
Stock market crash : ईरान और अमेरिका के बढ़ते तनाव के बीच भारतीय बाजारों में तेज गिरावट देखने को मिल रही है। निफ्टी 360 अंकों से ज्यादा गिरकर 25450 के करीब बंद हुआ। बैंक निफ्टी भी 500 अंक से ज्यादा गिरा है। मिडकैप और स्मॉलकैप भी कमजोर नजर आ रहे हैं। फीयर इंडेक्स INDIA VIX 7 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है। रियल्टी शेयरों में आज सबसे ज्यादा बिकवाली हुई है। निफ्टी रियल्टी इंडेक्स करीब दो फीसदी फिसला है। वहीं कैपिटल गु्ड्स,कैपिटल मार्केट और ऑटो शेयर भी एक फीसदी से ज्यादा गिरे हैं। रियल्टी में लोढ़ा 4 फीसदी फिसलकर वायदा के टॉप लूजर्स में शामिल रहा। साथ ही NBFCs, डिफेंस और तेल-गैस शेयर भी गिरे हैं।
क्रूड कीमतों में उछाल से ONGC और OIL में खरीदारी आई है। दोनों शेयर 3 फीसदी से ज्यादा उछलकर वायदा के टॉप गेनर बने हैं। हालांकि HPCL, BPCL, इंडिगो और FMCG शेयर क्रूड की तेजी से फिसले हैं। उधर इंटरनेशनल मार्केट में ब्रेंट का भाव 71 डॉलर के करीब पहुंच गया है।
युद्ध की आहट, बाजार में घबराहट
इस बीच अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ रहा है। अमेरिका हफ्ते के अंत तक ईरान पर हमला भी कर सकता है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक अंतिम फैसला ट्रंप लेंगे। इसका असर बाजार और कच्चे तेल की कीमतों पर कितना दिख रहा है, यह बताते हुए सीएनबीसी-आवाज के आशीष वर्मा ने कहा कि अमेरिका और ईरान युद्ध के मुहाने पर हैं। हफ्ते के अंत तक ये युद्ध छिड़ सकता है। मध्यावधि चुनाव से पहले अमेरिका ईरान पर हमला कर सकता है। सूत्रों के मुताबिक अंतिम फैसला डॉनल्ड ट्रंप के हाथों में है। व्हाइट हाउस को जानकारी दे दी गई है। वेस्ट एशिया में सैन्य तैयारी बढ़ाई गई है। ईरान बॉर्डर पर US ने जहाजों का बेड़ा बढ़ा दिया है।
क्या बोला व्हाइट हाउस?
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने कहा है कि ईरान अगले कुछ हफ्तों में रुख साफ करेगा। समस्या के समाधान के लिए कूटनीति पहली पसंद है। लेकिन सैन्य विकल्प भी खुला हुआ है। डॉनल्ड ट्रंप राष्ट्रीय सुरक्षा टीम की सलाह ले रहे हैं। कैरोलिन लीविट ने आगे कहा कि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो 28 फरवरी को इजराइल जाकर बेंजामिन नेतन्याहू से मिलेंगे।
क्या कहते हैं नियम?
अमेरिकी नियमों के मुताबिक ईरान पर हमले के लिए कांग्रेस की मंजूरी जरूरी है। ट्रंप कांग्रेस की मंजूरी बिना आगे नहीं बढ़ सकते। संविधान के मुताबिक युद्ध पर कांग्रेस में वोट जरूरी है।
क्रूड में उबाल
अमेरिका-ईरान युद्ध की आहट से इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड में जोरदार तेजी आई है। इसके भाव 6 महीनों की ऊंचाई पर पहुंच गए हैं। ब्रेंट का भाव 70 डॉलर प्रति डॉलर के पार निकल गया है। अगस्त 2025 के बाद ब्रेंट 70 डॉलर के पार गया है। WTI क्रूड में भी 65 डॉलर के ऊपर कारोबार हो रहा है। MCX पर भी कच्चे तेल का भाव 6000 रुपए के करीब दिख रहा है।
क्रूड में तेजी के कारण
US-ईरान के बीच जिनेवा में बात नहीं बनी है। इससे ईरान पर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का डर बढ़ गया है। ईरान के खिलाफ इजराइल सख्त नतीजा चाहता है। इस बीच तेहरान ने कहा है कि न्यूक्लियर डील फ्रेमवर्क पर सामान्य सहमति होनी चाहिए। मेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा है कि ईरान ने US की शर्तें पूरी नहीं की हैं। जबकि, डॉनल्ड ट्रंप ने कहा है किसैन्य विकल्प अब भी खुला है। इस बीच US क्रूड स्टॉक 0.61 मिलियन बैरल घटा है। इस सबका असर क्रूड की कीमतों पर देखने को मिल रहा है।