Cigarette Stocks: सिगरेट कंपनियों के शेयरों में भारी तेजी; ITC, गॉडफ्रे फिलिप्स के भाव 12% तक उछले, जानें कारण – cigarette stocks rally itc and godfrey phillips shares climb up to 12 percent here s why



Cigarette Stocks: सिगरेट कंपनियों के शेयरों में आज 18 फरवरी को तेज उछाल देखने को मिली। आईटीसी (ITC) के शेयर करीब 2 प्रतिशत बढ़कर 330.80 रुपये पर कारोबार करते दिखे। वहीं गॉडफ्रे फिलिप्स इंडिया (Godfrey Phillips India) के शेयर 12 प्रतिशत से ज्यादा चढ़कर 2,314.3 रुपये तक पहुंच गए। यह तेजी इस खबर के बाद आई कि ये कंपनियां सिगरेट के दाम बढ़ा रही है।

कीमतों में तेज बढ़ोतरी की खबर

CNBC-आवाज की एक रिपोर्ट के मुताबिक, एक्साइज ड्यूटी में बढ़ोतरी के असर को कम करने के लिए कंपनियों ने सिगरेट के दाम बढ़ा दिए हैं। इससे इन कंपनियों के प्रति सिगरेट EBIT यानी मुनाफे में सुधार होने की उम्मीद है। रिपोर्ट में कहा गया है कि गॉडफ्रे फिलिप्स इंडिया ने मार्लबोरो कॉम्पैक्ट की कीमत 9.5 रुपये प्रति स्टिक से बढ़ाकर 11.5 रुपये प्रति स्टिक कर दी है।

कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार आईटीसी के गोल्ड फ्लैक और क्लासिक (प्रीमियम) सिगरेट की कीमतों में करीब 41 प्रतिशत तक का इजाफा हुआ है। वहीं क्लासिक कनेक्ट (स्लिम्स) में 20 परसेंट औरगोल्ड फ्लेक सुपरस्टार (वैल्यू) में लगभग 19 परसेंट की बढ़ोतरी की गई है।

हालांकि मनीकंट्रोल इन खबरों की स्वतंत्र रूप पुष्टि नहीं हो सकी है।

UBS की ITC पर राय

इस बीच ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म यूबीएस (UBS) ने आईटीसी के शेयर को लेकर एक रिपोर्ट जारी की। ब्रोकरेज ने आईटीसी पर अपनी ‘बाय’ रेटिंग बरकरार रखी है। हालांकि उसने टारगेट प्राइस 420 रुपये से घटाकर 395 रुपये कर दिया है। यह नया टारगेट प्राइस मौजूदा स्तर से करीब 29% तक की संभावित तेजी दिखाता है।

UBS का कहना है कि डिस्ट्रीब्यूटर चैनल से मिली जानकारी के अनुसार प्राइस हाइक की संभावना पहले से जताई जा रही थी और अब वह लागू हो रही है। 84 मिमी सिगरेट सेगमेंट में, जिसकी टैक्स बढ़ोतरी सबसे ज्यादा रही है, कीमत 17 रुपये से बढ़कर 24 रुपये प्रति स्टिक तक जा सकती है।

ब्रोकरेज का कहना है कि प्रीमियम कैटेगरी में पूरी तरह कीमत बढ़ोतरी का असर ग्राहकों तक पहुंचा दिया गया है। वहीं 69 मिमी और 64 मिमी जैसे संवेदनशील सेगमेंट में कीमतों में बढ़ोतरी सीमित रखी गई है। इससे वॉल्यूम और EBIT पर असर कम रहने की संभावना है।

UBS का कहना है कि हालिया गिरावट के बाद ITC का वैल्यूएशन अब आकर्षक दिख रहा है और यह जोखिम लेने लायक स्तर हो सकता है।

पहले क्यों आया था दबाव?

इस साल की शुरुआत में सिगरेट कंपनियों के शेयरों में तेज गिरावट आई थी। दिसंबर में संसद ने सेंट्रल एक्साइज संशोधन बिल 2025 को मंजूरी दी थी। इसके बाद सिगरेट और तंबाकू उत्पादों पर एक्साइज ड्यूटी में बड़ी बढ़ोतरी का रास्ता साफ हुआ। 1 फरवरी से नई दरें लागू हो गईं।

इसके तहत, अब सिगरेट पर 40 प्रतिशत जीएसटी के अलावा लंबाई के हिसाब से 1,000 स्टिक पर 2,050 से 8,500 रुपये तक एक्साइज ड्यूटी लग रही है। इन टैक्स बदलावों के बाद कंपनियों ने कीमतों में बढ़ोतरी का सहारा लिया है। बाजार को उम्मीद है कि इससे मार्जिन पर दबाव कम होगा।

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