
टाटा संस (Tata Sons) के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने 24 फरवरी को CNBC-TV18 से बातचीत में कहा कि उनके कार्यकाल बढ़ाने के फैसले को टालने की सिफारिश उन्होंने खुद की थी। उन्होंने साफ कहा कि टाटा ग्रुप के कामकाज या रणनीति में कोई बदलाव नहीं होगा।
उन्होंने कहा, ‘मैंने ही सुझाव दिया कि मेरे विस्तार पर फैसला फिलहाल टाल दिया जाए। टाटा ग्रुप के लिए कुछ भी नहीं बदलता।’
नोएल टाटा के साथ मतभेद की चर्चा
इससे पहले खबर आई थी कि Tata Group ने अगले पांच साल के लिए चंद्रशेखरन की दोबारा नियुक्ति पर फैसला टाल दिया है। बताया गया कि Tata Trusts के चेयरमैन नोएल टाटा के साथ कुछ मुद्दों पर मतभेद उभरकर सामने आए थे।
62 वर्षीय चंद्रशेखरन ने 1987 में Tata Group में अपने करियर की शुरुआत की थी। 2009 में वह टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के सीईओ बने। इसके बाद फरवरी 2017 में उन्होंने Tata Sons के चेयरमैन का पद संभाला।
बोर्ड बैठक में क्या उठा मुद्दा
हालिया बोर्ड बैठक में नोएल टाटा ने समूह की कुछ कंपनियों में हो रहे नुकसान को लेकर चिंता जताई। रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने चंद्रशेखरन से लिखित आश्वासन भी मांगा कि Tata Sons भविष्य में पब्लिक लिस्टिंग की दिशा में कदम नहीं उठाएगा।
कई बोर्ड मेंबर का समर्थन
कई निदेशकों ने चंद्रशेखरन का समर्थन किया और कहा कि कुछ कंपनियों में आई चुनौतियों को पूरे समूह के प्रदर्शन से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। उनका मानना था कि चेयरमैन का ट्रैक रिकॉर्ड मजबूत रहा है।
हालांकि कुछ सदस्यों ने औपचारिक मतदान की मांग की, लेकिन अंत में बताया गया कि चंद्रशेखरन ने खुद ही निर्णय टालने की सिफारिश की।
टाटा इनवेस्टमेंट के शेयरों का हाल
Tata Investment Corporation का शेयर मंगलवार को एनएसई पर 2.94 प्रतिशत गिरकर 668 रुपये पर बंद हुआ। पिछले एक महीने में स्टॉक 10.50% चढ़ा है। वहीं, 1 साल में इसने 16.07% का रिटर्न दिया है। 5 साल में इसने 501% का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है।