
Stocks Crash: पिछले एक से दो साल में जिन IPO को लेकर बाजार में जबरदस्त चर्चा थी, वही शेयर अब निवेशकों के लिए सिरदर्द बन गए हैं। ये कंपनियां अपने बिजनेस मॉडल को नए जमाने का बताती थीं। लेकिन, अब इनमें से कई बड़े नाम अपने उच्चतम स्तर से 40% से 80% तक टूटे नजर आए। ऊपरी स्तर पर खरीदारी करने वाले निवेशकों को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है।
फिजिक्सवाला का स्टॉक बुधवार को 1.65% फिसलकर 102.50 रुपये पर बंद हुआ। यह शेयर कभी 161.99 रुपये के उच्चतम स्तर तक गया था। वहां से अब यह करीब 100 रुपये के आसपास ट्रेड कर रहा है। यानी टॉप पर खरीदने वाले निवेशकों को करीब 60 रुपये प्रति शेयर का नुकसान हो रहा है।
सिर्फ तीन महीने में यह शेयर करीब 33% टूट चुका है। दिसंबर 2025 तक प्रमोटर्स के पास 72.33% हिस्सेदारी है। FII के पास 12.4% और DII के पास 12.74% हिस्सेदारी दर्ज की गई है।
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यह स्टॉक बुधवार को 6.26% गिरकर 215.50 रुपये पर आ गया। यह 2024 में अपने 734 रुपये के उच्चतम स्तर से 70% टूटकर यहां पहुंचा है। एक साल में भी स्टॉक करीब 42% गिर चुका है। FII ने भी इस शेयर में अपना एक्सपोजर घटाया है। एक साल में उनकी हिस्सेदारी 9.62% से घटकर करीब 4% रह गई है।
Swiggy के शेयर ने 1% की बढ़त के साथ 334 रुपये पर क्लोजिंग दी। यह शेयर 617.30 रुपये के स्तर से गिरकर अब करीब 330 रुपये के आसपास आ चुका है। यानी लगभग 46% की गिरावट। हालांकि, यहां एक पॉजिटिव संकेत भी दिखता है। FII की हिस्सेदारी मार्च 2025 में 4.9% थी, जो दिसंबर 2025 तक बढ़कर 16.07% से ज्यादा हो गई है।
Meesho का शेयर 2.66% चढ़कर 156.49 रुपये पर बंद हुआ। यह 254.40 रुपये के उच्चतम स्तर से करीब 40% टूट चुका है। इसमें दिसंबर 2025 तक उपलब्ध शेयरहोल्डिंग पैटर्न के मुताबिक, प्रमोटर्स की हिस्सेदारी 16.76% रही, जबकि विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) के पास 4.31% और घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) के पास 5.28% हिस्सेदारी दर्ज की गई।
भाविश अग्रवाल के मालिकाना हक वाले Ola Electric ने निवेशकों का सबसे ज्यादा नुकसान कराया है। इसने बुधवार को 0.96% की बढ़त के साथ 28.25 रुपये पर क्लोजिंग दी। यह शेयर आईपीओ के बाद 157.40 रुपये के उच्चतम स्तर तक पहुंच चुका है। वहां से अब यह करीब 80% तक टूट चुका है। प्रमोटर्स की हिस्सेदारी 34.59% है। वहीं, FII के पास करीब 4% स्टेक है। ऊंचे स्तर पर खरीदने वाले निवेशकों के लिए यह गिरावट बेहद दर्दनाक रही है।
किस वजह से गिरे ये स्टॉक?
इनमें से ज्यादातर स्टॉक IPO के समय ऊंची वैल्यूएशन पर लिस्ट हुए। लेकिन, बाद में उनकी ग्रोथ और तिमाही नतीजे निवेशकों की उम्मीदों पर खरे नहीं उतर पाए। यही वजह है कि मार्केट करेक्शन के दौरान इनमें भारी क्रैश देखने को मिला। जिन निवेशकों ने लिस्टिंग के बाद या उच्च स्तर पर खरीदारी की थी, उनके पोर्टफोलियो में बड़ा नुकसान दिखाई दे रहा है।
यही वजह है कि एक्सपर्ट सिर्फ ब्रांड नाम या बाजार की चर्चा के आधार पर निवेश करने से बचने की सलाह देते हैं। शेयर बाजार में एंट्री का समय और वैल्यूएशन सबसे ज्यादा अहम होते हैं।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।