
Market today : आज भारतीय इक्विटी इंडेक्सों में तीन दिन से जारी गिरावट का सिलसिला थम गया और 10 नवंबर को निफ्टी 25,550 के ऊपर बंद हुआ। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 319.07 अंक या 0.38 फीसदी बढ़कर 83,535.35 पर और निफ्टी 82.00 अंक या 0.32 फीसदी बढ़कर 25,574.30 पर बंद हुआ। आज लगभग 1787 शेयरों में तेजी, 2183 शेयरों में गिरावट और 132 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। मीडिया (1% की गिरावट) को छोड़कर, दूसरे सभी सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए। आईटी इंडेक्स 1.6 प्रतिशत, फार्मा सूचकांक लगभग 1 प्रतिशत और धातु सूचकांक 0.6 प्रतिशत बढ़ा।
निफ्टी पर इंफोसिस, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, ग्रासिम इंडस्ट्रीज, बजाज फाइनेंस और विप्रो आज के टॉप गेनर रहे। जबकि ट्रेंट,अपोलो हॉस्पिटल्स, मैक्स हेल्थकेयर, पावर ग्रिड और टाटा कंज्यूमर आज के टॉप लूजरों में रहे। बीएसई मिडकैप इंडेक्स 0.6 फीसदी बढ़ा। जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स 0.4 फीसदी गिरा है।
आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल
बाजार जानकारों का कहना है कि एआई का बुलबुला फूटने के कगार पर है, इसलिए विदेशी संस्थागत निवेशक भारत की तरफ वापसी कर सकते हैं। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इंवेस्टमेंट स्ट्रेटेजिस्ट वीके विजयकुमार का कहना है कि भारत में वर्तमान में अर्निंग में अच्छी ग्रोथ देखने को मिल रहा है। आगे चलकर इसके और तेज़ होने की उम्मीद। इससे बाजार में और तेजी आ सकती है। बैंकिंग और फाइनें, टेलीकॉम, कैपिटल गुड्स, डिफेंस और ऑटोमोबाइल सेक्टर के दिग्गज शेयरों पर नज़र रखें। तकनीकी नजरिए से देखें तो निफ्टी एक सीमित दायरे में ही उतार-चढ़ाव करता रहेगा। जब तक इंडेक्स इस दायरे में रहेगा, बाजार की दिशा साफ नहीं होगी।
सैमको सिक्योरिटीज के डेरिवेटिव्स रिसर्च एनालिस्ट धुपेश धमेजा का कहना है कि जब तक निफ्टी निर्णायक रूप से 25,800-25,900 जोन को फिर से प्राप्त नहीं कर लेता, तब तक शॉर्ट सेलर्स के सक्रिय बने रहने की उम्मीद है। ये इंट्राडे पुलबैक का इस्तेमाल नए पोजीशन शुरू करने के मौके के रूप में करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि इस स्तर से नीचे के लगातार गिरावट से बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है और मौजूदा करेक्शन का दौर लंबा खिंच सकता है। इसके विपरीत,25800 से ऊपर की मजबूत चाल ही मौजूदा मंदी के रुख को बेअसर कर सकती है और शॉर्ट टर्म में निफ्टी में फिर से तेजी आ सकती है।
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