
Market trend : वेव्स स्ट्रैटेजी एडवाइजर्स के फाउंडर और CEO आशीष क्याल का कहना है कि 24,728 का गैन लेवल अब एक अहम सपोर्ट ज़ोन बन गया है। प्राइस एक्शन को देख कर लगता है कि बाजार में बहुत गिरावट का डर नहीं है। खासकर इसलिए क्योंकि इंडेक्स भी एक पॉजिटिव टाइम साइकिल ज़ोन से गुजर रहा है। उन्होंने मनीकंट्रोल को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि यहां से 25,050 से ऊपर की तेजी गैप-फिलिंग एक्टिविटी की शुरुआत का संकेत देगी जो इंडेक्स को ऊपर की तरफ 25300 की ओर ले जा सकती है।
ईरान पर US-इजरायल स्ट्राइक के बाद मौजूदा मार्केट करेक्शन में आशीष क्याल को भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और फिनोलेक्स केबल्स में निवेश के मौके नजर आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत इलेक्ट्रॉनिक्स का आउटपरफॉर्मेंस स्टॉक में अंदरूनी बुलिश मोमेंटम को दिखाता है। जबकि, फिनोलेक्स केबल्स लगातार तीन सेशन तक पिछले दिन के हाई से ऊपर बंद हुआ है। इसे वॉल्यूम में अच्छी-खासी बढ़ोतरी का भी सपोर्ट मिला,जो मजबूत बुलिश मोमेंटम को दिखाता है।
क्या आपको लगता है कि Nifty 24,600 ज़ोन से नीचे जाएगा?
ईरान पर US-इज़राइली हमले के बाद सोमवार को Nifty में तेज गैप-डाउन ओपनिंग हुई। इंडेक्स 24600 के पास सबसे निचले लेवल पर पहुंचा,लेकिन इंट्राडे रिकवरी के साथ 24865 पर बंद हुआ। यह रिकवरी काफी अहम है क्योंकि इंडेक्स 24,728 के गैन लेवल से ऊपर बंद हुआ है,जो अब एक अहम सपोर्ट ज़ोन बन गया है। खास बात यह है कि 24,600 का लेवल 1 फरवरी के बजट डे के सबसे निचले लेवल 24,571 के भी करीब है। प्राइस एक्शन को देख कर लगता है कि बाजार में बहुत गिरावट का डर नहीं है। खासकर इसलिए क्योंकि इंडेक्स भी एक पॉजिटिव टाइम साइकिल ज़ोन से गुजर रहा है। उन्होंने मनीकंट्रोल को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि यहां से 25,050 से ऊपर की तेजी गैप-फिलिंग एक्टिविटी की शुरुआत का संकेत देगी जो इंडेक्स को ऊपर की तरफ 25300 की ओर ले जा सकती है।
अभी के हालात में आप अपने क्लाइंट्स को क्या सलाह दे रहे हैं, और इस समय आपकी पसंदीदा ट्रेडिंग स्ट्रेटेजी क्या होगी?
अभी के माहौल में क्लाइंट्स को सलाह होगी कि वे सावधान रहें और इवेंट-ड्रिवन वोलैटिलिटी को देखते हुए डेरिवेटिव्स में एग्रेसिव पार्टिसिपेशन से बचें। हालांकि, इंडेक्स ETFs के ज़रिए पोज़िशनल एक्सपोज़र लिय जा सकता है। चुनिंदा तौर पर स्टॉक-स्पेसिफिक मौके भी मिलते रह सकते हैं।
ट्रेडिंग के नज़रिए से पसंदीदा स्ट्रेटेजी यह है कि जब तक निफ्टी 24600 से ऊपर टिका रहता है डिप्स को खरीदारी के मौकों के तौर पर इस्तेमाल करें। इस लेवल से ऊपर बने रहने तक ऊपर निफ्टी के ऊपर जाने की संभावना बनी रहेगी और ये 25,050 और उसके बाद शॉर्ट टर्म में 25,300 की ओर बढ़ता दिख सकता है। ओवरनाइट अनहेज्ड पोज़िशन्स न रखना ही बेहतर होगा। अगर ओवरनाइट एक्सपोज़र ज़रूरी है,तो गैप रिस्क को मैनेज करने के लिए पोज़िशन्स को ठीक से हेज किया जाना चाहिए।
मौजूदा मार्केट करेक्शन में आप कौन से दो स्टॉक खरीदने की सलाह देंगे?
भारत इलेक्ट्रॉनिक्स
स्टॉक ने काफी मज़बूती दिखाई है,यह 2% ऊपर बंद हुआ है। जबकि ब्रॉडर इंडेक्स कल लाल निशान पर बंद हुए। यह बेहतर परफॉर्मेंस स्टॉक में अंदरूनी बुलिश मोमेंटम को दिखाता है। डेली चार्ट पर,बोलिंगर बैंड्स बढ़ने लगे हैं,जो वोलैटिलिटी में बढ़ोतरी का संकेत है। स्टॉक अब 461.65 रुपए के अपने पिछले स्विंग हाई के करीब पहुंच रहा है, जो इसका ऑल-टाइम हाई भी है। इसके ऊपर एक बड़ा ब्रेकआउट नई खरीदारी ट्रिगर कर सकता है, जिससे इसकी कीमतें 485–500 रुपए के ज़ोन की ओर बढ़ सकती हैं। नीचे की तरफ 430 रुपए पर एक ज़रूरी सपोर्ट लेवल बना हुआ है जिस पर नज़र रखनी चाहिए।
फिनोलेक्स केबल्स
स्टॉक ब्रॉडर इंडेक्स से बेहतर परफॉर्म कर रहा है। यह लगातार तीन सेशन में पिछले दिन के हाई से ऊपर बंद हुआ है। इस मूव को वॉल्यूम में अच्छी बढ़ोतरी का सपोर्ट मिला है,जो मज़बूत बुलिश मोमेंटम को दिखाता है। गिरावट को खरीदने के मौके के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है, जिसमें ऊपर का टारगेट 980–1,000 रुपए के आसपास है। जब तक नीचे की तरफ 870 रुपए का लेवल बना रहता है, तब तक इसमें तेजी की संभावना कायम रहेगी।
सोने को आम तौर पर एक सेफ़-हेवन एसेट माना जाता है। क्या आपको लगता है कि इसकी कीमतें रिकॉर्ड हाई पर वापस आएंगी?
