Market outlook : गिरावट के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 26 नवंबर को कैसी रह सकती है इसकी चाल – market outlook sensex nifty closed with a decline know how it may move on november 26



Stock market : 25 नवंबर को निफ्टी 25,900 से नीचे रहने के साथ भारतीय इक्विटी इंडेक्स नेगेटिव नोट पर बंद हुए। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 313.70 अंक या 0.37 प्रतिशत गिरकर 84,587.01 पर और निफ्टी 74.70 अंक या 0.29 प्रतिशत गिरकर 25,884.80 पर बंद हुआ। आज लगभग 2022 शेयर बढ़े, 1972 शेयर गिरे और 149 शेयर बिना किसी बदलाव के बंद हुए। सेक्टोरल फ्रंट पर नजर डालें तो मेटल, फार्मा, PSU बैंक और रियल्टी में 0.5-1% की बढ़त हुई। जबकि, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स,IT और मीडिया में 0.5% की गिरावट आई।

BSE मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। निफ्टी पर हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, SBI, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, श्रीराम फाइनेंस और HDFC लाइफ आज के टॉप गेनर रहे। जबकि अडानी एंटरप्राइजेज, TMPV, इंफोसिस, HDFC बैंक और ट्रेंट निफ्टी के टॉप लूजरों में शामिल रहे।

26 नवंबर को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

HDFC सिक्योरिटीज के प्राइम रिसर्च हेड देवर्ष वकील ने रॉयटर्स को बताया, “मार्केट का फोकस इस बात पर है कि विदेशी निवेशक अपनी शॉर्ट पोजीशन को रोल ओवर करते हैं या एक्सपायरी के दिन उन्हें ट्रिम करने का ऑप्शन चुनते हैं।” इन्वेस्टर्स बुधवार को आने वाले US के महंगाई आंकड़ों का भी इंतज़ार करेंगे, जिससे अगले महीने की शुरुआत में फेडरल रिजर्व के रेट कट के फैसले के बारे में संकेत मिल सकते हैं।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार ने कहा,”आज ग्लोबल संकेत मिले-जुले हैं। U.S. मार्केट में रैली और फेड से 25 बेसिस प्वाइंट रेट कट की उम्मीदें ग्लोबल इक्विटी मार्केट के लिए पॉजिटिव हैं। लेकिन नैस्डैक में 2.69% की तेज रैली और मैग 7 स्टॉक्स में बड़ी तेजी से AI बबल का डर फिर से बढ़ेगा।” उन्होंने आगे कहा कि भारत को फ़ायदा तभी होगा जब AI ट्रेड कमज़ोर होगा और पैसा भारत जैसे उभरते बाजारोंऔर नॉन-AI स्टॉक्स में आने लगेगा।

विजयकुमार ने पिछले हफ़्ते कहा था कि तीसरी तिमाही के रिज़ल्ट सीज़न में भारत में कॉर्पोरेट अर्निंग्स में सुधार आने की उम्मीद है। साल 2026 में इसमें और अच्छी ग्रोथ देखने को मिल सकती है। इन फ़ैक्टर्स के कॉम्बिनेशन से FII भारत की ओर रुख कर सकते हैं। निफ्टी के जल्द ही नए हाई पर पहुंचने की उम्मीद और US और भारत के बीच जल्द होने वाली ट्रेड डील FIIs को भारतीय मार्केट में वापस ला सकती है।

चॉइस इक्विटी ब्रोकिंग प्राइवेट लिमिटेड की टेक्निकल और डेरिवेटिव एनालिस्ट अमृता शिंदे ने कहा कि मौजूदा उतार-चढ़ाव और ग्लोबल अनिश्चितता को देखते हुए, ट्रेडर्स को सलाह होगी कि वे चुनिंदा क्वालिटी शेयरों में बाय-ऑन-डिप्स अप्रोच बनाए रखें, लेवरेज को समझदारी से मैनेज करें और टाइट ट्रेलिंग स्टॉप-लॉस के साथ-साथ धीरे-धीरे प्रॉफिट-बुकिंग करें। नई लॉन्ग पोजीशन पर सिर्फ 26,300 के ऊपर ही विचार करें। इसमें ग्लोबल संकेतों और खास टेक्निकल लेवल पर करीब से नज़र रखने से मदद मिलेगी।

एनालिस्ट्स का कहना है कि मार्केट में तेजी के लिए निफ्टी को 26,000 से ऊपर बने रहना होगा। ऊपरी लेवल्स पर बिकवाली आ रही है। एंजेल वन के इक्विटी टेक्निकल एनालिस्ट राजेश भोसले का कहना है कि स्ट्रक्चर के हिसाब से हायर-टॉप हायर-बॉटम पैटर्न बना हुआ है और निफ्टी अहम मूविंग एवरेज से ऊपर बना हुआ है,जिससे मार्केट का प्राइमरी ट्रेंड पॉजिटिव बना हुआ है। हालांकि, मिड और स्मॉल कैप में लगातार बनी कमजोरी और निफ्टी को जून (25,670) और अक्टूबर (26,104) के मेन स्विंग टॉप से जोड़ने वाली राइजिंग ट्रेंडलाइन पर बार-बार रुकावट का सामना करना पड़ रहा है। इसलिए जब तक इंडेक्स हाल के हाई को मजबूती से पार नहीं कर जाता या एक नया हाई नहीं बना लेता,तब तक सावधानी और बहुत सोच-समझकर कदम उठाने की ज़रूरत है।

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