
OpenAI Offices in India: चैट जीपीटी (ChatGPT) की पैरेंट कंपनी ओपनएआई (OpenAI) इस साल के आखिरी महीनों में बेंगलुरु और मुंबई में अपना ऑफिस खोलने वाली है। यह इसकी दुनिया के सबसे बड़े बाजारों में शुमार एक बाजार में अपनी मौजूदगी बढ़ाने की स्ट्रेटजी का एक हिस्सा है। अपनी इसका ऑफिस दिल्ली में है और अब इसका विस्तार बेंगलुरु-मुंबई तक करने की है। ओपनएआई का यह कदम भारत के लिए उसकी रणनीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य देश भर में एआई तक एक्सेस बढ़ाना, स्वदेशी एआई क्षमताओं को मजबूत करना है तो साथ ही इसका लक्ष्य एंटरप्राइज और वर्कफोर्स के ट्रांसफॉर्मेशन की स्पीड तेज करना है।
क्या कहना है OpenAI के सीईओ सैम आल्टमैन का?
ओपनएआई के सीईओ सैम आल्टमैन का कहना है कि भारत पहले से एआई को अपनाने की दिशा में सुपरफास्ट स्पीड से आगे बढ़ रहा है। सैम के मुताबिक भारतीयों के तकनीकी स्तर पर बेहतरीन टैलेंट; देश के लिए एआई क्या कर सकता है, इसे लेकर पॉजिटिव सोच; और सरकार के मजबूत सपोर्ट के दम पर यह अपने भविष्य और बड़े पैमाने पर डेमोक्रेटिक एआई को अपनाने को लिए मजबूत स्थिति में है। उन्होंने आगे कहा कि ओपनएआई के जरिए वह भारत के साथ, भारत के लिए और भारत में एआई के निर्माण के लिए जरूरी बुनियादी ढांचे यानी इंफ्रास्ट्रक्चर, स्किल और स्थानीय साझेदारी बनाने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।
ChatGPT के देश में 10 करोड़ से अधिक वीकली यूजर्स
ओपनएआई की चैटजीपीटी का तेजी से विस्तार हो रहा है। भारत में बात करें तो स्टूडेंस्, डेवलपर्स, एडुकेटर्स और एंटरप्राइजेज में इसके देश भर में 10 करोड़ से अधिक वीकली चैटजीपीटी यूजर्स हैं। वहीं दुनिया भर में इसके 80 करोड़ से अधिक वीकली एक्टिव यूजर्स हैं।
OpenAI का तेजी से बढ़ रहा भारत में कारोबार
ओपनएआई तेजी से भारत में अपना कारोबारी विस्तार कर रही है। अभी हाल ही में इसने जोमैटो (Zomaot) की पैरेंट कंपनी एटर्नल (Eternal) से हाथ मिलाया था। एटर्नल के खुलासे के मुताबिक इसका जोमैटो, ब्लिंकिट (Blinkit), डिस्ट्रिक्ट (District), हाइपरप्योर (Hyperpure) और फीडिंग इंडिया (Feeding India) जैसे अपने प्लेटफॉर्म पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को मजबूत करना है। साथ ही इस साझेदारी का दायरा एटर्नल की AI-नेटिव वेंचर नगेट (Nugget) तक भी बढ़ाने का ऐलान हुआ था।
पिछले साल SpaceX को छोड़ दिया था पीछे
चैटजीपीटी बनाने वाली कंपनी ओपनएआई पिछले साल दुनिया की सबसे बड़ी स्टार्टअप बन गई थी। अक्टूबर 2025 में कंपनी का वैल्यूएशन बढ़कर करीब $500 करोड़ पहुंच गया और इसके साथ ही इसने वैल्यूएशन के मामले में एलॉन मस्क (Elon Musk) की कंपनी स्पेसएक्स (SpaceX) को भी पीछे छोड़ दिया था।