बहुत ज़्यादा अनिश्चितता के समय इन्वेस्टर और ट्रेडर अक्सर सोना-चांदी और दूसरे कीमती मेटल जैसे सेफ़-हेवन एसेट की ओर रुख करते हैं। हाल ही में US-ईरान के बीच तनाव ने एक बार फिर सोने की कीमतों में नई जान भर दी है। अगर हालात ऐसे ही बिगड़ते रहे तो सोना 29 जनवरी के अपने हाई को फिर से टेस्ट कर सकता है। अभी, यह मेटल अपने ऑल-टाइम हाई से लगभग 7% नीचे ट्रेड कर रहा है। यह एक ऐसा गैप है जो वोलैटिलिटी में तेज़ बढ़ोतरी को देखते हुए जल्दी से भरा जा सकता है। जब तक कि नीचे की तरफ़ 1,59,800 रुपये प्रति 10 ग्राम का लेवल कायम है, इसमें तेजी की संभावना कायम रहेगी। साथ ही, रुपए में गिरावट से भारत में सोने की कीमतों को मदद मिल रही है।
ट्यूब इन्वेस्टमेंट्स ऑफ इंडिया (Tube Investments of India) में कल 3 फीसदी की बढ़त देखने को मिली। यह हायर हाई-हायर लो फॉर्मेशन बनाए हुए है। क्या चार्ट बताते हैं कि इस स्टॉक पर बुलिश रहना समझदारी है?
पिछले सेशन में 6% के तेज़ गैप-डाउन के साथ खुलने के बावजूद,ट्यूब इन्वेस्टमेंट्स ने 3 फीसदी ऊपर बंद होने के लिए मज़बूत रिकवरी की। यह एक शानदार 9 फीसदी इंट्राडे स्विंग था,जो मज़बूत अंदरूनी बुलिश मोमेंटम को दिखाता है। स्टॉक ने राउंडिंग बॉटम पैटर्न से ब्रेकआउट दिया है,जो डेली ट्रेंड में संभावित उलटफेर का संकेत है।
स्टॉक पिछले तीन सेशन से लगातार ऊपरी बोलिंगर बैंड्स के ऊपर बंद हो रहा है। साथ ही हायर हाई और हायर लो का फॉर्मेशन भी बना है जो बुलिश मोमेंटम का एक साफ़ संकेत है। जब तक नीचे की तरफ 2,530 रुपए का लेवल कायम रहता है,तब तक अपट्रेंड बना रहेगा। इस अपट्रेंड में स्टॉक ऊपर की तरफ 3,080 रुपए और उससे ऊपर भी जा सकता है।
क्या आपको लगता है कि मुथूट फाइनेंस आज की रैली को देखते हुए,मार्केट में कमजोरी के बावजूद बॉटम आउट हो गया है?
स्टॉक ने नवंबर 2025 में बने गैप को सफलतापूर्वक भर दिया है और अब यह 3,340–3,540 रुपए रेंज के गैप सपोर्ट ज़ोन के पास कंसोलिडेट हो रहा है। 3,540 रुपए से ऊपर एक निर्णायक ब्रेकआउट संभावित शॉर्ट-टर्म रिकवरी का पहला संकेत होगा। हालांकि, जब तक स्टॉक 3,540 रुपए के लेवल से ऊपर टिके रहने के मजबूत संकेत नहीं देता तब तक शॉर्ट-टर्म बॉटम की पुष्टि करना जल्दबाजी होगी। ऐसा होने तक स्टॉक एक दायरे में घूमता दिख सकता है।
क्या आपको लगता है कि आने वाले सेशन में बैंक निफ्टी अपने 100 डे EMA से नीचे जाएगा या यह निफ्टी 50 से बेहतर परफॉर्म करता रहेगा?
बैंक निफ्टी ने अपने 100 डे EMA 59,148 के पास सपोर्ट लिया और बाउंस हुआ,जिससे बड़ा ट्रेंड पॉजिटिव बना रहा। जब तक कि यह इस लेवल से नीचे बंद नहीं होता तब तक इसमें तेजी की संभावना कायम रहेगी।
निफ्टी 50 की तुलना में,बैंक निफ्टी काफी मजबूत बना हुआ है। निफ्टी का हालिया लो (24,603) 1 फरवरी के लो से सिर्फ 0.18% दूर है। जबकि बैंक निफ्टी अभी भी अपने फरवरी के लो से लगभग 2.28% (1,400 अंक) ऊपर है। ये बेहतर रिलेटिव पोजिशनिंग और ऊपर जाने की संभावना दिखाता है। 60,180 से ऊपर का ब्रेक सोमवार के सेशन में बने गैप को भरने की कोशिश हो सकती है। 60,400 के लेवल से ऊपर जाने पर संभावित शॉर्ट कवरिंग का पहला संकेत मिलेग।
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