5,693 पर बंद हुआ।
यूनियन बजट 2012 (16 मार्च 2012)
यह बजट वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने पेश किया। इसमें सर्विस टैक्स और एक्साइज ड्यूटी को 10% से बढ़ाकर 12% करने का प्रस्ताव था। इससे बाजार पर बुरा असर पड़ा। बजट के बाद सेंसेक्स 1.19% गिरा और 209.65 अंक की गिरावट के साथ 17,466 पर बंद हुआ। निफ्टी भी 1.16% गिरकर 62.60 अंक नीचे आया और 5,317 पर बंद हुआ। इसके अलावा सरकार ने चालू साल के लिए राजकोषीय घाटा 5.9% बताया, जिससे बाजार और कमजोर हुआ।
यूनियन बजट 2011 (28 फरवरी 2011)
यह बजट भी वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने पेश किया। इसमें विदेशी निवेश (FII), सुधारों की योजना और घाटा कम करने पर जोर दिया गया था। इसका असर शेयर बाजार पर अच्छा रहा। सेंसेक्स 0.69% बढ़कर 122.49 अंक ऊपर गया और 17,823 पर बंद हुआ। निफ्टी भी 0.56% बढ़कर 29 अंक की तेजी के साथ 5,333 पर बंद हुआ।
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