
विदेशी ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने वीवर्क इंडिया पर कवरेज शुरू किया है। 18 नवंबर को इसका शेयर कंपनी के शेयरों पर देखने को मिला। कंपनी के शेयर 11:25 बजे करीब 4 फीसदी चढ़कर 639 रुपये पर चल रहे थे। जेफरीज ने वीवर्क इंडिया के शेयरों को खरीदने की सलाह दी है। उसने शेयरों के लिए 790 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। इसका मतलब है कि 17 नवंबर को क्लोजिंग प्राइस से यह स्टॉक 29 फीसदी तक चढ़ सकता है।
वीवर्क इंडिया के लिए अच्छी संभावनाएं
जेफरीज ने कहा है कि WeWork India रेवेन्यू के लिहाज से इंडिया की सबसे बड़ी फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस ऑपरेटर है। कंपनी की ग्रोथ तेज रही है। ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि इस वजह से वीवर्क इंडिया के लिए आगे अच्छी संभावनाएं दिख रही हैं। इंडिया में वीवर्क इंडिया की मजबूत पोजीशन है। इससे प्रतिद्वंद्वी कंपनियों के मुकाबले इसका एवरेज रेवेन्यू पर मेंबर (ARPM) और मार्जिन ज्यादा है।
रेवेन्यू का सीएजीआर 22% रहने का अनुमान
ब्रोकरेज फर्म ने वीवर्क इंडिया के रेवेन्यू का सीएजीआर FY25 से FY28 के बीच 22 फीसदी रहने का अनुमान जताया है। इस दौरान EBITDA की ग्रोथ सालाना 28 फीसदी रहन का अनुमान है। वीवर्क इंडिया 10 अक्तूबर को बीएसई और एनएसई में लिस्ट हुई थी। यह आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) था। इसका मतलब है कि आईपीओ से कंपनी को पैसे नहीं मिले।
8 शहरों में कंपनी के 68 सेंटर्स हैं
वीवर्क इंडिया के प्रमोटर एम्बैसी बिल्डकॉन एलएलपी ने आईपीए में अपने शेयर बेचे थे। दूसरे इनवेस्टर Ariel Way Tenant ने भी अपने शेयर बेचे थे। वीवर्क इंडिया की शुरुआत 2017 में हुई थी। अभी 8 शहरों में कंपनी के 68 सेंटर्स हैं। यह 1.14 लाख डेस्क ऑफर करती है। इसकी कुल कपैसिटी में बेंगलुरु की हिस्सेदारी 46.1 फीसदी और मुंबई की 23.93 फीसदी है।
कंपनी को 20 फीसदी ग्रोथ की उम्मीद
कंपनी के एमडी और सीईओ करण विरवानी ने पिछले हफ्ते सीएनबीसी-टीवी18 को इंटरव्यू में बताया था कि कंपनी का रेवेन्यू बेस इंडस्ट्री की किसी दूसरी कंपनी के मुकाबले 30-40 फीसदी ज्यादा है। इसमें स्केल और स्ट्रॉन्ग डिमांड का हाथ है। उन्होंने ग्रोथ स्ट्रॉन्ग बने रहने का अनुमान जताया था। उन्होंने कहा था, “हमें ग्रोथ 20 फीसदी से ज्यादा रहने की उम्मीद है।”
आईपीओ में 648 रुपये भाव पर शेयर एलॉट
वीवर्क इंडिया का प्रॉफिट ऑफर टैक्स (PAT) सितंबर तिमाही में 6.4 करोड़ (पिछले साल के टैक्स क्रेडिट को छोड़कर) रुपये रहा। इस दौरान रेवेन्यू साल दर साल साल आधार पर 17 फीसदी बढ़कर 585 करोड़ रुपये रहा। यह कंपनी का सबसे ज्यादा तिमाही रेवेन्यू है। 17 नवंबर को कंपनी का शेयर 1.24 फीसदी गिरकर 614 रुपये पर बंद हुआ था। कंपनी ने आईपीओ में इनवेस्टर्स को 648 रुपये पर शेयर इश्यू किए थे।