
Nifty Outlook: निफ्टी 50 इंडेक्स ने शुक्रवार को हल्की वापसी की और गुरुवार की 365 अंकों की तेज गिरावट से कुछ हद तक संभला। गुरुवार की बिकवाली अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू राजनीतिक तनाव के कारण आई थी, जिससे बाजार में घबराहट दिखी थी।
शुक्रवार को कारोबार की शुरुआत में पहले 15 मिनट में इंडेक्स फिसला, लेकिन उसके बाद जोरदार खरीदारी देखने को मिली। अगले तीन घंटों में निफ्टी करीब 300 अंक चढ़ गया। आखिर में यह 116 अंक की बढ़त के साथ 25,571 पर बंद हुआ।
किन शेयरों में रही तेजी और गिरावट
हिंदाल्को, एनटीपीसी और लार्सन एंड टुब्रो टॉप गेनर्स में शामिल रहे। दूसरी ओर इटरनल, इंफोसिस और टेक महिंद्रा सबसे ज्यादा दबाव में रहे और गिरावट के साथ बंद हुए।
सेक्टोरल मोर्चे पर निफ्टी आईटी और मीडिया को छोड़कर बाकी सभी इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए। PSU बैंक, मेटल और FMCG शेयरों में सबसे ज्यादा मजबूती देखी गई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.48 प्रतिशत चढ़ा। वहीं स्मॉलकैप 100 इंडेक्स व्यापक बाजार के रुख से अलग 0.11 प्रतिशत गिर गया।
वैश्विक संकेत और कच्चे तेल की चाल
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक बाजारों में जोखिम की भावना बढ़ाई हुई है। ब्रेंट क्रूड की कीमत 71.8 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई और तीन दिनों में यह 6.6 प्रतिशत चढ़ चुका है। कच्चे तेल में यह तेजी बाजार की धारणा पर दबाव बना रही है और निवेशकों को सतर्क कर रही है।
जनवरी 2026 के लिए अमेरिका का हेडलाइन सीपीआई 2.4 प्रतिशत सालाना रहा, जो अनुमान से बेहतर है। इससे संकेत मिलता है कि महंगाई का दबाव धीरे धीरे कम हो रहा है।
अब किन फैक्टर पर नजर रहेगी
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के लगाए टैरिफ को अवैध करार दिया है। हालांकि, ट्रंप ने सभी देशों पर दोबारा 10 पर्सेंट टैरिफ लगा दिया और फिर इसे बढ़ाकर 15 पर्सेंट कर दिया है। भारत के लिए यह अभी भी फायदे की बात है क्योंकि पहले 18 पर्सेंट टैरिफ तय हुआ था।
अगले हफ्ते बाजार में सीमित दायरे में कारोबार यानी कंसोलिडेशन देखने को मिल सकता है। निवेशक भू राजनीतिक हालात, भारत-अमेरिका ट्रेड डील में प्रगति, भारत की तीसरी तिमाही जीडीपी के आंकड़े, अमेरिका के शुरुआती बेरोजगारी दावों और एआई समिट के नतीजों पर करीबी नजर रखेंगे। यही फैक्टर बाजार की अगली दिशा तय कर सकते हैं।
निफ्टी पर एक्सपर्ट की राय
HDFC Securities के नागराज शेट्टी का कहना है कि निफ्टी इस समय 25,400 के आसपास एक अहम सपोर्ट जोन के पास है। रोल रिवर्सल सिद्धांत के अनुसार जो स्तर पहले रेजिस्टेंस था, वह अब सपोर्ट की तरह काम कर सकता है। अगर निफ्टी 25,650-25,700 के ऊपर मजबूती से टिक जाता है, तो बाजार में एक और राहत वाली रैली देखने को मिल सकती है।
SBI Securities के सुदीप शाह के मुताबिक 25,400-25,350 का दायरा तुरंत सपोर्ट दे सकता है। लेकिन अगर निफ्टी 25,350 के नीचे निर्णायक रूप से टूटता है, तो गिरावट 25,150 तक और उसके बाद 25,000 के स्तर तक जा सकती है। वहीं ऊपर की ओर 25,750-25,800 का दायरा तुरंत रेजिस्टेंस के तौर पर सामने आ सकता है।
सीमित दायरे में रह सकता है बाजार
LKP Securities के रूपक डे का मानना है कि अगले कुछ सत्रों में बाजार में उतार चढ़ाव बना रह सकता है। उनके अनुसार निफ्टी 25,300 से 25,800 के बीच घूम सकता है। फिलहाल 25,500 पर तुरंत सपोर्ट दिख रहा है, जबकि 25,650 के आसपास रेजिस्टेंस है।
HDFC Securities के नंदीश शाह ने कहा कि हाल का स्विंग लो 25,372 पर है, जो अभी एक अहम सपोर्ट माना जा रहा है। अगर यह स्तर टूटता है, तो निफ्टी 200 दिन की EMA यानी 25,237 तक फिसल सकता है। वहीं 25,700 का स्तर निकट अवधि में बड़ा रेजिस्टेंस बना हुआ है।
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