
Crude oil options contracts : बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव के बीच MCX और NSE ने क्रूड ऑयल ऑप्शन कॉन्ट्रैक्ट में उपलब्ध स्ट्राइक प्राइस की संख्या बढ़ा दी है। पहले MCX ने अपने क्रूड ऑयल ऑप्शन कॉन्ट्रैक्ट में उपलब्ध स्ट्राइक प्राइस की संख्या बढ़ाई। इके बाद NSE ने भी इस बारे में एक सर्कुलर जारी करते हुए बताया कि उसने भी क्रूड ऑयल ऑप्शन कॉन्ट्रैक्ट में उपलब्ध स्ट्राइक प्राइस की संख्या बढ़ाने का फैसला लिया है। एक्सचेंजों ने कहा है कि यह फैसला इसलिए लिया गया है ताकि यह पक्का हो सके कि पर्याप्त स्ट्राइक उपलब्ध हों और मार्केट पार्टिसिपेंट्स के लिए सही प्राइस रेंज कवर हो सके।
MCX ने 2 मार्च से फ्यूचर्स पर क्रूड ऑयल ऑप्शंस (100 बैरल) और फ्यूचर्स पर क्रूड ऑयल मिनी ऑप्शंस (10 बैरल) के लिए “स्ट्राइक्स की संख्या” पैरामीटर को संशोधित किया है। पहले MCX कॉन्ट्रैक्ट्स में 25 इन-द-मनी (ITM) स्ट्राइक, 25 आउट-ऑफ-द-मनी (OTM) स्ट्राइक और एक नियर-द-मनी स्ट्राइक (25-1-25) होता था। जिसे अब बढ़ाकर 75 ITM स्ट्राइक, 75 OTM स्ट्राइक और एक नियर-द-मनी स्ट्राइक (75-1-75) कर दिया गया है। इस बदलाव से ट्रेडर्स के लिए उपलब्ध प्राइस रेंज बढ़ गई है। MCX ने कहा कि यह बदलाव चल रहे कॉन्ट्रैक्ट्स और अभी लॉन्च होने वाले कॉन्ट्रैक्ट्स,दोनों पर लागू होगा।
स्टैंडर्ड (100 बैरल) और मिनी (10 बैरल) क्रूड ऑयल ऑप्शन कॉन्ट्रैक्ट दोनों के लिए स्ट्राइक प्राइस इंटरवल 50 रुपये बना रहेगा।
NSE ने भी अपने WTI क्रूड ऑयल ऑप्शंस ऑन फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट्स के स्ट्राइक नंबर में किया बदलाव
NSE ने भी अपने WTI क्रूड ऑयल ऑप्शंस ऑन फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट्स के स्ट्राइक की मिनिमम संख्या में बदलाव किया है, जो आज से लागू है। 2 मार्च, 2026 को जारी एक सर्कुलर में एक्सचेंज ने कहा है कि CRUDEOIL ऑप्शंस ऑन फ्यूचर्स (OPTFUT) कॉन्ट्रैक्ट के लिए ‘मिनिमम नंबर ऑफ़ स्ट्राइक्स’ पैरामीटर को बढ़ा दिया गया है ताकि मार्केट पार्टिसिपेंट्स के लिए स्ट्राइक प्राइस की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।
मार्च 2026 और उसके बाद खत्म होने वाले कॉन्ट्रैक्ट पर लागू होगा यह बदलाव
बदले हुए फ्रेमवर्क के तहत,मिनिमम स्ट्राइक को 25 इन-द-मनी (ITM), 25 आउट-ऑफ-द-मनी (OTM) और एक नियर-द-मनी स्ट्राइक (51 कॉल ऑप्शन और 51 पुट ऑप्शन) से बढ़ाकर 50 ITM, 50 OTM और एक नियर-द-मनी स्ट्राइक कर दिया गया है। इसका मतलब है कि अब 101 कॉल ऑप्शन (CE) और 101 पुट ऑप्शन (PE) स्ट्राइक होंगे। NSE ने कहा है कि बदला हुआ स्ट्राइक स्ट्रक्चर मार्च 2026 और उसके बाद खत्म होने वाले कॉन्ट्रैक्ट पर लागू होगा।
एक्सचेंजों ने कहा कि यह फैसला इसलिए लिया गया ताकि यह पक्का हो सके कि बाजार पर्याप्त स्ट्राइक मौजूद हों और मार्केट पार्टिसिपेंट्स के लिए सही प्राइस रेंज कवर हो सके। एक्सचेंजों ने कहा है कि ये फैसला मौजूदा जियोपॉलिटिकल टेंशन और युद्ध के हालात में पैदा हुई जरूरतों के ध्यान में रखकर लिया गया है। अगर ज़रूरत पड़ी तो वे स्ट्राइक प्राइस को और बढ़ा सकते हैं।
28 फरवरी को,इज़राइल और अमेरिका ने मिलकर ईरान में अलग-अलग जगहों पर हमला किया,जिससे एक बड़ी लड़ाई शुरू हो गई है। बाद में ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने का ऐलान किया। होर्मुज स्ट्रेट के जरिए ही दुनिया भर में कच्चे तेल की काफी ज्यादा सप्लाई होती। इसके बंद होने से कच्चे तेल की कीमतों में तेज़ी आ गई है।