Market trend : ग्लोबल टेक शेयरों में बिकवाली से सेंटिमेंट हुआ खराब, सेंसेक्स-निफ्टी से सुस्त शुरुआत की उम्मीद – market trend selling pressure in global tech stocks has dampened sentiment a sluggish start is expected for the sensex and nifty



Stock market : ग्लोबल मार्केट में बड़े पैमाने पर बिकवाली के संकेतों के चलते भारतीय शेयर बाज़ार 15 दिसंबर के सेशन में कमजोरी के साथ खुल सकते हैं। वॉल स्ट्रीट और पूरे एशिया में कमज़ोरी का असर हमारे बाजार की शुरुआती चाल पर देखने को मिल सकता है। निवेशक टेक्नोलॉजी शेयरों के महंगे वैल्यूएशन को लेकर फिर से परेशान दिख रहे हैं। इसके बावजूद, मार्केट के जानकारों का मानना ​​है कि गिरावट सीमित रह सकती है, क्योंकि ब्रॉडर मार्केट से लार्ज कैप शेयरों में रोटेशन के संकेत मिल रहे हैं।

शुरुआती संकेतों से धीमी शुरुआत का संकेत मिल रहा है। सुबह 7.50 बजे, GIFT निफ्टी 26,057 पर ट्रेड कर रहा था, जो 82 अंक या 0.3 प्रतिशत नीचे था। इससे घरेलू बेंचमार्क इंडेक्सों के लिए नेगेटिव ओपनिंग की संभावना का संकेत मिल रहा है।

फोकस में ग्लोबल मार्केट

पिछले कारोबारी सेशन में अमेरिकी बाज़ार टेक्नोलॉजी शेयरों में गिरावट के कारण काफी नीचे बंद हुए थे। नैस्डैक कम्पोजिट 1.6 प्रतिशत गिरा था, जिससे हाल ही में टेक्नोलॉजी शेयरों में आई गिरावट और बढ़ गई। S&P 500 रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के एक दिन बाद लगभग 1 प्रतिशत फिसल गया, जबकि डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.5 प्रतिशत गिरा, जो टेक्नोलॉजी कंपनियों में इसके कम एक्सपोज़र का संकेत है।

इस बात पर बढ़ते संदेह के बीच निवेशकों की रिस्क लेने की क्षमता कम हो गई है कि क्या टेक्नोलॉजी स्टॉक्स महंगे वैल्यूएशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर भारी खर्च को सही ठहरा पाएंगे। इसका असर इस साल अच्छा प्रदर्शन करने वाले एशियाई बाजारों पर भी पड़ा है। एशियाई बाजार भी ग्लोबल टेक्नोलॉजी सप्लाई चेन पर बहुत ज़्यादा निर्भर हैं। आज 2025 के आखिरी ट्रेडिंग वीक में एशियाई शेयर बाज़ार गिरावट के साथ खुले हैं। टेक्नोलॉजी कंपनियों की अर्निंग पर दबाव की संभावना और उनके AI से जुड़े कैपिटल खर्च को लेकर जुड़ी चिंताओं ने पूरे क्षेत्र में माहौल खराब कर दिया है।

टेक्निकल आउटलुक

निफ्टी ने बीते हफ़्ते के आखिर में अच्छी रिकवरी की, जिससे एक मज़बूत डिमांड ज़ोन बना। हालांकि, मेन ट्रेंड कमजोर बना हुआ है। निफ्टी लगातार लोअर हाई बना रहा है, जो 26,200 के आसपास लगातार बने सप्लाई प्रेशर का संकेत देता है। 26,000–25,900 का बैंड एक अहम सपोर्ट एरिया के तौर पर उभर रहा है, जिसने पहले एक मज़बूत रेजिस्टेंस ज़ोन के तौर पर काम किया था।

SAMCO सिक्योरिटीज के डेरिवेटिव्स रिसर्च एनालिस्ट, धुपेश धमेजा की राय है कि 26,500 स्ट्राइक पर लगभग 1.19 करोड़ कॉल कॉन्ट्रैक्ट्स का बड़ा ओपन इंटरेस्ट जमा होना इस लेवल को एक बड़ा रेजिस्टेंस बनाता है। इसके उलट, 26,000 स्ट्राइक पर लगभग 1.36 करोड़ पुट कॉन्ट्रैक्ट्स एक मज़बूत सपोर्ट बेस बनाता है।”

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