Q3 Results: निफ्टी कंपनियों के मुनाफे में 3 साल बाद गिरावट, 8.1% घटा नेट प्रॉफिट; जानिए क्या है वजह – q3 results nifty companies post profit decline after 3 years net profit falls 8 1 percent what s behind it



Q3 Results: दिसंबर तिमाही (Q3FY26) में निफ्टी 50 कंपनियों के नतीजों में मिलीजुली तस्वीर देखने को मिली। एक तरफ मुनाफे में सालाना आधार पर गिरावट दर्ज की गई, वहीं दूसरी ओर रेवेन्यू ग्रोथ दो अंकों में पहुंच गई। एनालिसिस के मुताबिक, दिसंबर तिमाही में निफ्टी-50 की 37 कंपनियों का कुल शुद्ध मुनाफा पिछले साल से 8.1% घट गया। यह पिछली 13 तिमाहियों यानी सितंबर 2022 के बाद पहली बार है जब मुनाफे में सालाना आधार पर गिरावट दर्ज की गई है। इस गिरावट की बड़ी वजह नए लेबर कोड का असर रहा।

रेवेन्यू में 10% की बढ़त

मुनाफे में गिरावट के बावजूद कंपनियों का कुल रेवेन्यू ग्रोथ 10% बढ़ा। यह मार्च 2023 के बाद पहली बार है जब रेवेन्यू ग्रोथ दो अंकों में रही। ऑपरेटिंग प्रॉफिट में 7.5% की सालाना बढ़त दर्ज की गई। पिछली तिमाही में यह 6.1% और एक साल पहले 5% थी।

यह एनालिसिस बैंकों, वित्तीय सेवाओं और ऑयल-गैस कंपनियों को छोड़कर किया गया है, क्योंकि उनके रेवेन्यू मॉडल अलग होते हैं।

खपत में सुधार के संकेत

एनालिस्ट्स का कहना है कि खपत में रिकवरी के संकेत दिखे हैं। GST कटौती के बाद दिसंबर तिमाही में रेवेन्यू ग्रोथ 16% से बढ़कर 20% हो गई। ऑटो सेक्टर ने बढ़त की अगुवाई की। यहां ग्रोथ 14% से बढ़कर 21% पहुंची।

स्टेपल्स सेक्टर करीब 13% पर स्थिर रहा। ज्वेलरी सेगमेंट में सोने की ऊंची कीमतों के कारण तेजी आई। रिटेल सेक्टर में ग्रोथ सपाट रही, जबकि होटल और क्विक सर्विस रेस्टोरेंट सेगमेंट में स्थिरता दिखी।

लेबर कोड से मार्जिन पर असर

नए लेबर कोड व्यवस्था के तहत बेसिक सैलरी को कुल कॉस्ट टू कंपनी का 50% करना अनिवार्य किया गया है। इससे ग्रेच्युटी लागत बढ़ी और मार्जिन पर दबाव पड़ा। एनालिस्ट्स का अनुमान है कि इस बदलाव से कंपनियों के कुल मुनाफे पर लगभग 5% का असर पड़ा। टेक्नोलॉजी सेक्टर में 13% और डिस्क्रेशनरी सेक्टर में 6.5% तक का प्रभाव देखा गया।

इसे एकमुश्त, नॉन-कैश चार्ज बताया गया है। अगर इस प्रभाव को हटा दें तो निगेटिव सरप्राइज देने वाली कंपनियों की संख्या 47% से घटकर 27% रह जाती।

किन कंपनियों ने दिया सहारा?

टाटा स्टील, TCS और भारती एयरटेल ने सालाना आधार पर मुनाफे में 78% की बढ़ोतरी में योगदान दिया। वहीं टाटा मोटर्स (पैसेंजर व्हीकल), सिप्ला और इंटरग्लोब एविएशन ने कुल कमाई पर दबाव डाला। निफ्टी इंडेक्स में शामिल 10 कंपनियों का मुनाफा अनुमान से कम रहा। वहीं 14 कंपनियों ने अनुमान से बेहतर प्रदर्शन किया। जबकि 26 कंपनियों के नतीजे अनुमानों के मुताबिर रहे।

EBITDA के स्तर पर भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL), पावर ग्रिड, सन फार्मा और अल्ट्राटेक सीमेंट ने बेहतर प्रदर्शन किया। वहीं सिप्ला और कोल इंडिया ने कमजोर प्रदर्शन किया।

बीएसई 500 में मजबूत तस्वीर

बीएसई 500 कंपनियों का कुल मुनाफा दिसंबर तिमाही में 16% बढ़ा। इसमें एनर्जी सेक्टर में 40% और डिस्क्रेशनरी में 26% की ग्रोथ रही। टेक्नोलॉजी सेक्टर 7% की बढ़त के साथ पीछे रहा। बीएसई 500 की EBITDA मार्जिन तिमाही आधार पर 35 बेसिस पॉइंट घट गई। हालांकि आठ तिमाहियों के बाद पहली बार रेवेन्यू ग्रोथ दो अंकों में पहुंची। दिसंबर तिमाही में 37% कंपनियों ने 25% से ज्यादा का प्रॉफिट ग्रोथ दर्ज किया, जो दिसंबर तिमाही में 35% थी।

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