Vodafone Idea के शेयर 3% उछले, नए 52-वीक हाई पर भाव, AGR बकाये पर मिल सकती है बड़ी राहत – vodafone idea shares rise 3 percent to hit new 52 week high on agr dues relief news



Vodafone Idea shares: टेलीकॉम सेक्टर की कंपनी वोडाफोन आइडिया के शेयरों में आज 15 दिसंबर को तेज उछाल देखने को मिली। कंपनी के शेयर कारोबार के दौरान 3 प्रतिशत से अधिक चढ़कर 12.03 रुपये के स्तर पर पहुंच गए, जो अब इसका नया 52-वीक हाई है। यह तेजी इस खबर के बाद आई कि कंपनी को एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (AGR) के बकाया भुगतान पर चार से पांच साल की इंटरेस्ट-फ्री मोहलत मिल सकती है।

सुबह के कारोबार में वोडाफोन आइडिया के शेयर 12.03 रुपये तक पहुंच गए, जो इसका नया 52-सप्ताह का उच्च स्तर है। हालांकि बाद में मुनाफावसूली के चलते शेयर कुछ नीचे आया और सुबह 10:15 बजे के करीब यह 11.66 रुपये के आसपास कारोबार करता दिखा।

इकनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार वोडाफोन आइडिया को 83,000 करोड़ रुपये से अधिक के AGR बकाया पर चार से पांच साल का इंटरेस्ट-फ्री मोहलत देने पर विचार कर रही है। रिपोर्ट में मामले से जुड़े लोगों के हवाले से कहा गया है कि मोरेटोरियम अवधि खत्म होने के बाद कंपनी को यह बकाया राशि छह किस्तों में चुकानी होगी। इसके साथ ही यह संभावना भी जताई गई है कि बकाया राशि के दोबारा आकलन के बाद कुल राशि को लगभग आधा किया जा सकता है।

रिपोर्ट के अनुसार, इस पूरे मामले पर टेलीकॉम डिपार्टमेंट और वोडाफोन आइडिया के पक्ष को सुनने के लिए सेक्रेटरी स्तर के एक अधिकारी की अगुवाई में एक कमेटी गठित की जाएगी। अंतिम फैसला केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी के बाद लिया जाएगा और इसकी घोषणा आने वाले हफ्तों में हो सकती है। हालांकि, मनीकंट्रोल इस रिपोर्ट की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सका है।

वोडाफोन आइडिया लंबे समय से भारी वित्तीय दबाव में है। कंपनी पर करीब 83,400 करोड़ रुपये का AGR बकाया है। कंपनी को मार्च मार्च 2025 से हर साल लगभग 18,000 करोड़ रुपये की किस्त में चुकानी है।

कंपनी पहले भी यह चेतावनी दे चुकी है कि बिना सरकारी और वित्तीय मदद के उसका कारोबार जारी रखना मुश्किल हो सकता है। बैंकों की ओर से भी कंपनी को कर्ज देने में हिचक देखी जा रही है। फिलहाल वोडाफोन आइडिया के करीब 1.98 करोड़ ग्राहक हैं और कंपनी में लगभग 18,000 कर्मचारी कार्यरत हैं।

सरकार को मिली बकाया राशि के आकलन की इजाजत

कुछ हफ्ते पहले सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को यह इजाजत दी थी कि वह वित्त वर्ष 2017 तक के सभी बकाया, जिसमें ब्याज और पेनल्टी शामिल हैं, का व्यापक रूप से पुनर्मूल्यांकन और मिलान कर सके। इसे कंपनी के लिए एक बड़ी राहत के रूप में देखा गया था। सितंबर में वोडाफोन आइडिया ने टेलीकॉम डिपार्टमेंट की ओर से किए गए 9,450 करोड़ रुपये के AGR क्लेम पर ब्याज और पेनल्टी माफ करने की मांग की थी।

कंपनी का तर्क था कि इस राशि का बड़ा हिस्सा FY17 से पहले की अवधि से जुड़ा है, जिसे सुप्रीम कोर्ट 2020 में पहले ही निपटा चुका है। इस राशि में से 2,774 करोड़ रुपये पोस्ट-मर्जर देनदारियों से और 5,675 करोड़ रुपये वोडाफोन ग्रुप की प्री-मर्जर देनदारियों से संबंधित बताए गए थे।

सरकार है कंपनी की सबसे बड़ी शेयरधारक

सरकार मार्च 2025 में वोडाफोन आइडिया की सबसे बड़ी शेयरधारक बन गई थी, जब उसने 36,950 करोड़ रुपये के बकाया को इक्विटी में बदलकर कंपनी में अपनी हिस्सेदारी करीब 49 प्रतिशत कर ली। इससे पहले 2023 में भी केंद्र सरकार ने 16,000 करोड़ रुपये से अधिक के वैधानिक बकाये के बदले 33 प्रतिशत हिस्सेदारी ली थी।

शेयर के प्रदर्शन की बात करें तो अगस्त में 6.12 रुपये के 52-सप्ताह के निचले स्तर से उछलकर वोडाफोन आइडिया का शेयर अब लगभग दोगुना हो चुका है। सोमवार को 12.03 रुपये का स्तर छूने के साथ ही स्टॉक ने करीब 97 प्रतिशत की जोरदार तेजी दर्ज की है।

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