
HUL से डीमर्जर के बाद क्वालिटी वॉल्स इंडिया के शेयर की कल सभी इंडेक्स में एंट्री होगी। प्राइस डिस्कवरी के लिए खास स्पेशल प्री-ओपन सेशन रखा गया है। क्वालिटी वॉल्स के वैल्युएशन की तस्वीर कैसी होगी, इस पर खास रिसर्च करने वाली सीएनबीसी-आवाज़ की कंचन नौटियाल ने कहा कि डीमर्जर के बाद जीरो भाव के साथ यह स्टॉक सभी इंडेक्स में शामिल होगा। क्वालिटी वॉल्स HUL की आइसक्रीम कारोबार करने वाली कंपनी है। डीमर्जर के लिए HUL का शेयर एडजस्ट होगा। प्राइस डिस्कवरी के लिए HUL के लिए खास स्पेशल प्री-ओपन सेशन रखा गया है।
क्वालिटी वॉल्स का क्वालिटी चेक
HUL के कुल टर्नओवर में क्वालिटी वॉल्स का 3 फीसदी योगदान है। HUL की रेवेन्यू 62,175 रुपए है। वहीं, क्वालिटी वॉल्स की रेवेन्यू 2000 करोड़ रुपए है। HUL का EBIT मार्जिन 24 फीसदी है। वहीं, क्वालिटी वॉल्स का EBIT मार्जिन 5–9 फीसदी है। H1FY26 में HUL के वॉल्यूम में 4 फीसदी और क्वालिटी वॉल्स के वॉल्यूम में 6.5 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है।
क्वालिटी वॉल्स: वैल्युएशन का गणित
भारत का आइसक्रीम कारोबार
भारत के आइसक्रीम कारोबार पर नजर डालें तो अभी यह 2.6 अरब डॉलर का है। 2030 में ये बाजार 4.4 अरब डॉलर का हो सकता है। भारत के आइसक्रीम कारोबार में 2031 तक सालाना 15 फीसद की ग्रोथ संभव है। इसको GST कट और इ्ंफ्रा से बूस्ट संभव है।
HUL पर नुवामा
HUL पर नुवामा का बुलिश नजरिया है। ब्रोकरेज ने स्टॉक को 3,195 रुपए के टारगेट के साथ खरीदने की सलाह दी है। ब्रोकरे का कहना है क क्वालिटी वॉल्स कमाई की कॉल्स साबित हो सकता है। डीमर्जर के बाद इसके मार्जिन में 50–60 bps बढ़ोतरी संभव है। Q4 में रिकवरी की संभावना के चलते रिस्क-रिवॉर्ड बेहतर है। शेयर FY27E EPS के 45x पर ट्रेड कर रहा है।