
IRFC Stake Sell: सरकारी रेल कंपनी Indian Railway Finance Corporation यानी IRFC के शेयर बुधवार को फोकस में रह सकते हैं। निवेश और लोक संपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) के सचिव ने कहा है कि सरकार कंपनी में 2 प्रतिशत हिस्सेदारी ऑफर फॉर सेल यानी OFS के जरिए बेचेगी। इसके साथ 2 प्रतिशत का ग्रीन शू ऑप्शन भी रखा गया है।
OFS का फ्लोर प्राइस 104 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। नॉन-रिटेल इनवेस्टर्स के लिए इश्यू 25 फरवरी को खुलेगा। वहीं, रिटेल इनवेस्टर्स 26 फरवरी को बोली लगा सकेंगे। अगर ग्रीन शू ऑप्शन पूरा इस्तेमाल होता है, तो कुल हिस्सेदारी बिक्री 4 प्रतिशत तक पहुंच सकती है। घोषणा से पहले 24 फरवरी को NSE पर IRFC का शेयर 2.19 प्रतिशत गिरकर 109.40 रुपये पर बंद हुआ।
तिमाही नतीजे और ऑपरेशनल अपडेट
यह हिस्सेदारी बिक्री कंपनी के हालिया बिजनेस अपडेट के बाद आई है। जनवरी में IRFC ने बताया था कि उसने चालू वित्त वर्ष के पहले नौ महीनों में ही 60,000 करोड़ रुपये के पूरे साल के सैंक्शन गाइडेंस का लक्ष्य हासिल कर लिया है। यह जानकारी दिसंबर तिमाही के नतीजों के साथ साझा की गई थी।
दिसंबर तिमाही में कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 10.5 प्रतिशत बढ़कर 1,802 करोड़ रुपये हो गया, जो अब तक का सबसे ऊंचा तिमाही मुनाफा है। हालांकि रेवेन्यू 1.5 प्रतिशत घटकर 6,661 करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले 6,763 करोड़ रुपये था। इसकी वजह रेल मंत्रालय द्वारा एक प्रोजेक्ट लीज समझौते पर एक साल का मोरेटोरियम बढ़ाया जाना था, जिससे रेवेन्यू बुकिंग पर असर पड़ा।
एसेट्स और डिस्बर्समेंट पर अपडेट
IRFC के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मनोज कुमार दुबे ने कहा कि 30,000 करोड़ रुपये के डिस्बर्समेंट टारगेट पर कंपनी आगे बढ़ रही है। तीसरी तिमाही के अंत तक करीब तीन चौथाई राशि जारी की जा चुकी है। कंपनी का एसेट अंडर मैनेजमेंट बढ़कर रिकॉर्ड 4.75 लाख करोड़ रुपये हो गया है। साथ ही, कंपनी ने शून्य एनपीए का दर्जा बरकरार रखा है।
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