
Gold Smuggling : पर्सनल यूज के नाम पर ड्यूटी फ्री लिमिट से ज्यादा गोल्ड देश में लाने वाले यात्रियों के खिलाफ कस्टम के बाद अब आयकर विभाग का भी शिकंजा कसने वाला है। सीएनबीसी-आवाज़ को सूत्रों के हवाले से जानकारी मिली है कि आयकर विभाग ऐसे यात्रियों कैपिटल गेन्स टैक्स के साथ-साथ ITR की भी जांच करेगा ताकि यह पता लगाया जा सके की यात्रियों द्वारा लाया गया गोल्ड उनकी आय से मैच करता है कि नहीं। इसका मकसद ह्यूमन कुरियर के जरिए होने वाले गोल्ड स्मग्लिंग पर लगाम लगाना है।
IT विभाग भेजेगा कैपिटल गेन्स टैक्स की डिमांड
इस पर ज्यादा जानकारी के साथ सीएनबीसी-आवाज़ संवाददाता आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि दुबई से गोल्ड स्मग्लिंग के मामले में IT विभाग एक्शन में दिख रहा है। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबित ड्यूटी फ्री लिमिट से ज्यादा गोल्ड ज्वेलरी के मामलों में ITR की जांच होगी। हाल में कई मामलों में देखने को मिला है कि जब कस्टम विभाग ने गोल्ड की जब्ती की तो दिल्ली HC ने आरोपियों के हक में फैसला दिया गया और पर्सनल यूज के नाम पर उनको रिलीफ दी गई। सूत्रों के मुताबिक कस्टम विभाग को ज्वेलरी या आज के रेट में पूरी कीमत चुकाने को कहा गया है। याचिकाकर्ता को पुरानी दर पर ड्यूटी और पेनल्टी चुकाने को कहा गया है। ऐसे मामलों में IT विभाग कैपिटल गेन्स टैक्स की डिमांड भेजेगा।
कस्टम और आयकर विभाग मिल कर करेंगे काम
इस बात की आशंका है कि तस्करों का एक बड़ा रैकेट है जो ह्यूमन कुरियर के जरिए पर्सनल यूज के नाम पर बड़े पैमाने पर सोने की तस्करी करता है। नियम के मुताबिक कोई महिला पर्सनल यूज के लिए 40 ग्राम और पुरुष 20 ग्राम से ज्यादा गोल्ड नहीं ला सकता है। अब जहां नियमों का उल्लंघन होगा वहां कस्टम और आयकर विभाग मिल कर एक्शन लेंगे। बता दें कि कस्टम विभाग ने 2022-23 में करीब 60-70 किलो ज्वेलरी जब्त की है। इसकी मौजूदा कीमत करीब तीन गुना है।