Nephrocare Health IPO Listing: 7% प्रीमियम पर लिस्ट ₹460 का शेयर, नई एंट्री से पहले चेक करें कारोबारी सेहत – nephrocare health ipo listing shares debut over 6 percent premium nephrocare health share price slips further



Nephrocare Health IPO Listing: भारत और एशिया का सबसे बड़ा डायलिसिस चेन चलाने वाली नेफ्रोकेयर हेल्थ सर्विसेज के शेयरों की आज घरेलू स्टॉक मार्केट में प्रीमियम एंट्री हुई। इसके आईपीओ को ओवरऑल 14 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹460 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹491.70 और NSE पर ₹490.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को करीब 7% का लिस्टिंग गेन (Nephrocare Health Listing Gain) मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर थोड़ा ऊपर चढ़े। उछलकर BSE पर यह ₹498.70 (Nephrocare Health Share Price) पर पहुंच गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 8.41% मुनाफे में हैं। एंप्लॉयीज अधिक फायदे में हैं क्योंकि उन्हें हर शेयर ₹41 के डिस्काउंट पर मिला है।

Nephrocare Health IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

नेफ्रोकेयर हेल्थ का ₹871.39 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 10-12 दिसंबर तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का अच्छा रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 14.08 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 26.82 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 24.77 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 2.36 गुना और एंप्लॉयीज का हिस्सा 2.81 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹353.75 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹2 की फेस वैल्यू वाले 1,12,53,102 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिके हैं। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹129.11 करोड़ नए डायलिसिस क्लिनिक्स खोलने, ₹136.00 करोड़ कर्ज हल्का करने और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

Nephrocare Health के बारे में

वर्ष 2010 में बनी नेफ्रोकेयर हेल्थ सर्विसेज देश-विदेश में अपने लंबे-चौड़े नेटवर्क के जरिए डायलिसिस केयर मुहैया कराती है। इसकी सर्विसेज में डायग्नोसिस, हीमोडायलिसिस, होम और मोबाइल डायलिसिस और वेलनेस प्रोग्राम शामिल है। सितंबर 2025 तक के आंकड़ों के मुताबिक 519 क्लीनिक चला रही है जिसमें से 59 को फिलीप्पींस, उज्बेकिस्तान और नेपाल में है। उज्बेकिस्तान में तो इसका एक डायलिसिस क्लीनिक दुनिया का सबसे बड़ा है। भारत में बात करें तो इसके क्लीनिक देश के 21 राज्यों और 4 यूनियन टेरिटरीज में हैं। इसके 77.53% क्लीनिक टियर 2 और टियर 3 शहरों में हैं। कंपनी ने मैक्स सुपर स्पेशल्टी हॉस्पिटल, फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पिटल्स, केयर हॉस्पिटल्स जैसे दिग्गज हॉस्पिटल चेन के साथ रणनीतिक साझेदारी की है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2023 में इसे ₹11.79 करोड़ का शुद्ध घाटा हुआ था जिससे रिकवर होकर अगले वित्त वर्ष 2024 में यह ₹35.13 करोड़ के शुद्ध मुनाफे में आ गई जो वित्त वर्ष 2025 में बढ़कर ₹67.10 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी की टोटल इनकम सालाना 31% से अधिक की चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़कर ₹769.92 करोड़ पर पहुंच गई। चालू वित्त वर्ष 2026 की बात करें तो पहली छमाही अप्रैल-सितंबर 2025 में कंपनी को ₹14.23 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹483.97 करोड़ की टोटल इनकम हासिल हो चुकी है। सितंबर 2025 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹207.04 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹704.14 करोड़ पड़े थे।



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