बिहार चुनाव के नतीजों के बाद शेयर बाजार ऊंची उड़ान भरने को तैयार, जानिए मोतीलाल ओसवाल ने ऐसा क्यों कहा – stock markets is ready to fly high after nda gets tumping majority in bihar assembly



मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज ने कहा है कि बिहार में एनडीए की जबर्दस्त जीत इंडियन स्टॉक मार्केट्स के लिए टॉनिक की तरह है। इससे निफ्टी 50 में जारी तेजी को नई रफ्तार मिल सकती है। ब्रोकरेज फर्म ने कहा है कि एनडीए ने बिहार में कुल 243 सीटों में से 2022 सीटें जीती हैं। उसने 46.6 फीसदी वोट शेयर हासिल किया है। इससे पॉलिसी में निरंतरता, गवर्नेंस में स्टैबिलिटी और ग्रोथ आधारित राजनीतिक माहौल को मजबूती मिली है। बिहार विधानसभा के ये नतीजे तब आए हैं, जब इकोनॉमी की सेहत अच्छी है और अर्निंग्स ग्रोथ बेहतर दिख रही है।

मोतीलाल ओसवाल की यह रिपोर्ट 17 नवंबर को स्टॉक मार्केट ओपन होने से पहले आई। बिहार विधानसभा चुनावों के नतीजे 14 नवंबर को आए थे, जिस दिन स्टॉक मार्केट में काफी उतारचढ़ाव था। हालांकि, बाद में बाजार के प्रमुख सूचकांक हरे निशान में बंद हुए थे। 17 नवंबर को भी स्टॉक मार्केट में तेजी दिखी। निफ्टी 50 आखिर में 103 प्वाइंट्स चढ़कर 26,013 पर बंद हुआ। सेंसेक्स 388 प्वाइंट्स चढ़कर 84,950 पर बंद हुआ। इससे मार्केट में तेजी का ट्रेंड जारी रहने का संकेत मिलता है।

मोतीलाल ओसवाल की रिपोर्ट में कहा गया है कि बिहार चुनाव के नतीजों से स्टॉक मार्केट्स के अच्छे दिन लौटने के संकेत मिले हैं। सरकार का फोकस रिफॉर्म्स पर है। आरबीआई भी ग्रोथ बढ़ाने वाले उपायों को प्राथमिकता दे रहा है। जीएसटी के रेट्स में कमी से इकोनॉमी में कंजम्प्शन बढ़ने के संकेत हैं। अगले महीने इंटरेस्ट रेट में कमी देखने को मिल सकती है। इसका मतलब है कि इंडियन मार्केट्स के लिए स्थितियां फेवरेबल दिख रही हैं।

इस रिपोर्ट में कहा गया है कि बीते एक साल में इंडियन मार्केट्स का प्रदर्शन बाकी उभरते बाजारों के मुकाबले कमजोर रहा है। सितंबर 2024 के मुकाबले निफ्टी 1 फीसदी गिरा है। इसके मुकाबले MSCI EM में 20 फीसदी तेजी आई है। अब पॉलिटिकल स्टैबिलिटी बढ़ने और अर्निंग्स ग्रोथ के फिर से रफ्तार पकड़ने से उभरते बाजारों और इंडियन मार्केट के रिटर्न के बीच यह फर्क घट सकता है।

सितंबर तिमाही के नतीजों को इस रिपोर्ट में बेहतर बताया गया है। मोतीलाल ओसवाल का कहना है कि दूसरी तिमाही के नतीजे उम्मीद से बेहतर रहे हैं। छोटी-बड़ी कंपनियों को मिलाकर देखा जाए तो प्रॉफिट ग्रोथ 2 फीसदी और रेवेन्यू ग्रोथ 3 फीसदी रही है। मिडकैप कंपनियों की अर्निंग्स ग्रोथ 8 फीसदी रही है। ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि यह अर्निंग्स ग्रोथ बढ़ने के शुरुआती संकेत हैं।



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