
Armour Security IPO Listing: कॉरपोरेट, इंडस्ट्रियल, बैंकिंग, हेल्थकेयर, गवर्नमेंट, एडुकेशन और यूनिवर्सिटीज इत्यादि को सिक्योरिटी सर्विसेज मुहैया कराने वाली आर्मर सिक्योरिटी के शेयरों की आज NSE SME पर भारी डिस्काउंट के साथ एंट्री हुई। खुदरा निवेशकों के दम पर इसके आईपीओ को ओवरऑल ढाई गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹57 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज NSE SME पर इसकी ₹45.60 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को कोई लिस्टिंग गेन नहीं मिला बल्कि उनकी पूंजी ही 20% घट गई। फिलहाल आर्मर सिक्योरिटी के शेयर ₹45.60 (Armour Security Share Price) पर बने हुए हैं। चूंकि लॉट साइज 2000 शेयरों का था तो हर लॉट पर आईपीओ निवेशक ₹22,800 घाटे में हैं।
Armour Security IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च
आर्मर सिक्योरिटी का ₹27 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 14-19 जनवरी तक खुला था। यह आईपीओ ओवरऑल 1.82 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 1.00 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 1.08 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 2.58 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 46.50 लाख नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹15.90 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों; ₹1.61 करोड़ मशीनरी, इक्विपमेंट और गाड़ियों की खरीदारी; ₹2.40 करोड़ कर्ज हल्का करने और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।
Armour Security के बारे में
अगस्त 1999 में बनी आर्मर सिक्योरिटी इंडिया आर्म्ड गार्डिंग, मैनपावर सर्विसेज और कंसल्टेंसी जैसी सर्विसेज ऑफर करती है। इसका फोकस अलग-अलग सेक्टर्स में कॉमर्शियल और रेजिडेंशियल सिक्योरिटी की जरूरतों पर है। इसका कारोबार देश भर में फैला हुआ है। यह प्राइवेट सिक्योरिटी सर्विसेज के तहत क्लाइंट की जरूरतों के मुताबिक प्रशिक्षित सिक्योरिटीज गार्ड्स मुहैया कराती है, इंटीग्रेटेड फैसिलिटी मैनेजमेंट सर्विसेज के तहत डेली क्लीनिंग सर्विसेज, वेस्ट डिस्पोजल, बिल्डिंग सिस्टम्स मेंटेनेंस और सिक्योरिटी मुहैया कराती है। हाउस कीपिंग सर्विसेज के तहत यह साफ-सफाई और बाथरूम के मेंटेनेंस की सर्विसेज देती है। इवेंट मैनेजमेंट सर्विसेज के तहत यह शादियों, पार्टियों और प्रोडक्ट लॉन्च इत्यादि के इवेंट मैनेजमेंट का काम; फायरफाइटिंग सर्विसेज के तहत ड्रिल ट्रेनिंग, इक्विपमेंट का इस्तेमाल इत्यादि; सिक्योरिटी ट्रेनिंग के तहत सिक्योरिटी ऑफिसर्स को ट्रेनिंग; सुपरविजन सर्विसेज; और मैनपावर मुहैया कराती है।
कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2023 में इसे ₹2.26 करोड़ का शुद्ध मुनाफा हुआ था जो अगले वित्त वर्ष 2024 में उछलकर ₹2.62 करोड़ और फिर वित्त वर्ष 2025 में ₹3.97 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी की टोटल इनकम भी सालाना 12% से अधिक की चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़कर ₹36.56 करोड़ पर पहुंच गई। चालू वित्त वर्ष 2026 की बात करें तो पहली छमाही अप्रैल-सितंबर 2025 में कंपनी को ₹2.90 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹19.69 करोड़ का टोटल इनकम हासिल हो चुका है। सितंबर 2025 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹6.01 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹9.12 करोड़ पड़े थे।