
इंडिगो की पेरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन के शेयरों में 8 दिसंबर को करीब 9 फीसदी गिरावट आई। यह शेयरों में गिरावट का लगातार सातवां दिन था। दिसंबर में यह स्टॉक 15 फीसदी से ज्यादा गिर चुका है। 8 दिसंबर को 5,000 रुपये से नीचे बंद हुआ। यह बीते सात महीनों में शेयर का सबसे कम प्राइस है। इस गिरावट से कंपनी के मार्केट कैपिटलाइजेशन में 37,000 करोड़ रुपये से ज्यादा कमी आई है। यह 2 लाख करोड़ रुपये से नीचे आ गया है। सवाल है कि क्या आपको यह स्टॉक बेच देना चाहिए?
यूबीएस ने दी खरीदने की सलाह
विदेशी ब्रोकरेज फर्म यूबीएस ने InterGlobe Aviation के शेयरों को खरीदने की सलाह दी है। लेकिन, स्टॉक के टारगेट प्राइस को घटाकर 6,350 रुपये कर दिया है। इसका मतलब है कि इस स्टॉक में 18 फीसदी से ज्यादा तेजी आ सकती है। ब्रोकरेज फर्म ने कहा है कि एफडीटीएल के नए नियमों के हिसाब से कंपनी जरूरी बदलाव नहीं कर पाई, जिससे क्राइसिस शुरू हुई। ब्रोकरेज फर्म ने लंबी अवधि के लिहाज से शेयरों का आउटलुक पॉजिटिव बताया है।
जेफरीज ने भी इस शेयर को खरीदने की सलाह दी है। उसने शेयरों के लिए 7,025 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। इसका मतलब है कि यह शेयर करीब 31 फीसदी चढ़ सकता है। ब्रोकरेज फर्म ने कहा है कि कंपनी की हवाई सेवाओं पर एफडीटीएल के नए नियमों का असर पड़ा। दिसंबर के मध्य तक एयरलाइन की सेवाएं समाप्त हो जाएगी।
जेएम फाइनेंशियल ने दी निवेश घटाने की सलाह
जेएम फाइनेंशियल ने इंटरग्लोब एविएशन के शेयरों में निवेश घटाने की सलाह दी है। उसने शेयर के लिए 5,570 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। हालांकि, इस हिसाब से कंपनी के शेयर मौजूदा प्राइस से करीब 4 फीसदी चढ़ सकते हैं। उसने कहा है कि डीजीसीए ने कंपनी के सीईओ को शो कॉज नोटिस भेजा है। इसका शेयरों पर निगेटिव असर पड़ेगा। ब्रोकरेज फर्म के मुताबिक, FY26 में कंपनी की अर्निंग्स में 8-9 फीसदी की कमी आ सकती है।
छह दिनों में 2000 डोमेस्टिक फ्लाइट्स कैंसिल
8 दिसंबर को भी एयरलाइन को अपने फ्लाइट्स कैंसिल करने पड़े। 2 दिसंबर से एयरलाइन की मुश्किलें बढ़नी शुरू हुई थीं। कंपनी की हवाई सेवाएं बाधित होने से देशभर में हवाई सेवाओं पर असर पड़ा है। बीते छह दिनों में एयरलाइन ने 2000 से ज्यादा घरेलू फ्लाइट्स कैंसिल किए हैं। इससे पैसेंजर्स का काफी मुश्किल का सामना करना पड़ा है। इसके बाद डीजीसीए ने कंपनी के सीईओ Pieter Elbers को कारण बताओ नोटिस भेजा है।