Asian Paints share price : खराब नतीजों के बाद एशियन पेंट्स के शेयर 7% टूटे, ब्रोकरेज को डिमांड रिकवरी में देरी की उम्मीद – asian paints shares fell 7 percent after poor results brokerages expecting a delay in demand recovery



Asian Paints share price : नतीजों के बाद एशियन पेंट्स के शेयर पर दबाव बना हुआ है। फिलहाल, आज 12.25 बजे के आसपास ये शेयर 110.80 रुपए यानी 4.22 फीसदी की कमजोरी के साथ 2510 रुपए के आसपास दिख रहा है। आज का इसका इंट्रा डे लो 2,451 रुपए का है। इंट्राडे में शेयर 7 फीसदी से ज्यादा गिरा है। कंपनी के नतीजों की बात करें तो तीसरी तिमाही में कंपनी की आय करीब 4 फीसदी बढ़ी है। वहीं, EBITDA ग्रोथ 9 फीसदी रही है। मार्जिन में भी करीब 1 फीसदी का इजाफा हुआ है।

तीसरी तिमाही में कंपनी के मुनाफे पर 5 फीसदी का दबाव रहा है। कंपनी के डेकोरेटिव सेगमेंट की वॉल्यूम ग्रोथ अनुमान से कम 8 फीसदी पर रही है। नतीजों और ग्रोथ आउटलुक पर बातचीत करते हुए कंपनी MD & CEO अमित सिंगले ने कंपनी के आगे के प्लान और संभावनाओं के बारे में बताया।

Q3 में कंपनी की ग्रोथ रही मजबूत

अमित सिंगले ने कहा कि Q3 में कंपनी की ग्रोथ मजबूत रही है। कोटिंग सेगमेंट में 4.4% की वैल्यू और 8% वॉल्यूम ग्रोथ रही है। नवंबर और दिसंबर में डिमांड मजबूत रही है। B2B सेगमेंट में रिटेल से ज्यादा ग्रोथ रही है। कंपनी का इंडस्ट्रियल और ग्लोबल बिजनेस भी अच्छा रहा है। Q3 में मार्जिन में अच्छा सुधार रहा है। पेंट इंडस्ट्री में प्रतिस्पर्धा आगे भी बनी रहेगी।

Q4 में भी ग्रोथ में मजबूती रहेगी बरकरार

इंडस्ट्री के मुकाबले कंपनी की ग्रोथ अच्छी रही है। Q4 में भी ग्रोथ में मजबूती बरकरार रहेगी। प्रीमियम सेगमेंट में भी शानदार ग्रोथ रही है। नवंबर-दिसंबर में प्रीमियम सेगमेंट में अच्छी ग्रोथ रही है। अर्बन क्षेत्रों में प्रीमियम और लग्जरी सेगमेंट में ग्रोथ देखने को मिली है।

पेंट इंडस्ट्री में प्रतिस्पर्धा आगे भी रहेगी जारी

उन्होंने आगे कहा कि वैल्यू और वॉल्यूम ग्रोथ में 4-5% का गैप रहेगा। पेंट इंडस्ट्री के लिए वैल्यू और वॉल्यूम गैप रहना अच्छा होता है। पेंट इंडस्ट्री में प्रतिस्पर्धा आगे भी जारी रहेगी। इंडस्ट्री में कंसोलिडेशन भी हो रहा है। प्राइसिंग और डिस्काउंट का इंडस्ट्री पर असर देखने को मिला है। ग्राहकों को नए और इनोवेटिव प्रोडक्ट देने पर जोर है।

स्टॉक पर ब्रोकरेज की राय

मोतीलाल ओसवाल का कहना है कि एशियन पेंट्स का परफॉर्मेंस “फीका” रहा है। अनुकूल बेस और कई कोशिशों के बावजूद ग्रोथ धीमी रही। ब्रोकरेज ने कहा, “त्योहारों का छोटा सीज़न और लंबे मॉनसून का 3Q के परफॉर्मेंस पर असर पड़ा और डिमांड रिकवरी में और देरी हुई।” इसने स्टॉक पर अपनी ‘न्यूट्रल’ रेटिंग को बरकरार रखा है, जिसका टारगेट प्राइस 2,950 रुपये प्रति शेयर है,जिसका मतलब है कि स्टॉक की पिछली क्लोजिंग कीमत से लगभग 12.5 प्रतिशत का अपसाइड पोटेंशियल है।

जेएम फाइनेंशियल का कहना है कि कंपनी के Q3 नतीजे उम्मीद से थोड़े कमजोर रहे हैं। इसने JM फाइनेंशियल ने स्टॉक पर अपनी ‘रिड्यूस’ कॉल बनाए रखी है, जबकि इसका टारगेट प्राइस घटाकर 2,735 रुपये प्रति शेयर कर दिया है। इसका मतलब है कि स्टॉक की पिछली क्लोजिंग कीमत से 4 प्रतिशत से ज़्यादा का अपसाइड पोटेंशियल है।

CLSA ने एशियन पेंट्स के शेयरों पर ‘अंडरपरफॉर्म’ कॉल बनाए रखा है, जिसका टारगेट प्राइस 1,875 रुपये प्रति शेयर है। इसका मतलब है कि स्टॉक की पिछली क्लोजिंग कीमत से 28.5 प्रतिशत से ज़्यादा की गिरावट आ सकती है। इंटरनेशनल ब्रोकरेज ने कहा कि कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ग्रोथ अनुमान से 2 प्रतिशत कम रहा, जबकि 7.9 प्रतिशत की स्टैंडअलोन वॉल्यूम ग्रोथ पिछले फेस्टिव सीज़न के मुताबिक रही।

HSBC ने एशियन पेंट्स के शेयरों की रेटिंग घटाकर ‘होल्ड’ कर दी है, और इसका टारगेट प्राइस घटाकर 2,900 रुपये प्रति शेयर कर दिया है। इसका मतलब है कि पिछली क्लोजिंग कीमत से इसमें लगभग 11 प्रतिशत की बढ़ोतरी की संभावना है। इंटरनेशनल ब्रोकरेज ने कहा कि कंपनी ने Q3 FY26 में वॉल्यूम और रेवेन्यू ग्रोथ में निराशाजनक प्रदर्शन किया। उसने यह भी कहा कि रिटेल डिमांड में कमजोरी का ट्रेंड लंबे समय तक बना रह सकता है।

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