Stock market news :आखिरी घंटे की बिकवाली ने बढ़ाया बाजार में और गिरावट का डर, जानिए एनालिस्ट्स की क्या है राय – stock market news last hour selling fueled fears of further market declines find out what analysts think



Stock market crash : बुधवार, 4 मार्च को बेंचमार्क स्टॉक इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी में 1 फीसदी से ज़्यादा की गिरावट आई। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के बीच कमजोर एशियाई बाजारों ने बाजार पर असर दिखाया। लगातार चौथे सेशन की गिरावट जारी रखते हुए सेंसेक्स 1,122.66 अंक या 1.4 फीसदी गिरकर 79,116.19 पर बंद हुआ। इंट्राडे में यह 1,795.65 अंक या 2.23 फीसदी गिरकर 78,443.20 पर आ गया, लेकिन सेकेंड हाफ में कुछ रिकवरी हुई। हालांकि,आखिरी घंटे में फिर से बिकवाली ने इंडेक्स को नीचे खींच लिया।

निफ्टी 385.20 अंक या 1.55 फीसदी गिरकर 24,480.50 पर बंद हुआ। यह छह महीने में सबसे निचला क्लोजिंग लेवल था। इंट्रा-डे ट्रेड में यह 560.30 अंक या 2.25 फीसदी गिरकर 24,305.40 पर आ गया। मार्केट के जानकारों का कहना है कि सेशन के आखिर में हुई बिकवाली ने और गिरावट की आशंका को बढ़ा दिया है।

LKP सिक्योरिटीज में सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि बैंक निफ्टी पर मंदी का दबाव बना हुआ है। इंडेक्स 1,000 अंक से ज़्यादा गिर गया है। हालांकि बंद होने से पहले यह तेज़ी से रिकवर हो गया। ट्रेंड कमज़ोर बना हुआ है और शॉर्ट टर्म में सेल-ऑन-राइज़ स्ट्रैटेजी फ़ायदेमंद हो सकती है। RSI एक मंदी के क्रॉसओवर में है और नीचे की ओर ट्रेंड कर रहा है,जो कमज़ोर मोमेंटम का संकेत है। नीचे की तरफ़,इंडेक्स 58,000–57,500 की ओर जा सकता है। ऊपर की तरफ़, 59,500 पर रेजिस्टेंस है।

कोटक सिक्योरिटीज के हेड इक्विटी रिसर्च,श्रीकांत चौहान का कहना है कि आज,बेंचमार्क इंडेक्स में तेज़ी से गिरावट आई। निफ्टी 385 अंक नीचे बंद हुआ,जबकि सेंसेक्स 1123 अंक नीचे फिसल गया। टेक्निकली,गैप-डाउन ओपनिंग के बाद मार्केट 24,300/78500 से 24,600/79500 की रेंज में रहा। बाजार का शॉर्ट-टर्म आउटलुक कमज़ोर है लेकिन यह ओवरसोल्ड है।

ट्रेडर्स के लिए 24,300/78500 एक अहम सपोर्ट ज़ोन के तौर पर काम करेगा। अगर मार्केट इस लेवल से ऊपर बना रहता है तो तत्काल रेजिस्टेंस 24,600/79500 पर होगा। 24,600/79500 के ऊपर जाने पर यह 24,800-25,000/80000-80500 तक जा सकता है। इसके विपरीत, 24,300/78500 से नीचे गिरावट से माहौल बदल सकता है। इससे नीचे की तरफ मार्केट 24,100-24,000/78000-77800 तक फिसल सकता है। अभी मार्केट का टेक्सचर बहुत ज़्यादा वोलाटाइल है और आने वाले समय में भी इसके वोलाटाइल रहने की उम्मीद है।

बोनान्ज़ा के रिसर्च एनालिस्ट अभिनव तिवारी का कहना है कि शर्ट टर्म में मार्केट में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है। अगर क्रूड ऑयल की कीमतें और बढ़ती हैं तो मैक्रो प्रेशर बढ़ सकता है। जियोपॉलिटिकल तनाव घटने के किसी भी संकेत से शॉर्ट टर्म रिलीफ रैली शुरू हो सकती है। हमें सावधान रहना चाहिए और FMCG,फार्मा और यूटिलिटीज जैसे डिफेंसिव सेक्टर पर ही फोकस करना चाहिए। साथ ही तेल की कीमतों, FII फ्लो और ग्लोबल डेवलपमेंट पर भी करीब से नज़र रखनी चाहिए।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च हेड, विनोद नायर का कहना है कि मिडिल ईस्ट में चल रहे टेंशन और होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने से ग्लोबल रिस्क सेंटिमेंट कमज़ोर बना हुआ है। इससे तेल की कीमतें भी वोलाटाइल रहीं। महंगाई के असर और CAD बढ़ने की संभावना के कारण भारतीय इक्विटी बाजार में भी रिस्क से बचने वाला माहौल दिखा। INR का लगातार कमजोर होना भी एक बड़ी चिंता बात बनी हुई है। विदेशी निवेशकों की निकासी से मार्केट में शॉर्ट-टर्म वोलैटिलिटी देखने को मिल रही है।

इन्वेस्टर्स को सलाह होगी कि वे पैनिक में सेल-ऑफ से बचें और एक डिसिप्लिन्ड,लॉन्ग-टर्म नज़रिया अपनाएं और अगले कुछ हफ़्तों तक सब्र रखें। मौजूदा प्राइस लेवल मीडियम से लॉन्ग-टर्म के लिए एक स्ट्रेटेजिक एंट्री प्वाइंट दे सकते हैं।

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