BHEL का शेयर 10% से ज्यादा टूटा; सरकारी कॉन्ट्रैक्ट के लिए चीनी कंपनियों पर पाबंदी में ढील की खबर से मचा हाहाकार – bhel share falls more than 10 percent after a report that india plans to scrap curbs on chinese firms bidding for government contracts hitachi energy down 6 percent



सरकारी कंपनी भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) के शेयरहोल्डर्स के लिए 8 जनवरी का दिन बेहद खराब साबित हुआ। शेयर BSE पर 10.34 प्रतिशत गिरावट के साथ 272.30 रुपये पर बंद हुआ। दिन में यह पिछले बंद भाव से लगभग 14 प्रतिशत तक टूटकर 261.40 रुपये के लो तक गया था। भारी बिकवाली की वजह एक रिपोर्ट है, जिसमें कहा गया है कि भारत, सरकारी कॉन्ट्रैक्ट के लिए बोली लगाने वाली चीनी कंपनियों पर लगी पाबंदियों को खत्म करने की योजना बना रहा है।

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त मंत्रालय सरकारी कॉन्ट्रैक्ट के लिए बोली लगाने वाली चीनी कंपनियों पर 5 साल पुरानी पाबंदियों को खत्म करने की योजना बना रहा है। देश, चीन के साथ कमर्शियल संबंधों को फिर से शुरू करना चाहता है।

भारत और चीन की सेनाओं के बीच झड़प के बाद 2020 में भारत ने पाबंदियां लगाई थीं। इनके तहत सरकारी कॉन्ट्रैक्ट के लिए बोली लगाने वाली चीनी कंपनियों को एक भारतीय सरकारी समिति के साथ रजिस्ट्रेशन कराना और पॉलिटिकल और सिक्योरिटी क्लीयरेंस लेना जरूरी है। इन उपायों ने प्रभावी रूप से चीनी कंपनियों को भारतीय सरकारी कॉन्ट्रैक्ट के लिए प्रतिस्पर्धा करने से रोक दिया था।

BHEL के शेयर पर क्यों इतना असर

BHEL पूरे भारत में कई थर्मल पावर प्लांट्स के लिए उपकरण बनाने के साथ-साथ कमीशनिंग और सप्लाई भी देखती है। इनमें बड़े सुपरक्रिटिकल प्रोजेक्ट (800 MW+) शामिल हैं। यह NTPC जैसी सरकारी कंपनियों और अदाणी पावर जैसी प्राइवेट कंपनियों के लिए टर्बाइन, जनरेटर और बॉयलर बनाकर भारत की ऊर्जा सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

शेयर में बड़ी गिरावट से BHEL का मार्केट कैप 95000 करोड़ रुपये के करीब आ गया है। शेयर की फेस वैल्यू 2 रुपये है। शेयर 3 साल में 230 प्रतिशत और एक साल में 22 प्रतिशत मजबूत हुआ है। कंपनी में दिसंबर 2025 के आखिर तक सरकार के पास 63.17 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

हिताची एनर्जी 6% गिरा, सीमेंस 4%लुढ़का

इस बीच सीमेंस लिमिटेड के शेयर 4 प्रतिशत गिर गए क्योंकि चीन की CRRC भी रेलवे कॉन्ट्रैक्ट में उनकी प्रतिस्पर्धी है। रिपोर्ट के मुताबिक, अगर समिति की सिफारिशों को मंजूरी मिल जाती है तो इस चीनी कंपनी को अब रेल कॉन्ट्रैक्ट में भाग लेने की इजाजत दी जा सकती है। इसी तरह हिताची एनर्जी के शेयर में 6 प्रतिशत, ABB इंडिया के शेयर में 5 प्रतिशत और L&T के शेयर में 3 प्रतिशत की गिरावट आई।

रॉयटर्स के मुताबिक, एक सरकारी सूत्र का कहना है, “अधिकारी पड़ोसी देशों के बोली लगाने वालों के लिए रजिस्ट्रेशन की जरूरत को हटाने पर काम कर रहे हैं।” वित्त मंत्रालय की ओर से पाबंदियों में ढील देने की योजना अन्य सरकारी विभागों के अनुरोधों के बाद आई है। पावर सेक्टर के लिए चीन से इक्विपमेंट के इंपोर्ट पर लगी रोक ने अगले 10 सालों में भारत की थर्मल पावर कैपेसिटी को लगभग 307 GW तक बढ़ाने की योजनाओं में रुकावट डाली है। पूर्व कैबिनेट सेक्रेटरी राजीव गौबा की अध्यक्षता वाली एक हाई-लेवल कमेटी ने भी इन पाबंदियों में ढील देने की सिफारिश की है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।



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