Bharat Coking Coal IPO Listing: 96% प्रीमियम पर ₹23 का शेयर लिस्ट, आईपीओ को भी मिला था धांसू रिस्पांस – bharat coking coal ipo listing shares debut over 96 percent premium bharat coking coal share price slips bse nse



Bharat Coking Coal IPO Listing: ₹1,071 करोड़ के आईपीओ को धांसू रिस्पांस के बाद भारत कोकिंग कोल के शेयरों की भी आज घरेलू मार्केट में धांसू एंट्री हुई। इसके आईपीओ को ओवरऑल 143 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹23 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹45.21 और NSE पर ₹45.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को करीब 96% का लिस्टिंग गेन (Bharat Coking Coal Listing Gain) मिला। हालांकि आईपीओ निवेशकों की खुशी थोड़ी ही देर में हल्की फीकी हो गई जब शेयर टूट गए।

₹45.21 की ऊंचाई तक पहुंचने के बाद टूटकर BSE पर यह ₹40.13 (Bharat Coking Coal Share Price)  तक आ गया। निचले स्तर पर रिकवरी के साथ बीएसई पर यह ₹40.66 पर बंद हुआ यानी कि पहले कारोबारी दिन की समाप्ति पर आईपीओ निवेशक 76.78% मुनाफे में हैं। एंप्लॉयीज अधिक फायदे में हैं क्योंकि उन्हें हर शेयर ₹1 के डिस्काउंट पर मिला है।

Bharat Coking Coal IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

भारत कोकिंग कोल का ₹1,071 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 9-13 जनवरी तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का धांसू रिस्पांस मिला और ओवरऑल यह 143.85 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 310.81 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 240.49 गुना, खुदरा निवेशकों का हिस्सा 49.37 गुना, एंप्लॉयीज का हिसा 5.17 गुना और शेयरहोल्डर्स का हिस्सा 87.20 गुना भरा था। इस इश्यू में ₹107 करोड़ के शेयरों को कोल इंडिया के उन शेयरहोल्डर्स के लिए आरक्षित रखा गया था जिनके पास 1 जनवरी 2026 या इससे पहले से कोल इंडिया के शेयर पोर्टफोलियो में थे।

भारत कोकिंग कोल के आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 46.57 करोड़ शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिके हैं और इश्यू के तहत कोई नया शेयर नहीं जारी हुआ है। ये शेयर कंपनी की प्रमोटर कोल इंडिया ने बेचे हैं तो आईपीो का पूरा पैसा इसे ही मिला है। कोल इंडिया ने इसमें अपनी 10% हिस्सेदारी हल्की की है। कोल इंडिया की योजना अपनी सभी सब्सिडरीज को वित्त वर्ष 2030 तक लिस्ट कराने की है और इसी योजना के तहत भारत कोकिंग कोल का भी आईपीओ आया था।

Bharat Coking Coal के बारे में

वर्ष 1972 में बनी भारत कोकिग कोल पूरी तरह से कोल इंडिया के मालिकाना हक वाली सब्सिडरी है। यह कोकिंग कोल, नॉन-कोकिंग कोल और वाश्ड कोल बनाती है। सितंबर 2025 तक के आंकड़ों के मुताबिक कंपनी के नेटवर्क में 34 ऑपरेशनल माइन्स हैं जिसमें से 4 अंडरग्राउंड, 26 ओपनकास्ट और 4 मिक्स्ड हैं। यह झारखंड के झरिया और पश्चिम बंगाल के रानीगंज में काम करती है। भारत कोकिंग कोल का मुख्य प्रोडक्ट कोकिंग कोल है जिसका इस्तेमाल स्टील और पावर इंडस्ट्रीज में होता है। वित्त वर्ष 2025 में देश में कुल कोकिंग कोल प्रोडक्शन में इसकी 58.50% हिस्सेदारी थी।

भारत कोकिंग कोल के वित्तीय सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2023 में इसे ₹664.78 करोड़ का शुद्ध मुनाफा हुआ था जो अगले वित्त वर्ष 2024 में उछलकर ₹1,564.46 करोड़ लेकिन अगले ही वित्त वर्ष 2025 में यह घटकर ₹1,240.19 करोड़ पर आ गया। इस दौरान कंपनी की टोटल इनकम में भी उठा-पटक दिखी। इसकी टोटल इनकम वित्त वर्ष 2023 में ₹13,018.57 करोड़ और वित्त वर्ष 2024 में ₹14,652.53 करोड़ से वित्त वर्ष 2025 में ₹14,401.63 करोड़ पर आ गई। चालू वित्त वर्ष 2026 की बात करें तो पहली छमाही अप्रैल-सितंबर 2025 में कंपनी को ₹123.88 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹6,311.51 करोड़ की टोटल इनकम हासिल हो चुकी है। सितंबर 2025 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹1,559.13 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹1,006.52 करोड़ पड़े थे।

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।



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