BSE Share Price: Q3 के धमाकेदार नतीजे, अब कितना चढ़ेगा शेयर, ब्रोकरेजेज ने बढ़ाया टारगेट प्राइस – bse share price jumps over 6 percent post q3 results what should investors do check target price



BSE Share Price: सितंबर 2025 में एक्सपायरी में बदलाव के बावजूद बीएसई के लिए चालू वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही धमाकेदार रही। सिर्फ यही नहीं, दमदार कारोबारी नतीजे के बाद कुछ ब्रोकरेजेज ने इसका टारगेट प्राइस भी बढ़ा दिया। इसके चलते आज शुरुआती कारोबार में ही बीएसई के शेयर रॉकेट बन गए और 6% से अधिक उछल पड़े। इस तेजी का कुछ निवेशकों ने फायदा उठाया जिससे भाव थोड़े नरम पड़े लेकिन अब भी यह काफी मजबूत स्थिति में है। फिलहाल बीएसई पर यह 6.25% की बढ़त के साथ ₹3,171.60 पर है। इंट्रा-डे में यह 6.81% उछलकर ₹3,188.40 के रिकॉर्ड हाई तक पहुंच गया था। आगे की बात करें तो इसे कवर करने वाले 16 एनालिस्ट्स में से 12 ने इसे खरीदारी और चार ने होल्ड रेटिंग दी है। किसी भी एनालिस्ट्स ने इसे बेचने की सलाह नहीं दी है। साथ ही ब्रोकरेजेज यूबीएस, जेफरीज और नुवामा ने तो इसका टारगेट प्राइस ही बढ़ा दिया है।

बीएसई के लिए दिसंबर 2025 तिमाही धमाकेदार रही और तिमाही आधार पर इसका टर्नओवर 30% बढ़ गया। साथ ही इसका एवरेज डेली नोशनल टर्नओर 28% उछलकर ₹210 लाख करोड़ तो एवरेज डेली प्रीमियम टर्नओवर 29.7% उछलकर ₹19,459 करोड़ पर पहुंच गया। रेवेन्यू की बात करें तो यह उम्मीद से अधिक बेहतर रही। एक्सचेंज के ट्रांजैक्शन चार्जेज ने रेवेन्यू को बढ़ा दिया। तिमाही आधार पर बीएसई की ऑपरेटिंग इनकम 16% बढ़कर ₹1,244 करोड़ तो ऑपरेटिंग प्रॉफिट 13% उछलकर ₹778 करोड़ पर पहुंच गई। हालांकि हाई रेगुलेटरी कॉन्ट्रिब्यूशन के चलते इसके मार्जिन को झटका लगा। बीएसई का रेगुलेटरी कॉन्ट्रिब्यूशन तिमाही आधार पर 28% बढ़कर ₹187 करोड़ पर पहुंचा तो मार्जिन 64.7% से फिसलकर 62.5% पर आ गया।

क्या है ब्रोकरेजेज का रुझान?

यूबीएस ने बीएससई को खरीदारी की रेटिंग दी है और टारगेट प्राइस बढ़ाकर प्रति शेयर ₹3,650 कर दिया है। ब्रोकरेज फर्म की रिपोर्ट में इस बात का जिक्र है कि दिसंबर 2025 तिमाही में मुनाफे के मोर्चे पर तो हाई कॉस्ट के चलते यह चूक गई लेकिन में इसकी हिस्सेदारी और बढ़ी तो रेवेन्यू भी मजबूत बना रहा और प्रीमियम एवरेज डेली टर्नओवर भी मजबूत रहा। यूबीएस की रिपोर्ट में बीएसई के मैनेजमेंट की इस उम्मीद की जिक्र भी है कि STT की दरों में बढ़ोतरी का ऑप्शंस के वॉल्यूम पर असर कम पड़ेगा, जैसे कि पहले होता था। साथ ही बीएसई बाजार हिस्सेदारी बढ़ाकर लंबे समय के कॉन्ट्रैक्ट्स में लिक्विडिटी सुधारने की कोशिश कर रही है।

जेफरीज ने बीएसई को होल्ड रेटिंग दी है लेकिन टारगेट प्राइस को बढ़ाकर ₹3,050 पर फिक्स कर दिया है। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि इसका ₹610 करोड़ का शुद्ध मुनाफा अनुमान से अधिक रहा। ब्रोकरेज फर्म ने वित्त वर्ष 2026-28 के लिए इसके EPS (प्रति शेयर आय) के अनुमान को 4-7% बढ़ा दिया है। शॉर्म-टर्म में मार्केट शेयर में बढ़ोतरी इसकी ग्रोथ को बढ़ावा दे सकती है लेकिन नए प्रोडक्ट्स को लेकर अस्पष्टता वित्त वर्ष 2029 के बाद ग्रोथ को लेकर चुनौती बन सकती है।

ब्रोकरेज फर्म नुवामा ने बीएसई को खरीदारी की रेटिंग दी है लेकिन टारगेट प्राइस को बढ़ाकर ₹3,760 कर दिया। ब्रोकरेज फर्म ने अपनी रिपोर्ट में जिक्र किया है कि सितंबर 2025 में एक्सपायरी में बदलाव के बावजूद बीएसई ने दिसंबर 2025 तिमाही में इंडेक्स ऑप्शंस ADTPV (एवरेज डेली ट्रेडिंग वॉल्यूम) की 29.4% बाजार हिस्सेदारी हासिल की जिसके चलते सालाना आधार पर रेवेन्यू 60.8% और तिमाही आधार पर 16.4% बढ़ गया। ऑपरेटिंग लेवरेज के चलते बीएसई का ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन सालाना आधार पर 443 बेसिस प्वाइंट्स बढ़कर 60.8% हो गया तो ऑपरेटिंग प्रॉफिट में सालाना आधार पर 73.5% और तिमाही आधार पर 11.1% की तेजी आई। ब्रोकरेज फर्म ने वित्त वर्ष 2026 के लिए इसकी कमाई के अनुमान को 8.2%, वित्त वर्ष 2027 के लिए 21.9% और वित्त वर्ष 2028 के लिए 21.1% बढ़ा दिया।

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