Fintech Stocks: Apple का बिग प्लान, फिसले Pine Labs समेत ये फिनटेक शेयर – fintech stocks slip pine labs falls 3 percent one mobikwik down 1 percent after report on apple pay india plans



Fintech Stocks: न्यूज एजेंसी ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के आंच में भारतीय पेमेंट्स और फिनटेक कंपनियों के शेयर आज फिसल गए। इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि आईफोन (iPhone) बनाने वाली एपल (Apple) भारत में इस साल 2026 में 4-6 महीने के भीतर एपल पे (Apple Pay) लॉन्च करने की योजना बना रही है। इसे लेकर कंपनी बैंकों और कार्ड नेटवर्क के साथ बातचीत कर रही है। इसके चलते पहले से ही भारी कॉम्पटीशन वाले देश के डिजिटल पेमेंट्स स्पेस में कॉम्पटीशन बढ़ने के आसार हैं। इसके चलते पाइन लैब्स (Pine Labs) के शेयर करीब 3% और मोबीक्विक की वन मोबीक्विक सिस्टम्स (One MobiKwik Systems) 1% से अधिक टूट गया। पेटीएम (Paytm) की पैरेंट कंपनी वन97 कम्युनिकेशंस (One97 Communicatiosn) का शेयर आधे फीसदी से अधिक फिसल पड़े।

कहां तक आगे बढ़ा Apple Pay पर काम?

न्यूज एजेंसी ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक एपल की योजना भारत में एपल पे लॉन्च करने की है जिसके लिए यह एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank), आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank) और एक्सिस बैंक (Axis Bank) के साथ बातचीत कर रही है। साथ ही यह वैश्विक कार्ड नेटवर्क्स वीजा (Visa) और मास्टरकार्ड (Mastercard) के साथ भी बातचीत कर रही है। नियामकीय मंजूरी और फाइनल टाइमलाइन के साथ एपल पे कार्ड-बेस्ड पेमेंट्स के साथ यूपीआई को सपोर्ट कर सकती है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक एपल पे कार्ड वाले पेमेंट्स के साथ-साथ UPI (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) को सपोर्ट कर सकती है। यूपीआई के जरिए पैसों का तुरंत लेन-देन होता है जिसका देश के डिजिटल पेमेंट्स स्पेस में काफी दबदबा है। एपल पे वेबसाइट्स और ऐप्स पर टैप-टू-पे के जरिए पेमेंट के लिए फेस आईडी और टच आईडी पर काम करता है।

अभी PhonePe और Google Pay का है दबदबा

भारत दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते डिजिटल पेमेंट मार्केट में से एक है। यहां फोनपे (PhonePe) और गूगल पे (Google Pay) के साथ-साथ पेटीएम (Paytm) जैसी घरेलू कंपनियों का दबदबा है। ऐसे में इस सेगमेंट में एपल की एंट्री को लेकर मौजूदा कंपनियों और निवेशकों की नजर रहेगी। एपल पे के लॉन्च होने से कंज्यूमर्स के लिए विकल्प बढ़ेंगे लेकिन तुरंत ही यह किसी की जगह नहीं ले लेगी, फिर भी निवेशकों में इसके लॉन्ग टर्म इफेक्ट को लेकर घबराहट दिखी। यह घबराहट इसलिए क्योंकि इस सेगमेंट में एपल की एंट्री से पेमेंट्स इकोसिस्टम के प्रीमियम एंड में कॉम्पटीशन तेज हो सकता है, खासतौर से इसलिए क्योंकि इस सर्विस में बॉयोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन का इस्तेमाल होता है और एपल डिवाइसेज इस मामले में पूरी तरह से लैस हैं।

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।



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